दांतों के बीच गैप यानि डायस्टेमा होता है इन कारणों से, जानिए इसके उपचार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 22, 2018
Quick Bites

  • दांतों के बीच गैप की समस्या को डायस्टेमा कहते हैं।
  • ये आपकी खूबसूरती को प्रभावित कर सकता है।
  • कई गलत आदतों के कारण होता है डायस्टेमा।

आपने देखा होगा कि कुछ बच्चों या बड़ों के दो दांतों के बीच कुछ खाली जगह बन जाती है यानि दांत एक दूसरे से सटे न रहकर दूर-दूर होते हैं। दांतों के बीच गैप को डायस्टेमा कहते हैं। लोगों के बीच आम धारणा ये है कि दांतों के बीच गैप होने से व्यक्ति की खूबसूरती प्रभावित होती है लेकिन ऐसा नहीं है। दांतों के बीच गैप यानि रिक्त स्थान की समस्या को आजकल कई तकनीकों द्वारा आसानी से ठीक किया जा सकता है। आमतौर पर दांतों के बीच गैप बच्चों को होता है और उम्र बढ़ने के साथ-साथ ये खुद ही भर जाता है। आमतौर पर ये स्थिति सामने के दांतों में ही होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि दांतों के बीच इस तरह का गैप तब होता है जब जबड़े और दांतों के बीच संतुलन ठीक नहीं बन पाता है।

क्या है डायस्टेमा

डायस्टेमा दांतों की एक ऐसी स्थिति है जिसमें दो या दो से अधिक दांतों के बीच गैप यानि खाली जगह पैदा हो जाती है। कई बार ये गैप बहुत छोटे होते हैं और दूर से देखने पर नजर नहीं आते हैं मगर कई बार ये गैप इतने बड़े होते हैं कि दूर से ही दिखाई देते हैं। बच्चों और बूढ़ों को होने वाली ये समस्या आमतौर पर ऊपर के सामने वाले दांतों में ज्यादा देखी जाती है।

इसे भी पढ़ें:- आपकी वो 5 आदतें जिनके कारण खराब और कमजोर हो रहे हैं आपके दांत

अंगूठा चूसने की आदत से डायस्टेमा

डायस्टेमा के कई कारण हो सकते हैं। आमतौर पर अगर जबड़े की हड्डी के लिहाज से आपके दांत बहुत छोटे हैं, तो दांतों के बीच गैप आ जाता है। कई बार बच्चों की गलत आदक भी दांतों के बीच इस तरह के रिक्त स्थान का कारण बनती है। जो बच्चे बचपन से अंगूठा चूसते हैं उनमें ये समस्या देखी जाती है। दरअसल बच्चे के अंगूठा चूसने की आदत के कारण नए दांत निकलते समय मसूड़ों पर दबाव पड़ता है और दांत टेढ़े-मेढ़े निकलने लगते हैं। कई बार मसूड़ों के किसी रोग या इंफेक्शन के कारण भी दांतों के बीच गैप की समस्या हो सकती है।

ये भी हो सकता है कारण

कई बार बचपन से डायस्टेमा नहीं होता है मगर बाद में खाने की गलत आदत के कारण ये समस्या हो सकती है। कुछ बच्चे जब गलत तरीके से खाना खाते हैं या खाना खाने के दौरान उनकी जीभ सामने के दांतों पर लगातार टकराती है तो धीरे-धीरे दांतों के बीच गैप हो जाता है। डेंटिस्ट इसे टंग थ्रस्ट कहते हैं।

इसे भी पढ़ें:- टूथब्रश करते समय रखें इन बातों का ध्यान, बुढ़ापे तक दांत रहेंगे मजबूत

डायस्टेमा का उपचार

आमतौर पर डायस्टेमा के लिए उपचार की जरूरत नहीं पड़ती है क्योंकि ये कोई ऐसा रोग नहीं है जिसके कारण व्यक्ति को शारीरिक परेशानी हो। मगर इसे ठीक करने के लिए आड़े-तिरछे दांतों पर तारों और ब्रैकेट्स की मदद से दबाव डाला जाता है, ताकि वो एक सीध में आ जाएं और उनके बीच का गैप भर जाए। इसके अलावा कुछ कॉस्मेटिक प्रक्रियाओं द्वारा भी इस गैप को भरा जा सकता है। अगर आपके दांतों के बीच गैप की वजह मसूड़ों का कोई रोग है, तो सबसे पहले उस रोग को ठीक करना चाहिए।

कैसे संभव है बचाव

डायस्टेमा होने के कई कारण हो सकते हैं इसलिए सबसे पहले इसके कारणों को जानकर इसका इलाज करना ठीक रहता है। मसूड़ों के संक्रमण के कारण दांतों के बीच गैप लगातार बढ़ता रह सकता है इसलिए अगर आपको संक्रमण है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बच्चों में बचपन से ही अंगूठा और उंगलियां चूसने की आदत को खत्म करने का प्रयास करना चाहिए। इसके अलावा बच्चों को खाने का सही तरीका सिखाएं और उन्हें खाना चबाकर खाने को कहें। दांतों की साफ-सफाई भी बहुत जरूरी है क्योंकि कई बार दांतों में जमें प्लाक के कारण संक्रमण फैल जाता है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Dental Health In Hindi

Loading...
Is it Helpful Article?YES2654 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK