फूड आधारित गेम खेलने से बच्चे खाते हैं अधिक

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 28, 2015
Quick Bites

  • बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए स्वस्थ और पौष्टिक आहार जरूरी है।
  • एक शोध की मानें तो फूड आधारित गेम खेलने से बच्चे अधिक खाते हैं।
  • इन गेम्स में बने फूड वाले गेम खेलकर उनकी उत्सुकता बढ़ती जाती है।
  • नीदरलैंड स्थिति राडबॉड यूनिवर्सिटी ने इस पर शोध कार्य किया है।

बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए उनके खानपान पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। लेकिन अक्सर बच्चे खाने से भागते हैं, ऐसे में माता-पिता के लिए समस्या बढ़ जाती है और वे सोचते हैं कि बच्चों को किस तरह से खिलायें। एक शोध में अभिभावकों की इस समस्या का समाधान खोज निकाला है। इस शोध की मानें तो इस तरीके को अपनाने से बच्चे खाने के प्रति अधिक आकर्षित होते हैं और उनको जरूरी कैलोरी मिल जाती है। इस लेख में विस्तार से जानते हैं उस शोध के बारे में।

 

क्या कहता है शोध

बच्चों को खेलना बहुत पसंद है खासकर वीडियो गेम्सर। अगर कोई गेम ऐसा भी हो आहारों पर आधासरित हो और इसे खेलने से बच्चें खाने के प्रति अधिक सजग हो जायें तो क्या कहने। नीदरलैंड स्थित रॉडबौड युनिवर्सिटी द्वारा किये गये शोध की मानें तो बच्चों को फूड पर बने वीडियो गेम खिलाने से ऐसा हो सकता है।

 

Your Kids Eat More in Hindi


इस शोध की मानें तो कैंडी और दूसरे फूड पर बने वीडियो गेम खेलने से बच्चेल 55 प्रतिशत अधिक खाते हैं। दरअसल स्नैमक्स और कैंडी बने गेम को खेलने के बाद बच्चों की रुचि इनमें बढ़ती है। नीदरलैंड में इसके लिए एक हजार बच्चों पर शोध किया गया। शोधकर्ताओं की मानें तो बच्चे जब इस गेम के लोगो और उसके दूसरे शेप को गेम के रूप में देखकर खेलते हैं और बाहर बाजार में उनको वे देखते हैं तो उनके प्रति उनकी रुचि बढ़ जाती है और वे इसे बड़े चाव से खाते हैं। इतना ही नहीं बच्चे  इसके बारे में दूसरे बच्चोंक को भी बताते हैं। शोध में यह देखा गया कि गेम खेलने के बाद बच्चों ने 72 कैलोरी का सेवन फूड और कैंडी के रूप में किया। इससे बच्चों में हेल्दी  खाने की क्षमता का भी विकास होता है।

 

बच्चों को ये आदतें भी सिखायें

  • बच्चों की परवरिश के साथ उनको हेल्दी आदतें सिखाना बहुत जरूरी है। बच्चों को बचपन से ही नियमित रूप से एक्सरसाइज और योग की आदत डालें। बच्चों को सामान्यत योगासन जैसे – ताड़ासन, पद्मासन और भुजंगासन करा सकते हैं।
  • वर्तमान में बच्चों के लिए जंक फूड एक खतरे की तरह है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की मानें तो भारत में स्कूल जाने वाले 20 प्रतिशत बच्चे ओवरवेट हैं और यह एक महामारी की तरह फैल रहा है।
  • 2007 में डब्लूएचओ ने अपनी ग्लोबल रिपोर्ट में भारतीय बच्चों में मोटापे का प्रमुख कारण स्कूलों की कैंटीन में बिकने वाले जंक फूड को माना था। जंक फूड में कैलोरी अधिक और पोषक तत्व अत्यंत कम होते हैं।
  • बच्चों को फिज्जी ड्रिंक न दें, इसमें एसिड होता है, जिससे बच्चों के दांतों का एनेमल खराब हो जाता है। सॉफ्ट ड्रिंक की बजाए बच्चों को ताजे फलों का जूस दीजिए।


बच्चों को देर रात तक टीवी न खेलने दें, यह भी ध्यान रखें कि उन्हें इंटरनेट की लत न लगे। इसके साथ बच्चे के स्वास्थ्य की जांच समय पर कराते रहें।


Image Source - Getty

Read More Article On Healthy Eating In Hindi.

Loading...
Is it Helpful Article?YES1 Vote 1826 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK