खाते हैं जरूरत से ज्यादा खाना, तो भुगतने पड़ सकते हैं ये 5 परिणाम

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 20, 2018
Quick Bites

  • बार-बार भूख लगने को फूड एडिक्शन कहते हैं।
  • फूड एडिक्शन एक तरह का इटिंग डिसऑर्डर है।
  • एक खास वजह न्यूरोबायलॉजिकल इम्बैलेंस है।

कई बार पेट भरा होने के बावजूद खाने की कोई चीज देखकर आपके मुंह में पानी आ जाता है और आप खुद पर कंट्रोल नहीं कर पाते हैं। ऐसे में बिना भूख के खाना और बेवजह खाना आपकी सेहत के लिए ठीक नहीं है। अगर ऐसा कभी-कभी होता है, तो कोई बात नहीं। मगर यदि अक्सर ही खाने के बाद आप कोई न कोई चीज खाते रहते हैं या आपको बार-बार भूख लगती है, तो ये एक तरह का ईटिंग डिस्आर्डर है। मेडिकल भाषा में बार-बार भूख लगने को फूड एडिक्शन कहते हैं। रोजाना जरूरत से ज्यादा खाने को इस श्रेणी में रखा जा सकता है। इसमें लोगो को बार-बार भूख लगती है। हालांकि ज्यादातर लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते, लेकिन इस पर अगर कंट्रोल न किया जाए, तो यह स्वास्थ्‍य के लिए नुकसानदेह भी साबित हो सकता है।

बिना भूख के खाना

बार-बार खाने की आदत होने पर व्यक्ति खाता ही चला जाता है। वह खाने पर पूरी तरह कंट्रोल खो बैठता है। बिना भूख के भी थोड़े-थोड़े समय के बाद वह खाना खाता ही रहता है। उसे भरा हुआ पेट अच्छा लगने लगता है। पहले का खाना थोड़ा सा डाइजेस्ट होते ही वह दोबारा खा लेता है। कई बार तो वह खाना डाइजेस्ट होने का इंतजार भी नही करता और दोबारा खा लेता है।

एनर्जी लेवल

फूड एडिक्शन की एक खास वजह न्यूरोबायलॉजिकल इम्बैलेंस है। एक बार इसका लेवल बॉडी में गिरता है, तो व्यक्ति को कमजोरी महसूस होती है। वह फिर से खाना शुरू कर देता और फिर उसे बॉडी में एनर्जी बनाए रखने के लिए हमेशा खाना पड़ता है। हालांकि, बार-बार खाने वाला व्यक्ति अपनी इस आदत से गिल्ट महसूस करता रहता है, लेकिन सिचुएशन ऐसी बन जाती है कि वह चाहकर भी कुछ नहीं कर सकता।

वजन बढ़ना व मोटापा

फूड एडिक्शन से वजन बढ़ना व मोटापा होता है. वजन बढ़ने से कई और बिमारियां आपको जकड़ लेती है. जैसे शरीर की काम करने की क्षमता कम हो जाती है और आप जल्दी थकने लगते हैं।

ब्लड में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना

वह न चाहते हुए भी कई चीजें ऐसी ज्यादा खा लेता है जिनके ज्यादा खाने से कोलेस्ट्रॉल का खतरा बढ़ जाता है और इससे दिल का दौरा, हृदयघात जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

कैसे करें बचाव

ओवर ईटिंग के कारण होने वाली समस्याओं से बचने के लिए आपको कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना पड़ेगा।

अपना ध्यान हटाएं

इससे बचने का एक ही तरीका है और वह है इस साइकल को तोड़ना। जब भूख लगे, तो उस पर ध्यान न दें, अपना ध्यान उस दौरान किसी और कामों की ओर लगाए जो आप को पसंद हो। तो वह रुटीन धीरे-धीरे तोड़ा जा सकता है। अगर फिर भी कंट्रोल नहीं हो पा रहा, तो साइकॉलजिकल ट्रीटमेंट लें। ऐसे फूड लेने की कोशिश करें, जो आपका मूड अच्छा कर दें। इससे बॉडी में सेरिटोनिन लेवल बढ़ेगा। ये फूड डिप्रेशन से बाहर आने में भी आपकी मदद करेगा।

हेल्दी डाइट लें

अपनी डाइट में स्वस्थ व संतुलित आहार शामिल करें। फ्रेश फू्ट्स, नट्स, सीड्स और विभिन्न तरह की सब्जियां खाएं। अनाज और दालों से आपको लो ग्लाईकेमिक इंडेक्स वाला भोजन मिल जाता है। यह भोजन शरीर में धीरे-धीरे शर्करा रिलीज करता है। इससे शरीर में लगातार ऊर्जा बनी रहती है, मस्तिष्क शांत रहता है और अधिक समय तक पेट भरे रहने का एहसास होता है। हमारा रोज का भोजन, जिसमें अनाज, दालें, सब्जियां और दूध होता है, इसी उत्तम भोजन की श्रेणी में आता है।

तनाव से बचें

इसके अलावा लंबे समय से चले आ रहे मानसिक तनाव के कारण भी कई लोगों को बार-बार भूख लगती है। ऐसा तब होता है जब तनाव गेर्लिन के स्तर को बढा़ता है और इसका स्तर बढ़ने से अवसाद एवं बेचैनी से संबंधित व्यवहार घट जाता है। इसका एक नकारात्मक प्रभाव यह होता है कि भूख बढ़ जाती है। इन सब उपायों को अपनाकर आप अपनी इस समस्या से निजात पा सकते है, लेकिन अगर फिर भी यह समस्या बनी रहती है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।


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