कीमोथेरेपी के असर को कम कर सकता है डिप्रेशन

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 01, 2017
Quick Bites

  • कीमोथेरेपी से कैंसर की कोशिकाओं का खात्मा होता है।
  • डिप्रेशन से ग्रस्त कैंसर के मरीजों पर कीमो का असर कम होता है।
  • डिप्रेशन के कारण कीमोथेरेपी का साइड-इफेक्ट भी अधिक होता है।

कैंसर बहुत ही खतरनाक बीमारी है और समय पर उपचार न हो तो यह जानलेवा भी हो सकता है। लेकिन कीमो‍थेरेपी के कारण कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का उपचार आखिरी स्‍टेज में भी संभव है। कैंसर ऐसी बीमारी है जिसका नाम सुनने से ही इंसान डिप्रेशन में आ जाता है। ऐसे में अगर कैंसर के उपचार के लिए कीमोथेरेपी का प्रयोग किया भी जाये तो वह डिप्रेशन के कारण प्रभावित भी हो सकता है। इस लेख में विस्तार से जानते हैं किस तरह कीमोथेरेपी के असर को कम करता है डिप्रेशन।

 

शोध के अनुसार

एक शोध में यह बात सामने आयी है कि कैंसर के ऐसे मरीज जो डिप्रेशन की जद में हैं उनपर कीमोथेरेपी का असर कम होता है। दरअसल डिप्रेशन रक्त में मौजूद ब्रेन प्रोटीन की मात्रा को कम कर देता है जिसके कारण कीमोथेरेपी की दवाओं का असर कम हो जाता है।


चीन के जांगझू यूनिवर्सिटी में हुए शोध में इस बात का खुलासा हुआ कि जिनको डिप्रेशन होता है और कीमो की दवाओं का प्रयोग करते हैं उनमें साइड-इफेक्ट अधिक देखने को मिलता है। इसके परिणाम स्वरूप रोगी को अधिक उल्टी होती है साथ ही सफेद रक्त कोशिकाएं भी कम होने लगते हैं। इसके कारण दवाओं का असर कम होता है और मरीज के जीवन की औसत उम्र भी कम हो जाती है।

ऐसा क्यों होता है

कैंसर के ऐसे मरीज जो डिप्रेशन की जद में होते हैं उनके दिमाग की सक्रियता धीरे-धीरे कम होने लगती है। दरअसल दिमाग में मौजूद रक्‍त में एक तरह का प्रोटीन होता है, यह तंत्रिका तंत्र से भी संबंधित होता है। जब तनाव अधिक होता है तब ब्रेन-डीरीव्ड न्यू्रोट्रोफिक फैक्टर (बीडीएनएफ) का स्तर कम होने लगता है। इसके कारण कीमो के प्रति संवेदनशीलता कम होने लगती है और दवाओं का असर भी कम होने लगता है।

 

क्या है कीमोथेरेपी

कैंसर के उपचार में सबसे कारगर चिकित्सा पद्धति है कीमोथेरेपी। इसका प्रयोग कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए किया जाता है। इस थेरेपी में कई प्रकार से दवाएं रोगी के शरीर में इंजक्ट की जाती हैं, जिसका उद्देश्य केवल कैंसर कोशिकाओं के विभाजन पर रोक लगाना होता है। कीमोथेरेपी बहुत ही दर्दनाक तकनीक है जिसे बर्दाश्त करना सबके बस की बात नहीं है।


कुछ बातों को ध्यान में रखें

कीमोथेरेपी की प्रक्रिया को लेकर लोगों में बहुत से मिथक व्याप्त हैं, इसलिए इस प्रक्रिया का नाम सुनते ही लोग डर जाते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। ऐेसे में कीमो सेशन से पहले कुछ तैयारी करने से डिप्रेशन नहीं होगा। चूंकि इस प्रक्रिया के दौरान इसके साइड-इफेक्ट भी होते हैं, इसके बारे में पहले ही जान लें, तो समस्या नहीं होगी। अगर सिर के बाल झड़ गये हैं तो घबरायें नहीं, ये समय के साथ उग जायेंगे। कीमो सेशन के दौरान एक साथी को अपने साथ रखें, और तनाव दूर रखें, फिर देखिये आप कितनी जल्दी ठीक होते हैं।


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