ऑलिव ऑयल या कैनोला ऑयल: खाना बनाने के लिए कौन सा तेल है ज्यादा हेल्दी और क्यों?

खाना बनाने के लिए कैनोला ऑयल बेस्ट है या ऑलिव ऑयल, जानें कौन सा तेल है ज्यादा हेल्दी और किसका इस्तेमाल करना चाहिए आपको।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Mar 16, 2020Updated at: Mar 16, 2020
ऑलिव ऑयल या कैनोला ऑयल: खाना बनाने के लिए कौन सा तेल है ज्यादा हेल्दी और क्यों?

कैनोला ऑयल और ऑलिव ऑयल दो ऐसे कुकिंग ऑयल हैं, जिनके स्वास्थ्य लाभों के कारण इन्हें दुनियाभर में इस्तेमाल किया जाता है। दोनों ही तेलों के लिए दावा किया जाता है कि ये आपके हार्ट (हृदय) के लिए बहुत फायदेमंद हैं और दिल की बीमारियों की संभावना को कम करते हैं। मगर इनमें से कौन सा तेल आपके लिए ज्यादा हेल्दी है और किसका इस्तेमाल करना चाहिए, इसका फैसला आप तभी कर पाएंगे, जब आपको इनके स्वास्थ्य लाभों और न्यूट्रीशन्स के बारे में सही जानकारी हो। आइए आपको बताते हैं दोनों तेलों में अंतर और इनके गुण।

कैनोला ऑयल कैसे बनाया जाता है?

कैनोला ऑयल रेपसीड से बनाया जाता है। रेपसीड में प्राकृतिक रूप से थोड़ी मात्रा में कुछ टॉक्सिक कंपाउंड्स पाए जाते हैं, जैसे- इर्यूसिक एसिड और ग्लूकोसाइनोलेट्स। लेकिन इसका तेल निकालने के बाद कैनोला ऑयल को इस्तेमाल के लिए सुरक्षित बनाया जाता है। इसकी प्रॉसेसिंग के लिए आमतौर पर इसे पहले गर्म किया जाता है, प्रेस किया जाता है, केमिकल्स निकाले जाते हैं और फिर अंत में रिफाइन किया जाता है। इसके अलावा तेल को न्यूट्रल कलर देने के लिए और गंध को खत्म करने के लिए इसकी ब्लीचिंग भी की जाती है।

canola

ऑलिव ऑयल कैसे बनाया जाता है?

दूसरी तरफ ऑलिव ऑयल को बीजों से नहीं बल्कि ऑलिव के फलों से बनाया जाता है। इसके लिए इन फलों को प्रेस किया जाता है। आमतौर पर बाजार में 2 तरह के ऑलिव ऑयल मिलते हैं- एक प्योर ऑलिव ऑयल और दूसरा एक्सट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल। इनमें से जो एक्सट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल है, उसे बनाने के लिए प्रॉसेसिंग कम की जाती है, इसलिए ये ज्यादा नैचुरल माना जाता है। जबकि रेगुलर ऑयल को बानाने के लिए कुछ मात्रा में वर्जिन ऑयल और कुछ मात्रा में रिफाइंड ऑलिव ऑयल्स को मिलाया जाता है। यही कारण है कि एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल रेगुलर ऑयल के मुकाबले ज्यादा मंहगा मिलता है, लेकिन हेल्दी भी यही माना जाता है। क्योंकि प्रॉसेसिंग के दौरान कई पोषक तत्व तेल से निकल जाते हैं।

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कैनोला ऑयल vs ऑलिव ऑयल

अगर कैनोला और ऑलिव ऑयल्स में सबसे हेल्दी की बात करें, तो आप कंफ्यूज हो सकते हैं क्योंकि इन दोनों ही लगभग एक जैसे न्यूट्रीशन्स होते हैं। 1 चम्मच (15ml) कैनोला ऑयल और रिफाइंड ऑलिव ऑयल में न्यूट्रीशन्स नीचे चित्र में देखें।

एंटीऑक्सीडेंट्स किसमें ज्यादा?

इस तरह कसे आप देख सकते हैं कि ऑलिव ऑयल में सैचुरेटेड और मोनोसैचुरेटेड फैट ज्यादा होता है, जबकि कैनोला ऑयल में पॉलीसैचुरेटेड फैट ज्यादा होता है। अगर एंटीऑक्सीडेंट्स की बात करें, तो दोनों में ही बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर में फ्री-रेडिकल्स को रोकते हैं। अगर एंटीऑक्सीडेंट्स के लिहाज से देखेंगे तो सबसे हेल्दी ऑयल एक्सट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल है, क्योंकि इसमें प्रॉसेसिंग नहीं की जाती है इसलिए इसके एंटीऑक्सीडेंट्स सुरक्षित रहते हैं। मगर आप रेगुलर ऑलिव ऑयल और कैनोला ऑयल में तुलना करेंगे, तो दोनों लगभग एक जैसे ही हेल्दी हैं।

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स्मोक प्वाइंट किसका ज्यादा?

एक अंतिम चीज जो इन दोनों ही तेलों को एक दूसरे से अलग बनाती है, वो है इनका स्मोक प्वाइंट। स्मोक प्वाइंट उस तापमान को कहते हैं, जब तेल धुंआ बनकर उड़ने लगता है। कोई भी तेल जब अपने स्मोक प्वाइंट तक गर्म कर दिया जाता है, तो उसे अणु टूटकर कई खतरनाक तत्व बना लेते हैं। इसलिए अगर आप डीप फ्राई करना चाहते हैं या ज्यादा तापमान पर खाना बनाते हैं, तो आपको हमेशा हाई स्मोक प्वाइंट वाले तेल का इस्तेमाल करना चाहिए।
कैनोला ऑयल का स्मोक प्वाइंट रेगुलर और एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल से ज्यादा होता है। इसलिए डीप फ्राई के लिए कैनोला ऑयल ज्यादा बेहतर है। लेकिन अगर आप सलाद, डिप्स या हल्की आंच पर कुकिंग की बात करें, तो एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल बेस्ट है।

कौन सा तेल है ज्यादा हेल्दी?

एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल सेहत की दृष्टि से कैनोला ऑयल से बेहतर है। वहीं रेगुलर ऑलिव ऑयल और कैनोला ऑयल दोनों लगभग एक जैसे ही हैं, इसलिए अगर इनमें चुनाव करना है, तो आप कोई भी चुन सकते हैं।

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