एलर्जी से बचने के लिए ऐसी हो आपकी जीवनशैली

बच्चे की स्किन बहुत सेंसटिव होती है, उसे एलर्जी भी बहुत जल्दी होती है। बच्चे की हाइजीन व सफाई का ध्यान बहुत ज्यादा रखने से भी बच्चे अति संवेदनशील हो एलर्जिक हो जाते हैं। अपनी जीवनशैली में कुछ हेल्दी बदलाव कर एलर्जी से बचा जा सकता है।

Rahul Sharma
एलर्जीWritten by: Rahul SharmaPublished at: Feb 18, 2011Updated at: Nov 25, 2015
एलर्जी से बचने के लिए ऐसी हो आपकी जीवनशैली

किसी व्यक्ति को किसी भी उम्र में और किसी भी चीज से एलर्जी हो सकती हैं। एलर्जी का अटैक आने पर पीड़ित काफी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। कभी-कभी घर, कॉलेज या ऑफिस में एलर्जी के कारण सरल काम करना भी मुश्किल हो जाता है और साथ ही शर्मिंदगी का एहसास भी होता है। बच्चों को एलर्जी जल्दी अपनी चपेट में ले लेती है, हालांकि अपनी जीवनशैली में कुछ हेल्दी बदलाव कर एलर्जी से बचा जा सकता है। चलिये जानें कैसे -

क्यों होती है एलर्जी

हमारे घरों में बहुत सी ऐसी चीजें होती हैं जिनका ध्यान रख आप अपने बच्चे को एलर्जी से बचा सकती हैं। घर में रहने वाली धूल व मिट्टी एलर्जी का मुख्य कारण होती है। ये कण फर वाले खिलौनों व बिस्तर पर भी मिलते हैं। अपने बच्चे के लिए जितनी भी तरह के प्रसाधन इस्तेमाल कर रही हैं जैसे साबुन, क्रीम व पाउडर उनमें किसी प्रकार के रसायन न हों यह ध्यान रखें। बच्चे की स्किन बहुत सेंसटिव होती है, उसे एलर्जी भी बहुत जल्दी होती है। बच्चे की हाइजीन व सफाई का ध्यान बहुत ज्यादा रखने से भी बच्चे अति संवेदनशील हो एलर्जिक हो जाते हैं। धूल-मिट्टी में पलने वाला बच्चा ज्यादा स्वस्थ रहता है क्योंकि उसे बचपन से मिट्टी के संपर्क में आने वाले बैक्टीरिया से पहचान होती है। उसका इम्यून सिस्टम मजबूत हो जाता है।

 



एलर्जी से बचने के लिये जीवनशैली में बदलाव

 

  • सबसे पहले तो जो कुछ सामान्य बहलाव आप कर सकते है वो हैं घर में मौजूद पालतू जानवरों से संभव दूरी बनाएं। खासतौर पर तब जबकि आपको उनके बालों से एलर्जी है। पालतू पशुओं को अपने लिविंग रूम से दूर ही रखें। पालतू पशुओं को नियमित रूप से नहलाएं और उनके बाल अधिक बड़े न होने दें।
  • इसके अलावा घर को साफ सुथरा रखने के साथ-साथ जरूरी कीटनाशकों को भी इस्तेमाल करें ताकि मच्छर पैदा न हों।
  • घर में वूलन का कारपेट इस्तेमाल नहीं करें और सॉफ्ट टॉय जैसे टैडी बीयर आदि को साफ रखें।
  • अगर आप वूल के प्रति एलर्जिक हैं तो वूलन के ब्लेंकेट के बजाय बाज़ार में मौजूद ‘एक्रिलिक’ रजाई और सिंथेटिक तकियों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • घर में प्रोपर वेंटिलेशन की व्यवस्था रखें।


सर्दी के मौसम में एलर्जी से बचने के लिए अपनी रोग प्रतिकार क्षमता को बढ़ाएं। इसके लिये आप रोज़ाना सुबह-शाम एक चमच्च च्यवनप्राश खा सकते हैं और आंवला का सेवन कर सकते हैं। एलर्जी से निपटना मुश्किल तो है लेकिन यदि सावधानी बरतें तो इस परेशानी से बचा जा सकता है।


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