एल्कोहल और एनर्जी ड्रिंक्स का कॉकटेल होता है बेहद खतरनाक!

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 13, 2017
Quick Bites

  • शराब का अधिक सेवन सेहत के लिए खतरनाक होता है।
  • एनर्जी ड्रिंक शराब के साथ मिलाने से यह जहर बन जाता है।
  • इन दोनों का कॉकटेल सेहत के लिए हो सकता है खतरनाक।

शराब सेहत के लिए हानिकारक होती है यह जानते हुए भी कई लोग शराब पीते हैं। शराब के सेवन से हर साल पूरी दुनिया में लाखों लोगों की मौत होती है। शराब पीने के बाद इसका सीधा असर दिमाग पर पड़ता है। और शराब का अधिक सेवन करने से लीवर कमजोर हो जाता है। शराब और भी खतरनाक हो जाता है जब लोग इसका कॉकटेल बनाकर पीते हैं। एनर्जी ड्रिंक भले ही आपको एक्टिव रखता हो लेकिन अगर इसे अल्कोहल के साथ मिलाकर पिया जाये तो क्या होता है। इसके बारे में इस लेख में विस्तार से जानते हैं।

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शोध के अनुसार

अमेरिका में हुए शोध की मानें तो शराब के साथ एनर्जी ड्रिंक पीने से यह जहर की तरह काम करता है। यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन इंस्ट्रीट्यूट फॉर सोशल रिसर्च द्वारा किये गये शोध की मानें तो शराब और एनर्जी ड्रिंक का कॉकटेल केवल अल्कोहल के सेवन से कई गुना अधिक खतरनाक है। शोधकर्ताओं की मानें तो, जो लोग इस तरह का मिश्रण बनाकर पीते हैं उनको शराब पीने की इच्छा अधिक होती है, और यह जानलेवा भी हो सकता है। इस तरह का कॉकटेल पीने से दिल सही तरीके से खून को पंप नहीं कर पाता और इसके कारण दिल की धड़कन भी बंद हो सकती है।

दिमाग पर असर

गम हो या खुशी आजकल लोग शराब को स्टेटस सिंबल मानते हैं और जाम छलकाते हैं। कुछ लोग रोज शराब पीने का कोई न कोई बहाना निकाल ही लेते हैं। धीरे-धीरे दिमाग पर शराब हावी होने लगता है और रोज पीने वाला इंसान बिना शराब के रह ही नहीं पाता। शराब पीने के बाद यह छोटी आंत के जरिये लीवर तक पहुंचती है। यहां से यह दूसरे अंगों और दिमाग में रक्त संचार के जरिये जाता है। इसके कारण 200 से अधिक बीमारियां हो सकती हैं। शराब पीने के बाद यह मस्तिष्क पर इतना हावी हो जाता है कि इंसान सही फैसला नहीं ले पाता और वह बेसुध हो जाता है और उसमें निराशा की भावना पनपने लगती है। विश्व स्वास्य संगठन की मानें 2012 में शराब के अधिक सेवन से दूनियाभर में 33 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यानी हर सेकेंड में शराब के कारण एक इंसान मौत को गले लगा रहा है।

कैसे करता है असर

अल्कोहल को दिमाग तक पहुंचने में छ: मिनट लगते हैं। एथेनॉल अल्कोहल का बहुत ही छोटा अणु है, जो कि यह खून में घुल जाता है, पानी में घुल जाता है। चूंकि इंसान के शरीर में 70 से 80 फीसदी पानी होता है। इसमें घुलकर अल्कोहल पूरे शरीर में फैलकर शरीर को बीमार करता है। जब यह सिर में पहुंचता है तब यह दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटरों पर असर डालता है। इसके कारण तंत्रिका तंत्र का केंद्र प्रभावित होता है और न्यूरोट्रांसमीटर अजीब से संदेश भेजने लगते हैं जिससे तंत्रिका तंत्र भ्रमित होने लगता है। लंबे समय तक शराब पीने से दिमाग को विटामिन बी1 नहीं मिल पाता और वेर्निके-कोर्साकॉफ सिंड्रोम पनपने लगता है, इसके कारण डिमेंशिया की बीमारी पैदा होने का खतरा बढ़ने लगता है। इसके अलावा पित्त संक्रमण होने लगता है। ब्रेस्ट कैंसर और आंत के कैंसर के लिए अल्कोहल जिम्मेदार है।

भारत में शराब की स्थिति

दुनियाभर में प्रति व्यक्ति सबसे अधिक शराब का सेवन जर्मनी के निवासी करते हैं और यहां पर एक इंसान हर साल 12 ली शराब पी जाता है। भारत में यह आंकड़ा 8.7 लीटर सालाना है। लेकिन भारत में यह चिंता का विषय है क्योंकि यहां सभी लोग शराब नहीं पीते बल्कि कुछ लोग ही पीते हैं। डब्यूएचओ के अनुसार भारत में लोग बहुत ज्यांदा पीते हैं जिससे प्रति व्यक्ति एक साल में 29 ली शराब पी जाता है। यानी भारतीय दुनियाभर में सबसे अधिक शराब का सेवन करते हैं। शराब का सेवन कम मात्रा में किया जाये तो यह दवा है लेकिन इसका सेवन अगर अधिक किया जाये तो यह जानलेवा भी हो सकता है। इसलिए थोड़ी-थोड़ी पिया करो।

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Image Source : Getty

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