शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाते हैं ये 3 विटामिन्स, जानें क्या हैं प्राकृतिक स्रोत

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 06, 2018
Quick Bites

  • कई ऐसे विटामिन्स हैं, जो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।
  • आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमताबैक्टीरिया और वायरस से आपकी रक्षा करती है।
  • विटामिन सी को इम्यूनिटी बूस्टर विटामिन भी कहा जाता है।

अंग्रेजी में एक पुरानी कहावत है, जिसका हिंदी अनुवाद इस तरह है कि, ' अगर आप रोजाना एक सेब खाते हैं, तो डॉक्टरों से दूर रहेंगे'। ये बात काफी हद तक सही है क्योंकि सेब में ऐसे कई तत्व होते हैं, जो आपकी इम्यूनिटी यानि रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। अगर आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है, तो आप तमाम तरह के रोगों से बचे रहते हैं क्योंकि शरीर के ज्यादातर रोगों का कारण वायरस और बैक्टीरिया होते हैं। आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता इन बैक्टीरिया और वायरस से आपकी रक्षा करती है। कई ऐसे विटामिन्स हैं, जो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। आइए आपको बताते हैं कौन से हैं वो विटामिन्स और क्या हैं उन विटामिन्स के प्राकृतिक स्रोत।

विटामिन सी

विटामिन सी को इम्यूनिटी बूस्टर विटामिन भी कहा जाता है। शरीर में विटामिन सी की कमी से कई तरह के रोगों का खथरा बढ़ जाता है। विटामिन सी को अब्जार्बिक एसिड के नाम से जाना जाता है, जो सबसे अच्छा एंटीऑक्सिडेंट माना जाता है। विटामिन सी वाले पदार्थों में ग्लूटाथिओन होता है जो धमनी रोगों से हमें बचाता है। इसके सेवन से शरीर में टिशूज का निर्माण बेहतर होता है और बनी हुई टिशूज को आपस में जुड़ने की सहूलियत मिलती है। इसके अलावा विटामिन सी कोशिकाओं को नष्ट होने से बचाता है।

इसे भी पढ़ें:- सेहत के लिए क्यों फायदेमंद है क्लोरोफिल और क्या हैं इसके प्राकृतिक स्रोत?

विटामिन सी के प्राकृतिक स्रोत

सभी खट्टे फलों जैसे- नींबू, संतरा, आंवला, मौसमी, अंगूर, टैंगरीज, स्ट्रॉबेरी आदि में भरपूर विटामिन सी पाया जाता है। इसके अलावा ब्रोकली, केल, शिमला मिर्च, पालक और समुद्री आहारों में भी विटामिन सी पाया जाता है। एक छोटे नींबू में 29.1 मिलीग्राम तक, एक छोटे संतरे में करीब 51.1 मिलीग्राम तक और 100 ग्राम टुकड़े में 445 मिली ग्राम तक विटामिन सी होता है।

विटामिन बी-6

विटामिन बी-6 भी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। विटामिन बी-6 शरीर में बायोकेमिकल रिएक्शन को सपोर्ट करता है, जिससे इम्यून सिस्टम को काम करने में मदद मिलती है। विटामिन बी 6 पानी में घुलनशील होते हैं और ये हार्ट, स्किन और नर्वस सिस्टम से जुड़े कई रोगों में फायदेमंद होते हैं। इस विटामिन से डिप्रेशन और सुस्ती से भी राहत मिलती है। विटामिन बी 6 शरीर में हार्मोन्स के कंट्रोल के लिए भी बहुत जरूरी है। इसकी कमी से कई तरह के इमोशनल डिस्आर्डर, दिल से जुड़ी बीमारियां, किडनी रोग, मल्टिपल स्क्लेरोसिस, एनीमिया, आर्थराटिस और इंफ्लुएंजा आदि रोगों का खतरा बढ़ जाता है।

विटामिन बी-6 के प्राकृतिक स्रोत

ज्यादातर विटामिन्स और पोषक तत्व हमें आहार के माध्यम से मिलते हैं। विटामिन बी 6 का सबसे अच्छा स्रोत साबुत अनाज जैसे गेंहूं, बाजरा, जौ, मक्का आदि, मटर, ग्रीन बीन्स, अखरोट आदि हैं। मांसाहारी लोगों में इस विटामिन की कमी कम देखी जाती है क्योंकि मछली, अंडे, चिकन, मटन आदि विटामिन बी 6 का अच्छा स्रोत होते हैं। शाकाहारी लोग अनाज और ड्राई फ्रूट्स के अलावा केले, बंद गोभी, सोया बीन्स, गाजर और हरी सब्जियों से भी ये विटामिन आसानी से पा सकते हैं।

इसे भी पढ़ें:- हमारे शरीर के लिए कितना जरूरी है विटामिन ई? जानें इसके फायदे और महत्व

विटामिन ई

विटामिन ई एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है, जो शरीर में रोगों और संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है। त्वचा का ग्लो बढ़ाने और बाल बढ़ने के लिए विटामिन ई बहुत जरूरी है। इसलिए विटामिन ई वाले आहारों का सेवन जरूर करना चाहिए।

विटामिन ई के प्राकृतिक स्रोत

विटामिन ई वनस्पति तेल में पाया जाता है। इसके अलावा गेहूं, हरे साग, चना, जौ, खजूर, चावल के मांड़, मक्खन, मलाई, शकरगन्द, अंकुरित अनाज और फलों में पाया जाता है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Healthy Diet in Hindi

Loading...
Is it Helpful Article?YES1377 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK