आइए जानें नवजात में निम्न रक्तचाप से जुड़ी कुछ और बातों के बारे.......
मां का दूध शिशु के लिए अमृत समान होता है। इससे शिशु को रोगों से लड़ने की क्षमता मिलती.......
ज्यादातर बच्चों के साथ ऐसा होता है कि वे नींद से जागकर रोने लगते हैं। आइए जानें बच्चे रात को क्यों रोते.......
क्या आप जानते हैं नवजात में श्वास संबंधी समस्याएं भी कम नहीं होती। इसके भी कई कारण होते हैं। आइए जानें नवजात में श्वास संबंधी समस्याओं के लक्षणों के बारे.......
एक नवजात शिशु की समस्याओं को समझना काफी मुश्किल होता है। उसे कब और क्या चाहिए इसका ख्याल एक मां से बेहतर और कोई नहीं रह सकता है। जन्म लेते ही शिशु की देखभाल में बहुत सावधानी बरतने की जरूरत होत....
प्रदूषण, रासायनिक धुएं, धूल नवजात के लिए नुकसानदायक हो सकते.......
शिशु के लिए हमेशा ऐसे कपड़ों का चुनाव करें जो उसके शरीर पर फिट आये और उसे कपड़े बदलते समय किसी असुविधा का सामना ना करना पड़े। विशेषज्ञ ऐसी सलाह देते हैं कि आपकी बच्ची अगर आरामदायक कपड़े पहनेगी तो कु....
पहले छह माह के दौरान बच्चे के पोषण के लिए मां का दूध और बाजार में उपलब्ध बच्चो का आहार ही पर्याप्त है। आरम्भ में ही ठोस आहार देना एलर्जी, वास रोधन, और अपच का कारण बन सकता है इससे दूरी बनाए.......
हाल ही में हुआ शिशु निश्चित रूप से परिवार के लिए एक खुशी होती है। लेकिन यह साथ ही साथ सभी बच्चो को संभालने में चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में नवजात के विषय में आपको हर प्रकार की जानकारियां इकट्ठी कर....
शिशु के खाना खाने के दौरान हवा भी अन्दर (पेट में) चली जाती है या वह निगल लेता है जो उसे गैसी और चिड़चिड़ा बना देती है। उसके शरीर में अत्याधिक गैस और असुविधा से राहत देने के लिए डकार दिलवाने के लिए उ....
डायपर बदलना एक मुश्किल काम हो सकता है और आपकी बच्ची लम्बे समय तक गीले डायपर के साथ रहना पसन्द नहीं करेगी। ऐसी समस्या से कैसे निज़ात पा सकते .......
अब पुरूष भी महिलाओं को दी जाने वाली मैटरनिटी लीव की तरह पितृत्व अवकाश ले सकते है। आइए जानें पितृत्व अवकाश क्या.......
शोधकर्ताओं ने माना है कि बोतल से दूध पीने वाले बच्चे मोटापे का शिकार होते.......
कंगारू देखभाल-ऐसी तकनीक है जो खास करके नवजात, आमतौर पर अपरिपक्व ('प्री-टर्म')शिशुओं के लिए.......
माँ का दूध शिशुओं के लिए पोषक तत्वों का सबसे अच्छा स्रोत है और यह जितना जल्दी संभव हो उतने जल्दी दिया जाना.......
स्वाइन फ्लू ऐसी महामारी है जो बच्चों और व्यस्कों के साथ-साथ नवजात को भी अपनी चपेट में ले लेती है। नवजात शिशु की देखभाल में बिलकुल भी लापरवाही नहीं बरतनी.......
नवजात शिशु यदि मलेरिया का शिकार हो जाए तो उसकी देखभाल में जरा सी चूक उसमें उम्रभर के लिए कोई विकार पैदा कर सकती.......
नवजात और उसके माता पिता के बीच त्वचा से त्वचा के संपर्क को कंगारू देखभाल कहते है। कंगारू देखभाल माता या पिता के द्वारा प्रदान की जा सकती.......
विशेषज्ञ ऐसा मानते हैं कि दांतों के निकलने के साथ ही दांतों की सफाई भी शुरू कर देनी चाहिए। जब तक बच्ची का दांत नहीं निकल जाता उसके मसूड़ों को साफ काटन के कपड़े से पोछ कर साफ.......
यदि नवजात शिशु का वजन औसत से आधा किलो अधिक हो, तो उसके लिए अपने जीवन में तपेदिक यानी टीबी से बचे रहना आसान हो जाता है। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई.......


