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किसी महिला जो कि मां बनने वाली है या मां बनने की इच्छुक है, को तमाम जानकारियों के साथ ही एबार्शन के बारे में भी पता होना चाहिए। आइए जानें एबार्शन के प्रकार कौन–कौन से.......
गर्भपात एक औरत के जीवन में शारिरिक और भावनात्मक दोनो तरह से कष्टपूर्ण समय हो सकता.......
कई बार लापरवाही, कमजोरी या अन्य कारणों से गर्भावस्था में गर्भपात की संभावनाएं बढ़ जाती है। प्रथम त्रिमास में गर्भपात का खतरा सबसे अधिक रहता है, इसलिए गर्भावस्था के दौरान कोई भी तकलीफ होने पर तुरंत डॉक....
एबॉर्शन की उम्र क्या होनी चाहिए। आइए जानें एबॉर्शन व इससे जुड़े तमाम मुद्दों के बारे.......
कई बार गर्भपात के कारण महिलाएं गर्भधारण नहीं कर पाती। आइए जानें गर्भपात के मनोवैज्ञानिक प्रभावों के बारे.......
गर्भपात की गोलियाँ जल्दी गर्भपात यानी गर्भावस्था के नौवें सप्ताह तक के लिए होती हैं.......
यदि गर्भ्प्त का संदेह हो तो डॉक्टर पेल्विक का परीक्षण गर्भाशय के आकर कि जांच करेगा ताकि पता लग सके कि ग्रीवा कुला है या बन है | यदि गर्भपात प्रगति पर है तो ग्रीवा आमतौर पर खुला होता है और गर्भावस्था....
यदि आपके कई बार लगातार गर्भपात हो चुकें हैं तो डॉक्टर आपको आपके साथी और आपको जेनेटिक जांच,जैसे अल्ट्रा साउंड, विशेष एक्स- रे परीक्षण जो गर्भाशय के अन्दर के.......
अगर गर्भपात के लक्षण पहली या दूसरी तिमाही में आतें है तो डॉक्टर आपको बिस्तर पर आराम करने को कहेगा जोरदार व्यायाम ना करें उस समय सम्भोग से बचें.......
आपके गर्भपात होने और फिर से गर्भपात होने का होना गर्भपात के कारण पर निर्भर करता है.......
गर्भपात अपने आप होने वाला या प्राकृतिक गर्भपात भी कहा जाता है.......
पहली तिमाही में अगर गर्ब्न्पट होता है तो आपको घर पर रहकर कुछ दिनों के लिए आराम करने की जरूरत है .......
पेल्विक क्षेत्र में ऐंठन, पीठ के निचले हिस्से और पेट में ऐठन भी गर्भपात के लक्षण हो सकते.......
गर्भपात के दौरान महिला के कमर तथा पेट में तेज दर्द होता है। इन लक्षणों के साथ ही कुछ जटिल लक्षण भी प्रदर्शित हो सकते.......
बदलती जीवनशैली ने जहां हमारा जीवन सरल बनाया है, वहीं नयी समस्याओं को भी जन्म दिया.......


