आज के समय में दिल की बीमारियां कोई बड़ी बात नहीं, यह किसी को भी हो सकती.......
आज युवाओं में हृदयाघात और हृदय की बीमारियों की बढ़ती संख्याक, चिंता का विषय बन रही है। पहले जहां 30 से 40 वर्ष तक के बीच हृदय की समस्याएं आंकी जाती थीं, आज यह 20 वर्ष से कम उम्र के लोगों में भी होने....
तम्बाकू ज़हर के समान है, जो किसी भी स्थिति में आपके लिए अच्छा नहीं हो.......
हृदयाघात, स्ट्रोक जैसी बढ़ती हृदय की समस्याएं हमारी बदलती जीवनशैली की ही देन.......
विश्व हृदय दिवस दुनिया भर में हर साल 26 सितंबर को मनाया जाता.......
हृदय रोगो से बचने का सबसे आसान उपाय है, उन लक्षणों को जानना जो आपके लिए घातक हो सकते हैं.......
स्वास्थ्य संबंधी सामान्य से जटिल स्थितियों में हम ऐसे विकल्प की कामना करते हैं, जो आसानी से उपलब्ध.......
वैज्ञानिकों ने एक ऐसी ‘इलेक्ट्रानिक नोज’ विकसित करने का दावा किया है जो हृदय संबंधी परेशानियों को सूंघ सकती.......
डॉक्टरों का कहना है कि बाईपास सर्जरी की नई तकनीक से 20 से 25 वर्ष तक दोबारा बाईपास सर्जरी की नौबत नहीं.......
हृदयाघात, स्ट्रोक जैसी बढ़ती हृदय की समस्याएं हमारी बदलती जीवनशैली की ही देन.......
आज युवाओं में हृदयाघात और हृदय की बीमारियों की बढ़ती संख्या, चिंता का विषय बन रही.......
स्वास्थ्य की बात करें तो हृदय स्वास्थ्य का नाम सबसे पहले आता है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए कुछ साधारण लेकिन आवश्यक बातों पर ध्यान दें.......
हृदय की बीमारियों से होने वाली मृत्यु-दर आज भारतीयों में प्रतिदिन बढ़ रही है और इसका सबसे बड़ा कारण है हमारी लापरवाही। हृदय स्वास्थ्य के विषय में संपूर्ण जानकारी इकट्ठी कर आप ना केवल स्वयं को हृदय क....
डा प्रवीर: जिम जायें, जागिंग करें और जितना हो सके चलने का प्रयास करें। आपके घर या आफिस के आसपास जिम जैसी सुविधाएं तो होंगी ही, उनका लाभ.......
डा प्रवीर: संतुलित आहार लें। आफिस की पैंट्री या होटल का खाना कम से कम खायें। जितना हो सके संतुलित आहार का सेवन.......
डा प्रवीर: सबसे महत्वपूर्ण बात है, गतिशील बनें और मादक पदार्थों का सेवन ना करें। धूम्रपान छो़ड़ें, डायबिटीज़, हाइपरटेंशन और कालेस्ट्राल के स्तर को नियंत्रित.......
डा प्रवीर: आज अधिकतर आफिस की इमारतें बहुमंजि़ला हैं और लोग इसके लिए सीढि़यों की बजाय लिफ्ट का प्रयोग करते हैं, जिससे थोड़ा सा भी व्यायाम नहीं हो पाता। अच्छा होगा आप व्यायाम.......
डा प्रवीर: हृदयाघात के लक्षण सामान्या से तीव्र हो सकते हैं, जैसे: हृदय के आसपास अत्यंत दबाव महसूस करना, सीने में जकड़न महसूस होना, किसी प्रकार की बेचैनी या गैस का अनुभव.......
भारतीय मूल के वैज्ञानिक प्रो. दीपक श्रीवास्तव ने दावा किया है कि हार्टअटैक के बाद हृदय के मृत ऊतकों को एक विशेष तकनीक के जरिए फिर से जीवित कोशिकाओं में बदला जा.......
हृदय रोगियों के लिए अच्छी खबर है। वैज्ञानिकों ने एक ऐसी मशीन ईजाद की है जो हृदय की धड़कन नियंत्रित करके अचानक हार्ट फेल होने से मरने वालों को बचा.......


