जब मानसिक चिंता करें परेशान, तो अपनाएं ये उपाय!

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 10, 2014
Quick Bites

  • कई लोग नकारात्मकता को 10 मिनट तक खुद पर हावी होने देते हैं।
  • कार्य करने से पहले अगर योजना बना ली जाए, तो परेशानियां कम होती हैं।
  • योजना में काम के दौरान आने वाली दिक्कतों और उनके हल के बारे में बात करें।

सीन-1
आप ट्रेन या बस में सफर शुरू करने को हैं। या फिर एयरपोर्ट पर बस बोर्डिंग का इंतजार कर रहे हैं। और दिमाग में दुर्घटना के विचार आ रहे हैं। आप अपने दिमाग को समझाने का प्रयास करते हैं कि ऐसा कुछ नहीं होगा। यह पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन, विचार हैं कि जाते ही नहीं।

सीन-2
आपकी जांघों पर एक छोटा सा निशान हो गया है। अगले हफ्ते आप डॉक्‍टर को यह दिखाने वाले हैं। हालांकि, यह निशान काफी सामान्‍य नजर आता है। लेकिन, आपके दिमाग में आठों पहर इसे लेकर द्वंद्व चलता रहता है। चाहकर भी आप उसके बारे में सोचना बंद नहीं कर पाते। आखिर क्‍यों ?


इसे 'आय‍रॉनिक मोनिट‍रिंग प्रोसेस' कहा जाता है। आपका मस्तिष्‍क वास्‍तव में उन विचारों अथवा भावनाओं को सामने लेकर आने लगता है, जिन्‍हें कोई व्‍यक्ति दबाना चाहता है। जी हां, आपका मस्तिष्‍क आपको परेशान कर रहा है।


आनें दे, तभी तो जाएगा

हालांकि इस योजना में आपको विसंगति लग सकती है, लेकिन यह बड़ी कारगर। अपनी पूरी चेतना में उन नकारात्‍मक विचारों को अपने मस्तिष्‍क में घुसपैठ करने दें। उन्‍हें जोर जोर से बोलकर कागज पर उतार लें। यदि आप विचारों के इस द्वंद्व पर चर्चा करना चाहते हैं तो अपने किसी दोस्‍त से इस पर बात कीजिये। समस्‍या गंभीर होने पर आप किसी मनोवैज्ञानिक से भी बात कर सकते हैं।

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चिंता का समय दें

खुद को चिंता के लिए कुछ समय दें। कुछ लोग ऐसी बातों पर कुछ समय सोचकर उन्‍हें मैनेज कर लेते हैं। आप सोचिये कि दिन में 10 से 15 मिनट का समय काफी होगा, ऐसे मुद्दों पर चिंता करने हेतु। आप अपनी चिंताओं को साफ-साफ लिख सकते हैं। इससे आप इन परेशानियों से बचने के रास्‍तों पर सही प्रकार से विचार कर पाएंगे।

Headache

किसी काम में व्‍यस्‍त हो जाएं

दिमाग को खाली न छोड़ें। कई शोध दिखाते हैं कि सिर्फ अपना ध्‍यान वहां से हटा लेने से ये विचार नहीं जाते। लेकिन, यदि आप कोई ऐसा काम करें, जिसमें आपका तन-मन पूरी तरह संलग्‍न हो जाए, और गतिमान होकर उस काम को करने लगें। तो जरूर ऐसी वैचारिक घुसपैठ से बचा जा सकता है। कोई भी काम जिसे आप लगकर कर सकें। फिर चाहे वो सिलाई हो, प्‍यानो बजाना हो, बागवानी हो, गीत गाना हो या कुछ और। आपको किसी दूसरे काम में घुस जाना है, ना कि सिर्फ अपना ध्‍यान हटाना भर है। टीवी देखना या मल्‍टी टास्किंग अकसर नाकामयाब हो जाते हैं।
योजना बनायें

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योजना बनाकर काम करें

किसी भी काम को करने से पहले उसकी एक कार्य-योजना बनायें। एक शोध में शोधकर्ताओं ने एक समूह को दो टास्‍क के बारे में लिखने को कहा, जिन्‍हें जल्‍दी खत्‍म किया जाना चाहिये। उनसे यह भी पूछा गया कि यदि कामों को खत्‍म न किया जाए, तो किस तरह की परेशानियां हो सकती हैं। इसके साथ ही उन्‍हें टास्‍क की वैल्‍यू को एक से सात के पैमाने पर परखने के लिए कहा गया। वहीं, दूसरे समूह को भी इसी तरह के दिशा-निर्देश दिए गए, लेकिन उनसे काम खत्‍म करने के तरीकों के बारे में भी पूछा गया। एक कंट्रोल ग्रुप ने समाप्‍त हुए कार्यों की एक लिस्‍ट बनाई। इसके बाद तीनों ग्रुप को एक उपन्‍यास का अंश पढ़ने को दिया गया। और इसके बाद उनकी तुलनाओं की विवेचना की गई।

जिन लोगों ने योजना बनाकर काम किया, उन्‍हें नकारात्‍मक विचारों ने परेशान नहीं किया। उन्‍होंने बेहतर प्रदर्शन किया। यह तो अच्‍छी खबर है। लेकिन, इसके साथ ही एक बुरी खबर यह भी है कि आपको परेशान करने वाली चीजों के बारे में योजनायें बनाने भर से लक्ष्‍य तक पहुंचने की चिंतायें कम नहीं होतीं।

 

काम को पूरा करें

तनाव और नकारात्‍मक विचारों को पूरी तरह दूर करने का सबसे कारगर तरीका है कि अपने काम को पूरा करें। काम पूरा करने के बाद आपमें आत्‍मविश्वास आएगा। नकारात्‍मक सोच और विचार आपसे दूर रहेंगे।

 

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