महिलाओं के लिए उम्‍मीद की किरण है गर्भ प्रत्‍यारोपण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 21, 2014
Quick Bites

  • इस तकनीक से दूसरी महिला का गर्भ प्रत्‍यारोपिक किया जाता है।
  • कई सालों से प्रयास के बावजूद 2014 में मिली पहली सफलता।
  • स्‍वीडन में एक महिला ने इस तकनीक से दिया बच्‍चे को जन्‍म।
  • रॉकिटांस्की जेनेटिक सिंड्रोम से पीडि़त महिला पर हुआ प्रयोग।

गर्भ प्रत्‍यारोपण उन हजारों महिलाओं के लिए उम्‍मीद की एक नई किरण है, जो गर्भधारण नहीं कर सकती। इस तकनीक के जरिये दूसरी महिला का गर्भ प्रत्‍यारोपित करके गर्भधारण कराया जाता है। यह उन महिलाओं के लिए वरदान की तरह है जो किसी बीमारी के कारण या गर्भ में समस्‍या के कारण मां बनने का सुख नहीं प्राप्‍त कर सकती हैं। इस लेख में विस्‍तार से जानिये गर्भ प्रत्‍यारोपण के बारे में।
Womb Transplant in Hindi

प्रत्‍यारोपण रहा सफल

गर्भ प्रत्‍यारोपण का प्रयास कई सालों से हो रहा है, लेकिन पहली बार सफलता प्राप्‍त की स्‍वीडन के चिकित्‍सकों ने। स्वीडन के डॉक्टरों ने अजूबा कर दिखाया। 36 साल की एक ऐसी महिला को मां बनने की खुशी दे दी, जिसके पास गर्भाशय ही नहीं था। यह मामला इसलिए भी खास है, क्योंकि दुनिया में पहली बार ऐसा हुआ है कि प्रत्यारोपित गर्भाशय से जन्म लेने वाला बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है।

पहले भी हुए प्रयास

इससे पहले भी गर्भाशय प्रत्यारोपण के जरिये कई प्रयास किये गये लेकिन कभी उन्हें शरीर ने स्वीकार नहीं किया तो उसे निकालना पड़ा तो कभी गर्भपात हो गया। 2000 में पहली बार सऊदी अरब में यूटरस ट्रांसप्लांट किया गया था। चार माह बाद ही महिला के शरीर ने ऑर्गन को रिजेक्ट कर दिया। आखिर उसे निकालना पड़ा। इसके बाद टर्की में कोशिश हुई। शरीर ने गर्भाशय तो स्वीकार कर लिया, लेकिन गर्भपात हो गया।

बच्‍चा है स्‍वस्‍थ

स्वीडन में पैदा हुआ बच्चा 1.8 किलो (3.9 पौंड) का है। प्रसव सिजेरियन के जरिये हुआ है। गोथेनबर्ग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मैट्स ब्रैनस्ट्राम प्रोजेक्ट के लीडर हैं। सात अन्य महिलाओं को भी इसी तरह यूटेरस ट्रांसप्लांट किए गए हैं। पांच अब भी गर्भवती हैं। डॉक्टर आशान्वित है कि जल्द ही और खुश-खबरें भी मिलेंगी।

समस्‍यायें भी आईं

प्रत्‍यारोपित गर्भ से गर्भधारण के बीच में कई तरह की समस्‍यायें भी आईं। गर्भधारण के 31वें हफ्ते तक सबकुछ सामान्य रहा। इसके बाद महिला को हाई ब्लडप्रेशर से जुड़ी प्री-एक्लांपसिया बीमारी हो गई। बच्चे की हार्ट रेट भी असामान्य पाई गई। डॉक्टरों ने समय पूर्व डिलिवरी कराने का फैसला किया। लेकिन बाद में सबकुछ ठीक हो गया, लेकिन प्रसव सिजेरियन के जरिये हुआ।
Its Hope for A Lot of Women in Hindi

महिला ब्रीमारी से ग्रस्‍त थी

जिस महिला को गर्भ प्रत्‍यारोपण के बाद मां बनाया गया वह रॉकिटांस्की जेनेटिक सिंड्रोम से पीडि़त थी। 4500 में से किसी एक महिला को यह बीमारी होती है। महिला जब 15 साल की हुई तो पहली बार उसे इसका पता चला। महिला को उसकी 61 साल की पारिवारिक मित्र ने अपना यूटेरस दान किया। चिकित्‍सक तब हैरान रह गए जब 61 साल की इस महिला की कोख गर्भधारण के लिए टेस्ट में दुरुस्त पाई गई, जबकि सात साल पहले उसका मेनोपॉज बंद हो चुका था।


यह उन महिलाओं के लिए एक नयी उम्‍मीद की किरण की तरह है जो किसी परेशानी के कारण मां बनने में सफल नहीं हो पाती है।

 

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