जानें स्‍पर्म की संख्‍या या स्‍पर्म मोबिलिटी में क्‍या है महत्‍वपूर्ण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 01, 2016
Quick Bites

  • प्रजनन और गर्भाधान से संबंधित जानकारियां होना आवश्यक।  
  • स्‍पर्म की संख्‍या या स्‍पर्म मोबिलिटी में क्या ज्यादा महत्वपूर्ण।
  • स्‍पर्म की संख्‍या या स्‍पर्म मोबिलिटी को समझना बेहदज जरूरी है।
  • गर्भधआरण के लिये केवल एक मजबूत तैराक शुक्राणु काफी है।

जब एक पति-पत्नि बच्चे के लिये तैयारियां कर रहे होते हैं, तो उनके भीतर प्रजनन और गर्भाधान से संबंधित सभी चीज़ों को जानने की इच्छा पैदा होती है। और एक तरह से ये बेहतर भी है, इस प्रकार सभी जानकारियां कर आप एक स्वस्थ शिशु को जन्म दे पाते हैं। ऐसे में लोगों का एक आम सवाल होता है, कि स्‍पर्म की संख्‍या या स्‍पर्म मोबिलिटी में क्या ज्यादा महत्वपूर्ण होता है? तो चलिये विस्तार से जानें इससे संबंधित सभी बातें -

 

स्‍पर्म की संख्‍या और स्‍पर्म मोबिलिटी

प्रजनन और गर्भाधान के लिये स्‍पर्म की संख्‍या या स्‍पर्म मोबिलिटी को समझना बेहदज जरूरी है। जब किसी पुरुष के शुक्राणु के स्वास्थ्य का निर्धारण करने के लिए उसके वीर्य विश्लेषण किया जाता है तो कई चीजें सुनने में आती हैं, जैसे शुक्राणुओं की संख्या, शुक्राणु आकृति विज्ञान (शुक्राणु के सामान्य आकार का प्रतिशत), शुक्राणु की गतिशीलता और यहां तक की सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या भी। लेकिन भला इन मापों के स्तर के बारे में इतनी परवाह क्यूं?
और शुक्राणुओं की गिनती या शुक्राणु गतिशीलता में क्या अहम है?

 

Sperm Motility in Hindi

 

शुक्राणु के साथ, गतिशीलता महत्वपूर्ण है

किसी पुरुषों के शुक्राणुओं की संख्या सामान्य या उच्च हो सकती है, लेकिन यदि उसके शुक्राणुओं की गतिशीलता (तैरने की क्षमता), धीमी है तो यह गर्भधारण करने की क्षमता में बाधा अतपन्न कर सकती है। गतिशीलता, दरअसल शुक्राणुओं के चलने को कहा जाता है। स्वस्थ गतिशीलता वाले शुक्राणु तेजी से आगे बढ़ते हैं, वे सुस्त व गोल-गोल नहीं घूमते। विशेषज्ञों वीर्य को गतिशीलता के चार ग्रेड देते हैं, सीधे व तेज तैरने वाले शुक्राणुओं को 'ए' से लेकर बिल्कुल न चल सकने वालों को 'डी' तक। जब किसी नमूने में 32 प्रतिशत शुक्राणु तेजी से आगे तैरने में असफल होते हैं, तो ऐसे नमूने की गतिशीलता कम मानी जाती है।

शुक्राणुओं की कम गतिशीलता आनुवंशिक या शारीरिक कारणों की वजह से हो सकती है, जिसका इलाज संभव नहीं है। हालांकि कई अध्ययनों और मजबूत सबूतों से पता चला है कि किसी व्यक्ति में शुक्राणु की गतिशीलता को आहार और जीवन शैली में परिवर्तन (जैसे, वजन घटाकर, धूम्रपान बंद कर, बाइक कम चलाना, एंटीऑक्सीडेंट विटामिन लेकर, कार की सीट का हीटर उपयोग न कर आदि) कर सुधारा जा सकता है। शुक्राणु की गतिशीलता में सुधार करने के सबसे अच्छे तरीका है निमित संभोग। इससे टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन बढ़ता है और तेजी से शुक्राणु पैदा होते हैं।

 

शुक्राणुओं की संख्या और शुक्राणु गतिशीलता के बीच महत्वपूर्ण संबंध

किसी जोड़े के लिये ये समझना बेहद जरूरी है कि शुक्राणुओं की गिनती या शुक्राणुओं की गतिशीलता को अलग-अलग विश्लेषित नहीं किया जा सकता है। सामान्य शुक्राणु व इनकी गतिशीलता से संबंधित आंकड़ें विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 4000 प्रजननक्षम (fertile) पुरुषों से वीर्य का अध्ययन कर विकसित किए गए। अतः कम शुक्राणुओं की संख्या को स्वस्थ जीवनशैली व खान-पान से भी इसे सुधारा जा सकता है।


खुशी की बात तो ये है कि एक कम शुक्राणुओं की संख्या और उनकी कम गतिशीलता के साथ भी कोई पुरुष पिता बन सकता है। अंडे के साथ क्रिया करने के लिये केवल एक मजबूत तैराक शुक्राणु काफी होता है।


Image Source - Getty

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