व्‍यायाम डीएनए में बदलाव कर सकता है

व्‍यायाम से आदमी के डीएनए की संरचना बदलती है।

Nachiketa Sharma
लेटेस्टWritten by: Nachiketa SharmaPublished at: Apr 17, 2012
व्‍यायाम डीएनए में बदलाव कर सकता है

जब आलसी लोग कुछ मिनट के लिए व्यायाम करते हैं, तब उनके डीएनए पर तत्काल परिवर्तन होता है। हाल ही में हुए एक अध्ययन के अनुसार, यह व्यायाम करने वाले को मजबूत बना सकता है। व्यायाम से आदमी की मांसपेशियों का आनुवांशिक कोड बदलता नहीं है लेकिन इन मांसपेशियों के डीएनए अणुओं में कई तरह से संरचनात्मक बदलाव आते हैं।


व्यायाम से डीएनए के विशिष्ट स्थानों पर पहले की घटनाओं के आधार पर मांसपेशियों की आनुवांशिक संरचना में यह बदलाव दिखता है जो ताकत बढा़ता है और अंतत: मेटाबॉलिज्म को फायदा होता है। स्वीडन में कैरोलिंस्का‍ इंस्टीट्यूट की जुलीन जिराथ के अनुसार, हमारी मांसपेशियों में बहुत टाक्सिन है।   

यह अक्सर कहा जाता है कि आप जो खाते हैं वैसे बनते हैं। इसी तरह, आप जो करते हैं उसी हिसाब से मांसपेशियां भी बदलती हैं। यदि आप इनको निष्क्रिय बनाए रखेगें तो इससे इसकी ताकत कम होती है और यह एक रास्ता है जिससे यह होने की अनु‍मति देता है। डीएनए में बदलाव का यह प्रश्न एपीजे‍नेटिक (वंशानुगत) संशोधन कहलाता है। यह पारिवारिक क्रम के अनुसार डीएनए के केमिकल अंकों के फायदे और नुकसान में शामिल होता है।

नया अध्ययन यह दर्शाया कि जो लोग पहले एक्सरसाइज करते थे उनकी हड्डियों और मांसपेशियों के डीनएनए के केमिकल अंकों की तुलना में तुरंत व्यायाम करने वाले लोगों के केमिकल अंक कम होते हैं। यह परिवर्तन उस प्रकार के डीएनए में अपना स्थान बनाता है जिसके फंक्शन कार्यशील हो जाते हैं और व्यायाम के समय मांसपेशियों के जीन्स में समायोजित होते हैं।


 
जब शोधकर्ताओं ने लैब में मांसपेशियों का विभिन्न डिशेज के साथ संपर्क किया, तब उन्होंने डीएनए मिथाइल समूह में समान रूप से नुकसान देखा। एपीजेनेटिक परिवर्तन जीन्स के लचीलेपन को बारी-बारी से बदलने की क्षमता रखता है। यह हमारी कोशिकाओं के डीनएनए को पर्यावरण के अनुरूप बनाता है। जीराथ के अनुसार, व्यायाम दवा है, जो केवल हल्के सैर से जीनोम्स को स्वस्थ तरीके से बदलता है।

Disclaimer