Union Budget 2019: वित्‍तमंत्री के बहीखाते से स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र को मिली मायूसी, लोगों ने कहा- दुर्भाग्‍यपूर्ण

वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपने बजट पेश करने के दौरान शहर से लेकर गांवों तक बुनियादी स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं प्रदान करने के लिए कई महत्‍वपूर्ण योजनाओं और उसके क्रियान्‍वयन के लिए बजट

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Jul 05, 2019Updated at: Jul 05, 2019
Union Budget 2019: वित्‍तमंत्री के बहीखाते से स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र को मिली मायूसी, लोगों ने कहा- दुर्भाग्‍यपूर्ण

भारत की वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को मोदी सरकार 2.O का पहला पूर्ण बजट पेश किया। वित्तमंत्री ने ऐसे समय में यह बजट पेश किया है जब देश की अर्थव्यवस्था में कमजोरी आई है।

देश के स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र में बुनियादी जरूरतों की कमी है। आयुष्‍मान भारत जैसी तमाम योजनाओं के बावजूद एक तरफ जहां चमकी बुखार (एक्‍यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम), डेंगू, मलेरिया, चि‍कनगुनिया जैसी संक्रामक बीमारियों हर साल हजारों लोगों की मौत हो जाती है तो वहीं सरकारी अस्‍पतालों में बुनियादी सुविधाएं न मिल पाने की वजह से भी लाखों जानें जाती हैं। ऐसे में यह पूर्ण बजट देश की लचर स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र में सुधार की उम्‍मीद लिए बैठी जनता के हाथ खाली रह गए।

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हेल्‍थ सेक्‍टर को मिलेे 1461 करोड़ 

दरअसल, 2018-19 में स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र का कुल बजट 54 हजार 668 करोड़ था, जो 2019 के अंतरिम बजट में बढ़कर 63 हजार 538 करोड़ हो गया। वित्‍तमंत्री द्वारा आज पेश किए गए पूर्ण बजट में मात्र 1461 करोड़ रूपए हेल्‍थ सेक्‍टर को दिए गए। जो इस साल कुल बजट 64 हजार 999 करोड़ हो गया है। इसके अलावा स्‍वास्‍थ्‍य बीमा पर भी कोई कर्ज छूट नहीं दी गई है। हालांकि, स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र में दिए गए बजट से स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों और आम लोगों में मायूसी है, जिसकी प्रतिक्रिया लोग अपने सोशल अकाउंट के जरिए दे रहे हैं।  

स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र में बजट से लोगों को मिली मायूसी  

हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एचसीएफआई) के प्रेसीडेंट, पद्मश्री अवार्डी डॉ. केके अग्रवाल ने कहा, सरकार ने बजट में स्‍वास्‍थ्‍य के लिए कुछ भी उल्‍लेख नहीं किया है, जो कि दुर्भायपूर्ण है।   

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्‍यक्ष डॉक्‍टर रवि वानखेड़कर ने कहा, बजट में हेल्‍थ के लिए कुछ नहीं मिला। बजट से बहुत हताश हूं। वित्‍तमंत्री के भाषण में स्वास्थ्य देखभाल के बारे में कोई उल्लेख नहीं किया गया है। यदि भारत को महाशक्ति बनाना है तो स्वास्थ्य के क्षेत्र में निवेश जरूरी है। निवेश-मुख्य रूप से सरकार द्वारा होनी चाहिए जो सुलभ और गुणवत्ता परक हो। बजट में पीने के पानी और स्वच्छता पर दिया गया बल उत्साहजनक है। 

एक और यूजर रूत्विक मंत्री ने कहा, "स्‍वास्‍थ्‍य और शिक्षा का बजट जैसा था वैसा ही है। जबकि यह दोनों ही इस आधुनिक दुनिया में हमारे लिए सबसे जरूरी है। आशा है कि विपक्ष इसके पहलुओं को मुद्दा बनाएगा।"  

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