Type 2 diabetes: सिर्फ 4 हफ्ते में आपका ब्लड ग्लूकोज लेवल नार्मल कर सकती है ये हर्बल दवा, शरीर को मिलेगी ताकत

Type 2 Diabetes: क्यूरालिन में 10 पारंपरिक आयुर्वेदिक गवाएं होती हैं, जिसमें कड़वा तरबूज, मेथी, आंवला फल और हल्दी शामिल है। डॉ. का कहना है कि आयुर्वेदिक डॉक्टर ग्लूकोज स्तर को संतुलित रखने के लिए इन दवाओं की सलाह देते हैं। 

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaUpdated at: Sep 24, 2019 12:00 IST
Type 2 diabetes: सिर्फ 4 हफ्ते में आपका ब्लड ग्लूकोज लेवल नार्मल कर सकती है ये हर्बल दवा, शरीर को मिलेगी ताकत

टाइप-2 डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है, जिसमें आपका शरीर रक्त में शुगर की मात्रा को नियंत्रित नहीं रख सकता। शरीर सही तरीके से इंसुलिन के प्रति प्रतिक्रिया नहीं दे पाता और इस कारण ब्लड शुगर का स्तर बहुत ज्यादा हो जाता है। अगर इस स्थिति का उपचार न किया जाए तो किडनी फेलियर, ह्रदय रोगों, स्ट्रोक और कई गंभीर बीमारियां आपको अपनी चपेट में ले सकती हैं, इसलिए ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करना बेहद जरूरी है। एक स्वस्थ, संतुलित आहार और नियमित रूप से एक्सरसाइज करना आपकी मदद कर सकता है लेकिन कुछ विशेषज्ञ इसके अलावा कुछ अन्य सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं।

क्यूरालिन की मेडिकल एडवाइजरी बोर्ड की सदस्य डॉ. सारा ब्रीवेर का कहना है कि कुछ विशेषज्ञ ग्लूकोज स्तर को सुधारने के लिए हर्बल दवाएं लेने का समर्थन करते हैं। दरअसल क्यूरालिन में 10 पारंपरिक आयुर्वेदिक दवाएं होती हैं, जिसमें कड़वा तरबूज, मेथी, आंवला फल और हल्दी शामिल है। डॉ. का कहना है कि आयुर्वेदिक डॉक्टर ग्लूकोज स्तर को संतुलित रखने के लिए इन दवाओं की सलाह देते हैं।

उन्होंने कहा, ''शोध में पाया गया कि क्यूरालिन में पाई जानी वाली जड़ी-बूटियां के मेटाबॉलिज्म पर कई प्रभाव देखने को मिलते हैं।'' उन्होंने कहा कि उदाहरण के लिए कड़वे तरबूज में पोलीपेप्टाइड-पी जैसे ढेर सारे एमिनो एसिड पाए जाते हैं, जो इंसुलिन के समान होते हैं और ग्लूकोज स्तर को कम कर सकते हैं, डाइट से ग्लूकोज के अवशोषण को घटा सकते हैं और लिवर में ग्लूकोज के उत्पादन को भी कम करते हैं, जिसके कारण ब्लड ग्लूकोज में सुधार होता है।

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क्यूरालिन में पाए जाने वाले अन्य तत्व जैसे हल्दी, मेथी और आंवला पैंक्रियाज से इंसुलिन छोड़ने में सुधार करते हैं और इंसुलिन प्रतिरोध को घटाकर इंसुलिन रिसेप्टर्स को सक्रिय करते हैं।

डॉ. सारा ने कहा, ''ये सभी साथ मिलकर ब्लड ग्लूकोज नियंत्रण और ऊर्जा स्तर में सुधार के प्रति एक प्रभावकारी प्रतिक्रिया का उत्पादन करते हैं।'' टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित हर व्यक्ति अलग-अलग कारणों और जोखिम कारकों से परेशान है लेकिन इन 10 अलग-अलग आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों (जो अलग-अलग तरीकों से काम करती हैं) को साथ मिलाकर इस बाधा को पार करने में मदद मिलती है क्योंकि ये किसी न किसी रूप में अपनी प्रतिक्रिया दिखाती है।

उन्होंने कहा इसका मतलब ये भी है कि प्रत्येक जड़ी-बूटी, जिसकी जरूरत है अगर उसकी कम डोज ली जाए तो यह साइड इफेक्ट की संभावना को काफी कम कर सकती है। डॉ. सारा का कहना है अगर आपका ग्लूकोज स्तर बिगड़ता रहता है या आप टाइप-2 डायबिटीज के शिकार हैं और केवल डाइट या फिर जीवनशैली में बदलाव के जरिए इसे प्रंबधित कर रहे हैं तो आपको इसमें सुधार देखने को नहीं मिलेगा। लेकिन क्यूरोलिन आपके ब्लड ग्लूकोज में हमेशा के लिए सुधार ला सकता है।

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डॉ. सारा ने कहा, ''क्यूरालिन ग्लूकोज स्तर पर एक महत्वपूर्ण फायदेमंद प्रभाव डालता है। जिन लोगों ने इस दवा को लिया उन्होंने 4 सप्ताह के भीतर ही अपना ग्लूकोज कंट्रोल सामान्य पाया है। इसके अलावा उन्होंने अपनी ऊर्जा यानी की एनर्जी, नींद और जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार पाया।''

उन्होंने कहा, ''अगर आप टाइप-2 डायबिटीज के लिए डॉक्टर की दवा खा रहे हैं तो पहले अपने डॉक्टर से बात करिए।''

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