
दिन भर लगातार घंटों तक एक कुर्सी पर बैठकर बेहिसाब काम और व्यस्त रुटीन के चलते अक्सर कमर दर्द की शिकायद हो जाती है। दर्द भी ऐसा कि उठा तो कई दिनों तक, हफ्तों या महीनों तक सताता है। कमर दर्द के कई कारण हो सकते हैं। इस लेख में हम कमर दर्द के हर संभव कारण, और इस विषय पर हुए शोध के परिणामों के बारे में बात करेंगे।
कमर के निचले हिस्से में लगातार होने वाले दर्द पर वैज्ञानिकों ने शोध किए हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि इसका कारण आपके जीन में छुपा हो सकता है। ब्रिटेन के 4,600 लोगों पर अध्ययन करने के बाद पाया गया कि पार्क-2 जीन उम्र से जुड़ी डिस्क की समस्याओं की वजह है।
अधेड़ उम्र की अमूमन हर तीसरी महिला को रीढ़ संबंधी परेशानी होती है। जानकारों का मानना है कि इनमें से लगभग 80 फीसदी को यह बीमारी विरासत में मिलती है। विशेषज्ञों को उम्मीद है कि इस जीन का राज सामने आने के बाद कमर दर्द का प्रभावी इलाज तलाशने में आसानी होगी। और साथ ही इसके लिए नयी तकनीक विकसित करने में भी मदद मिलेगी। यह अध्ययन लंदन के किंग्स कॉलेज के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया था। इस अध्ययन में शामिल सभी लोगों के एमआरआई कराए और उनके आनुवांशिक बनावट में फर्क को भी देखा गया था।
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क्यों होता है कमर दर्द
लंबर डिस्क की विकृति (डिजेनरेशन) में रीढ़ के अंदरूनी हिस्सों में तरल पदार्थ की कमी हो जाती है। साथ ही इनकी लंबाई भी कम हो जाती है। इससे सटे हिस्सों में हड्डियां बढ़ने लगती हैं जिन्हें 'ओस्टियोफाइटस' कहते हैं। इससे कमर के निचले भाग में दर्द होने लगता है।
अलग-अलग रूप
शोधकर्ताओं ने पाया कि जिनकी डिस्क में खराबी थी उनमें पार्क2 जीन की अलग-अलग किस्में मौजूद थीं। और इसका असर इस बात पर पड़ रहा था कि उनकी स्थिति में किस तेजी से गिरावट आ रही थी। शोधकर्ताओं ने कहा कि ये जानने के लिए की जीन का प्रभाव किस तरह से होता, अभी और भी शोध की ज़रूरत पड़ेगी। उनका यह भी कहना है कि खान-पान और जीवनशैली जीन में कुछ बदलाव कर सकते हैं।
अन्य कारण
बैठने, चलने और सोने की गलत मुद्रा, बहुत अधिक तनाव, जिम में की गई गलत कसरत, देर तक कुर्सी पर बैठना, भीरी चीजें उठाना, डिस्क खिसकने तथा शरीर का बैंलेंस बिगड़ने आदि के कारण भी कमर दर्द हो जाता है। इसके अलावा कैल्शियम की कमी से हड्डियां का कमजोर हो जाने, जोड़ों में खिंचाव, ऊंची एड़ी के जूते पहनने व गलत मुद्रा में चलने व खड़े रहने से भी कमर दर्द हो जाता है।
कैसे करें बचाव
कमर दर्द से बचने के लिए योग जैसे वीरभद्रासन, भुजंगासन आदि का अभ्यास करें। कोर स्ट्रेस एक्सरसाइज करें। भारी चीजों को या किसी सामान को नीचे से उठाते समय, पहले घुटने को झुकाकर फिर उठाएं। स्प्लिट स्ट्रेच एक्सर्साइज करें, इसे करने के लिए जमीर पर पैर फैलाकर बैठें और तलवों को छूने की कोशिश करें। अगर कमर में दर्द है तो जमीन से कम से कम 6 इंच ऊपर स्टूल या कुर्सी पर बैठें और पैर नीचे रखकर तलवे छूने की कोशिश करें। गलत मुद्रा में न बैठें और खड़े रहते समय पैरों के आगे के भाग पर वजन रखकर खड़े हों।
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