मेनोपॉज के बाद ऐसे रखें दिल का खयाल, नहीं होंगी दिल की बीमारियां

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 29, 2018
Quick Bites

  • मेनोपॉज के बाद कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा बढ़ जाता है।
  • मेनोपॉज के बाद महिलाओं में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं।
  • हर महिला को नियमित रूप से करवानी चाहिए कुछ जरूरी जांच।

हर महिला के जीवन में मेनोपॉज आता है और कई तरह की तकलीफें और तनाव लेकर आता है। मेनोपॉज यानी रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं और उन्हें कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस दौरान सबसे ज्यादा खतरा दिल की बीमारियों का होता है। कई महिलाओं में मेनोपॉज सामान्य से पहले ही हो जाता है, ऐसे में उनमें खतरा बढ़ जाता है। हालांकि अगर महिलाएं कुछ सावधानियां रखें और आपनी आदतों में कुछ बदलाव कर लें, तो दिल की बीमारियों के खतरे को बहुत हद तक कम किया जा सकता है।

क्यों होता है दिल को खतरा

मेनोपॉज के बाद महिलाओं में धमनी रोगों यानी कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि धमनियों में कई तरह के अवरोध की आशंका होती हैं। यह दिल की संकेतक में इलेक्ट्रीकल उपद्रव की वजह से होता है। इसे चिकित्सकीय भाषा में अर्थाथिमिआस के रूप में जाना जाता है। इसे रोकने और दिल का अच्छा ख्याल रखने के लिए, महिलाओं को नियमित जांच करानी चाहिए और दिल की स्थिति और उसके साथ जुड़े जोखिम कारकों का विश्लेषण कराना चाहिए।

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मेनोपॉज के बाद कौन सी जांच हैं जरूरी

मेनोपॉज के बाद दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाने वाले कई कारक होते हैं। इसलिए हर महिला को नियमित रूप से ये जांचें करवानी चाहिए-

  • ब्लड प्रेशर
  • ब्लड शुगर
  • थायरॉइड
  • हीमोग्लोबिन।
  • ट्राइग्लिसराइड
  • बी. एम. आई.
  • लिपिड प्रोफाइल

जरूरी हैं विटामिन्स और मिनरल्स

मेनोपॉजके दौरान महिलाओं के शरीर में दिखने वाले लक्षणों को दूर करने में विटामिन और मिनरल्स का अहम रोल होता है। मेनोपॉज में होने वाली हॉट फ्लेशज की समस्या से निजात पाने के लिए कुछ खास तरह के विटामिन जैसे विटामिन ए, सी, मैग्नीशियाम आदि का सेवन करना चाहिए। जो महिलाएं मेनोपॉज के दौर से गुजरती है अगर वे अपने खानपान पर खास खयाल ना रखे तो उन्हें हृदय रोग और ओस्टियोपोरोसिस जैसी समस्या होने की भी आशंका होती है। जब शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिलता है तो इसका असर शरीर के हर हिस्से पर होता है। मेनोपॉज में होने वाली समस्याओं से बचने के लिए महिलाएं को कुछ जरूरी विटामिन का सेवन करना चाहिए।

हड्डियों पर पड़ता है असर

मेनोपॉज का सबसे ज्यादा असर हड्डियों पर पड़ता है। एस्ट्रोजन हारमोन के कम होने के कारण बोन मास कम हो जाता है, जिसकी वजह से घुटने में दर्द व जोड़ों की बीमारी होना आम बात है। कैल्शियम की ज्यादा कमी की वजह से रीढ़ की हड्डी कमजोर होने लगती है और मरीज आगे की तरफ झुकना शुरू कर देते हैं। मेनोपॉज के कारण नर्वस सिस्टम और दिल पर भी असर पड़ता है।

वजन रखें कंट्रोल

आपको अपने वजन को थोडा कंट्रोल में रखना चाहिए, क्योंकि आप का वजन जितना बढ़ता है, उतना ही वो ह्र्दय के लिए खराब होता है। ह्र्दय को आप के शरीर में खून की आपूर्ति के लिए ज्यादा काम करना होगा और इस प्रकिया में उस पर दबाव बढ़ता है, जिससे हमें ह्र्दय रोग का सामना करना पड़ता है।

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खान-पान में रहें सचेत

अच्छा और सोच समझकर खाना चाहिए। हमे पर्याप्त मात्रा में ताजे फलों का सेवन करना चाहिए और मौसमी हरी पत्तेदार सब्जियों, सीमित मात्रा में वसा का सेवन करना चाहिए। बाहर का खाना और तले हुआ भोजन से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

एक्‍सरसाइज है जरूरी

नियमित रूप से व्यायाम ह्र्दय को स्वस्थ रखने का एक महत्वपूर्ण उपाय है, अगर हम दिन में कम से कम 30 मिनट तक तेजी से चलें या फिर सप्ताह में कम से कम पांच दिन खेल-कूद के गतिविधियों में हिस्सा लें जैसे कि खेलने या तैरने की सलाह दी जाती है। व्यायाम करने से वजन संतुलित में रहता है। इसके अलावा ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रोल स्तर को कम करने में मदद मिलती है और इससे हमारे तनाव का स्तर भी कम होता है।

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