थायराइड फंक्शन में वृद्धि के लिए प्राकृतिक उपचार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 31, 2012

थाइराइड ग्रंथि गले में होती है। यह ग्रंथि होती तो बहुत छोटी है, लेकिन हमारे शरीर को स्‍वस्‍थ्‍य रखने में इसका बहुत योगदान होता है। थाइराइड   इंडोक्राइन ग्रंथि है, जो कुछ हार्मोन के स्राव के लिए जिम्‍मेदार होती है। यदि थाइराइड ग्रंथि सही ढंग से काम करना बंद कर दे तो शरीर में कई समस्‍यायें शुरू हो जाती हैं। शरीर से हार्मोन का स्राव प्रभावित हो जाता है। लेकिन यदि थायराइड ग्रंथि कम या अधिक सक्रिय हो तब भी स्‍वस्‍थ्‍य को प्रभावित करती है। इसलिए थाइराइड फंक्‍शन में सुधार के लिए कुछ प्राकृतिक तरीके अपनाये जा सकते हैं।

[इसे भी पढ़ें: थायराइड ग्रंथि से रोग]

थायराइड फंक्‍शन में वृ्द्धि के लिए प्राकृतिक उपचार –

थायराइड फंक्‍शन बढ़ाने वाले आहार –

  • थायराइड ग्रंथि का फंक्‍शन सबसे ज्‍यादा खान-पान से प्रभावित होता है। अगर खाने में आयोडीन की मात्रा कम है तो इसका सीधा प्रभाव थायराइड ग्रंथि पर पड़ता है। इसलिए थाइराइड फंक्‍शन में सुधार के लिए भोजन में आयोडीन की मात्रा को निर्धारित कीजिए।
  • समुद्री जीवों में सबसे ज्‍यादा आयोडीन पाया जाता है। समुद्री शैवाल, समुद्र की सब्जियों और मछलियों में आयोडीन की भरपूर मात्रा होती है।
  • कॉपर और आयरन युक्‍त आहार के सेवन करने से भी डायराइड फंक्‍शन में बढ़ोत्‍तरी होती है। काजू, बादाम और सूरजमुखी के बीज में कॉपर की मात्रा होती है। हरी और पत्‍तेदार सब्जियों में आयरन की भरपूर मात्रा होती है।
  • इसके अलावा कई अन्‍य खाद्य-पदार्थ भी हैं जो थायराइड फंक्‍शन को मजबूत करते हैं। पनीर और हरी मिर्च तथा टमाटर थायराइड गंथि के लिए फायदेमंद हैं।
  • नारियल का तेल भी थायराइड फंक्‍शन में वृद्धि करता है।

 

[इसे भी पढ़ें : हाइपोथायराइडिज्‍म के लिए सर्वोत्‍तम आहार]

थायराइड फंक्‍शन में वृद्धि करने वाली औषधियां –

  • थायराइड फंक्‍शन में सुधार करने के लिए औषधियां बहुत काम करती हैं। इसके अलावा औषधियां थायराइड से जुड़ी बीमारियों में भी बहुत फायदा करती हैं।
  • गोभी, ब्रोक्‍कोली, मूंगफली जैसे खाद्य-पदार्थ थायराइड फंक्‍शन को मजबूत करते हैं।
  • शिलाजीत थायराइड फंक्‍शन में वृद्धि करता है। शिलाजीत में 85 प्रकार के औषधीय तत्‍व होते हैं।
  • कचनारा (इसे बैंगनी पहाड़ी अबनूस भी कहते हैं) थायराइड फंक्‍शन को मजबूत करता है।
  • लीकोरिस, थायराइड ग्रंथि और उॅर्जा स्‍तर में संतुलन बनाता है।

 

जब थाइराइड ग्रंथि अंडर एक्टिव होती है तो इसे हाइपोथाइराइडिज्‍म कहते हैं और जब थाइराइड ग्रंथि ओवर एक्टिव होती है तो इसे हाइपरथाइराइडिज्‍म कहते हैं। इन दोनों स्थितियों में कई स्‍वस्‍थ्‍य समस्‍यायें होती हैं। इसलिए अगर आपको लगे कि आपकी थायराइड ग्रंथि ठीक से काम नही कर रही है तो चिकित्‍सक से संपर्क अवश्‍य कीजिए।

 

Read More Articles on Thyroid Problems in Hindi.

Loading...
Is it Helpful Article?YES26 Votes 15791 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK