थायराइड अल्‍सर से जुड़ी पांच बातें जानें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 31, 2012

thyroid alsar se judi paach baate jaane

थायराइड गले की नली में पायी जाने वाली एक ग्रंथि होती है। जो कि मेटाबॉलिज्म ग्रंथि को नियंत्रित करती है। हम जो भी खाते हैं उसे थाइराइड ग्रंथि ऊर्जा में बदलती है। इसके लिए थाइराइड हार्मोन की भूमिका अहम होती है। थाइराइड को साइलेंट किलर भी कहा जाता है, यह वंशानुगत भी हो सकती है।

थाइराइड ग्रंथि के ठीक से काम न करने पर मौत भी हो सकती है। इसका उपचार न होने पर यह कई और बीमारियों का कारण बन सकती है। इस रोग के बारे में जागरुकता की कमी और पहचान में देरी होने के कारण पीड़ित व्‍यक्‍ति को अपनी जान तक गंवानी पड़ती है। सही समय पर इस बीमारी का पता चलने पर इसका इलाज संभव है।

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जब थायरायड ग्रंथि की कोशिकाओं में अल्‍सर हो जाता है तब इसे थायराइड कैंसर कहते है। हालांकि यह बीमारी आम नहीं है, लेकिन इसका इलाज किया जा सकता है। यह बीमारी किसी को भी हो सकती है, लेकिन कुछ ऐसे कारक होते हैं जिनके कारण यह बीमारी होने की संभावना अधिक हो जाती है। साथ ही उन बातों का ध्यान रख इस बीमारी से कुछ हद तक बचा भी जा सकता है। इन सब खतरों को समझने और दूर करने की जरूरत है ताकि थायराइड कैंसर को रोका जा सके। आइए हम आपको बताते हैं थायराइड कैंसर को कैसे रोका जाए।

1. देश में 4 करोड़ से भी ज्यादा लोग थाइराइड अल्‍सर की समस्या से जुझ रहे हैं। भारत में अब तक करीब 4.2 करोड़ लोग थायराइड कैंसर का असर झेल चुके हैं। इनमें से तकरीबन 90 प्रतिशत लोगों का इलाज ही नहीं हो पाता है। थायराइड कैंसर सबसे घातक बीमारियों में से एक है, लेकिन कैंसर के अन्य प्रकारों की तुलना में अधिक साध्य है। भारत में थायराइड कैंसर के रोगियों की संख्या अमेरिका में इस बीमारी के 48 हजार रोगियों के दसवें हिस्से के बराबर है। आधिकारिक तौर पर भारत में थायराइड कैंसर से पीड़ित लोगों की संख्या 5 से 6 हजार रख सकते हैं।

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2. आमतौर पर यह बीमारी 30 साल से अधिक उम्र के लोगों में होती है। युवाओं और बच्चों में इसके होने की संभावना कम पायी जाती हैं। महिलाओं में पुरुषों की तुलना में थायराइड कैंसर के होने की संभावना अधिक होती है।

3. विकिरण चिकित्सा के संपर्क में आने वालों में थायराइड कैंसर को विकसित करने का खतरा बढ़ जाता है जो विकिरण चिकित्सा आकस्मिक, परमाणु नतीजे या गर्दन के कारण होती है।

4. यदि आपके परिवार के इतिहास में थायराइड कैंसर या दुर्लभ ग्रंथियों के ट्यूमर के केस रहे होंगे तो ऐसे में आपमें थायराइड कैंसर होने की संभावना ज्‍यादा होगी।

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5. थायराइड कैंसर को रोकने के लिए कोई निश्चित तरीका नहीं है, लेकिन कुछ ऐसे कारक है जिनको अपना कर बढ़े हुए थायरायड कैंसर के खतरे को काबू किया जा सकता है। यदि आपकी गर्दन के आस-पास रेडियोथेरेपी हुई है, विशेष रूप से जब आप बच्चे थे। तो थायराइड कैंसर को लेकर अपने डॉक्टर से नियमित जांच करवाते रहें। ऐसे लोग, जिनके परिवार में थायरायड कैंसर का इतिहास है उन्हें भी डॉक्टर से इस संदर्भ में जांच करवाते रहना चाहिए। अपने डॉक्टर की सलाह मानें और इस बीमारी से बचे रहें।

 

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