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प्रीडायबिटीज का पता चलने पर करें ये 5 काम, कंट्रोल रहेगा ब्लड शुगर और टलेगा डायबिटीज का खतरा

प्राडायबिटीज रोगियों को अपने खानपान और जीवनशैली का बहुत ध्यान रखना होता है। कुछ चीजों को रोजाना करने प्रीडायबिटीज को मैनेज करने में मदद मिल सकती है।

 
Vineet Kumar
Written by: Vineet KumarPublished at: May 19, 2022Updated at: May 19, 2022
प्रीडायबिटीज का पता चलने पर करें ये 5 काम, कंट्रोल रहेगा ब्लड शुगर और टलेगा डायबिटीज का खतरा

जब शरीर में मौजूद ब्लड शुगर का स्तर अगर लंबे समय तक सामान्य से अधिक रहता है तो इस स्थिति को प्री-डायबिटीज कहा जाता है। प्री-डायबिटीज की समस्या का अगर सही समय पर निदान होता है तो इसे कंट्रोल में कर आप डायबिटीज का शिकार होने से बच सकते हैं। प्री-डायबिटीज की स्थिति आपको यह इशारा करती है की आपको अब डायबिटीज के प्रति सचेत हो जाना चाहिए। यह डायबिटीज से ठीक पहले की स्थिति होती है। अगर खाने के बाद 175 से ऊपर और फास्टिंग में 124 तक आता है तो इसे प्री-डायबिटीज की स्थिति कहा जाता है। इस समस्या से निदान के लिए आपको अपनी डाइट, खानपान और जीवनशैली में बदलाव करना चाहिए। इस लेख में हम क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट, डाइटीशियन और सर्टिफाइड डायबिटीज एजुकेटर गरिमा गोयल से जानेंगे ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने के लिए प्रीडायबिटीज रोगियों को किन चीजों (Things To Do For Prediabetes Control In Hindi) को करना चाहिए।

प्रीडायबिटीज रोगी करें ये 5 काम, कंट्रोल रहेगा ब्लड शुगर (Things To Do If You Have Prediabetes In Hindi)

1. भोजन की आधी प्लेट फल और सब्जियों से भरें

फल और सब्जियां पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं इनमें फाइबर अधिक मात्रा में होता है और कैलोरी कम होती है। साथ ही इनमें एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोकेमिकल्स मौजूद होते हैं। जो इंसुलिन रेजिस्टेंस में सुधार करने में मदद करते हैं, इससे ब्लड शुगर को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

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2. तनाव को मैनेज करें

तनाव आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। यह आपकी इम्यूनिटी को कमजोर करता है और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है। जिससे कई रोगों से ग्रसित होने का जोखिम बढ़ता है। वहीं तनाव वजन बढ़ाने में भूमिका निभा सकता है और अनियंत्रित ब्लड शुगर का कारण बन सकता है। एक्सरसाइज, मेडिटेशन या सांस संबंधी व्यायाम करने से तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

3. पर्याप्त नींद लें

जब आपकी नींद पूरी नहीं होती है या आप कम सोते हैं तो आपका व्यवहार चिड़चिड़ा हो जाता है। नींद की कमी आपके शरीर की इंसुलिन की प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकती है। कम नींद लेने से शरीर में तनाव हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जो इंसुलिन को प्रभावित करता है।

4. अल्कोहल का सेवन न करें

अल्कोहल का अधिक सेवन करने से टाइप 2 डायबिटीज का जोखिम बढ़ता है। साथ ही इससे अग्नाशय में सूजन की समस्या हो सकती है। इससे हमारा अग्न्याशय इंसुलिन का स्राव ठीक से नहीं कर पाता है। अगर फिर भी आप अल्कोहल का सेवन करते हैं तो एक या दो ड्रिंक से ज्यादा नहीं।

5. एक्टिव रहें

गतिहीन जीवनशैली डायबिटीज के मुख्य कारणों में से एक है। अगर आप शारीरिक रूप से एक्टिव नहीं रहते हैं तो इससे टाइप 2 मधुमेह के विकास का जोखिम बढ़ता है। इसलिए रोजाना एक्सरसाइज जरूर करें। दिन में सिर्फ 30 मिनट सामान्य व्यायाम जैसे पैदल चलना, स्विमिंग आदि डायबिटीज के जोखिम को कम करने में काफी मददगार साबित हो सकते हैं।

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एक्सपर्ट क्या सलाह देते हैं

डायटीशियन गरिमा के अनुसार प्रीडायबिटीज के रोगियों के लिए जरूरी है कि उनके आहार में विटामिन डी, बी 12, ओमेगा-3 होना बहुत जरूरी है। क्योंकि ये इंसुलिन रेजिस्टेंस को मैनेज करने में मदद करते हैं। आप चाहें तो इनके सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं। इसके अलावा आपको सिंपल कार्ब्स की बजाए कॉम्प्लेक्स कार्ब्स का सेवन करना चाहिए। ब्रेड, मैदा, सूजी आदि जैसे फूड्स खाने से बचें। इसके बजाए साबुत अनाज, चोकर, ओट्स, क्विनोआ आदि का सेवन करें। पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन का सेवन भी जरूरी है। आप चाहें तो इसके लिए सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं। यह प्रीडायबिटीज के प्रबंधन में बहुत मददगार है।

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(With Inputs: Dietitian Garima Goyal, MS, RD, CDE, Founder- Dt. Garima Diet Clinic , Ludhiana, Punjab)

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