पसीना बहाने का मतलब फैट बर्न करना नहीं है

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 30, 2017
Quick Bites

  • पसीना बहाने से मोटापा कम नहीं होता।
  • फैट कम करना और वजन कम करना, दो अलग-अलग चीजें हैं।
  • एक्सरसाइज के दौरान सही फैब्रिक के ड्रेस ही कैरी करें।

ज्यादातर लोगों को लगता है कि शरीर से जितना पसीना बहेगा, उतना ही मोटापा कम होगा। मगर हकीकत ये है कि पसीना बहाने का मोटापा कम करने से कोई सरोकार नहीं है। लेकिन फिटनेस वल्र्ड में इस तरह के मिथ चैतरफा पसरे हुए हैं। यही वजह है कि ज्यादातर लोग एक्सरसाइज करते हुए या मोटापा कम करने से जुड़ी कोई भी गतिविधि करते हुए ऐसी डोजेज को इंपॉर्टेंस देते हैं जिससे पहनकर पसीना आता है। मगर स्वास्थ्य विशेषज्ञों यह दावा करते हैं कि पसीना बहाने का मतलब मोटापा कम करना नहीं है। आइए जानें पसीना वास्तव में है क्या और इसका मोटापा से क्या संबंध है।

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पसीना क्या है

मोटापा कम करने के लिए पसीना बहाना फैट करना नहीं है। असल में पसीना आपके शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है। जब हमारा शरीर का तापमान 98.6 डिग्री तक पहुंच जाता है, स्वेट ग्लैंड सक्रिय हो जाते हैं, जिससे पसीना आने लगता है। ये सब हमारे मस्तिष्क द्वारा नियंत्रित किया जाता है ताकि शरीर का तापमान संतुलित रहे। अब जरा सोचें कि हमारे शरीर से पसीने के रूप में क्या बाहर आता है? शरीर से बह रहा पसीना वास्तव में पानी है जिसमें नमक मिला हुआ है। साथ ही इसमें प्रोटीन और शुगर के वेस्ट प्रोडक्ट भी सम्मिलित होते हैं। अतः इसमें फैट जैसी कोई चीज नहीं है जो बहकर बाहर निकल रहा हो।

पसीना कैलोरी बर्न करना नहीं है

पसीने बहने से त्वचा में जलन होती है साथ ही शरीर के तापमान को कम और नियंत्रित करती है। असल में पसीने का इतना ही काम होता है। इससे ज्यादा कुछ नहीं। आपके शरीर का आकार जितना बड़ा होगा, उतने ज्यादा आपको पसीने आएंगे। हालंाकि जो लोग फिट होते हैं, उन्हें भी बहुत ज्यादा पसीना आता है, क्योंकि वे लगातार शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हैं। इस वजह से उनके स्वेटिंग मेकेनिज्म काफी एक्टिव मोड में रहते हैं। इसके साथ ही अब यह भी स्पष्ट हो गया है कि इसमें कैलोरी बर्न नहीं होती है।

वजन कम करना बनाम मोटापा कम करना

ज्यादातर लोगों को लगता है कि वजन कम करना ही मोटापा कम करना है। जबकि ये दोनों अलग-अलग चीजें हैं। अगर आप हेल्थ काॅन्शस हैं, तो इसके बारीक फर्क को समझना जरूरी है। असल में वेट लाॅस यानी वजन कम करना एक अस्पष्ट वाक्य है। वजन करने हेतु आपको पानी की मात्रा यानी पसीना, फैट, मसल लाॅस, बोन डेंसिटी। मतलब यह कि वजन कम करने में आपको अपने शरीर के हर हिस्से से कुछ न कुछ कम करना होगा। असल में ये एक अजीबो-गरीब किस्म की शब्दावली है, जिसे हर कोई धड़ल्ले से इस्तेमाल करता है। जबकि फैट कम करने का मतलब होता है कि वसा का कम करना। आमतौर पर वसा हमारे शरीर में ऊर्जा के रूप में काम करती है। लेकिन यदि फैट की मात्रा ज्यादा हो जाए तो यह हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक हो जाती है।

 

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