स्ट्रेस का आपकी धड़कनों पर होता है गहरा असर, जानें तेज हार्ट बीट को नॉर्मल करने के कुछ खास उपाय

आपकी हृदय गति आपके संपूर्ण स्वास्थ्य की एक झलक देती है और आपको संभावित स्वास्थ्य समस्याओं का पता लगाने में मदद करती है। 

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Oct 09, 2020
स्ट्रेस का आपकी धड़कनों पर होता है गहरा असर, जानें तेज हार्ट बीट को नॉर्मल करने के कुछ खास उपाय

घबराहट, तनाव और डिहाइड्रेशन आपकी पल्स रेट को आसानी से बढ़ा सकती है। बात सिर्फ तनाव यानी कि स्ट्रेस की करें, तो इसके कारण  (how stress affects heartbeat) दिल के स्वास्थ्य पर गहरा असर होता है। सबसे पहले तो स्ट्रेस के कारण हमारी ब्लड वेसेल्स को नुकसान पहुंचता है और उनमें तनाव आ जाता है। वहीं स्ट्रेस के कारण आपके ब्लड सर्कुलेशन पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है। इससे तमाम तरह की अन्य परेशानियां शरीर में पैदा होने लगती हैं। इसलिए दिल के तेजी से धड़कने को नजरअंदाज न करें और समय रहते ही इसके लिए कुछ जरूरी कदम उठाएं। आज हम आपको कुछ खास तरीके बताएंगे, जिसकी मदद से आप जब भी नर्वस हों या परेशान हों तो अपने तेजी से धड़कते हुए दिल को कंट्रोल (Tips to keep heartbeat healthy)कर सकते हैं।

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हार्ट बीट को नॉर्मल करने के उपाय

1. घबराहट होते ही जमीन पर बैठ जाएं

जब आप व्यायाम करते हैं या नर्वस होते हैं तो यह तेजी से आपकी हार्ट बीट बढ़ता है। जब आप शांत होते हैं या बैठे रहते हैं तो यह धीमा हो जाता है। इसलिए जब भी आपको ऐसी कोई भी परेशानी हो जमीन पर आराम से बैठ जाएं। इस नीचे बैठना और धीमी गति से गहरी सांसें लेना आम तौर पर आपके हृदय गति को कम कर सकता है। वहीं ये आपके शरीर के तामपान में भी गिरावट लाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि धड़कनों के तेज होने का मतलब है कि आपका तेजी से ब्लड पंप कर रहा होगा, जिससे शरीर में गर्मी पैदा हो रही होगी। तो नीचे बैठना बल्ड सर्कुलेशन की तेजी में तुरंत गिरावट लाती है और बेहतर महसूस करने लगते हैं।

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2. बॉडी को स्ट्रेच करें

साइंस की मानें, तो  जब आपके दिल की धड़कनें तेज हो तो बॉडी को स्ट्रेट करें। कुछ नहीं तो हाथ और पैरों को फैलाएं। दरअसल स्ट्रेचिंग लैक्टिक एसिड के निर्माण को कम करने में मदद करता है, जिससे कठोर मांसपेशियां होती को आराम मिलता है। वहीं लगभग 5 मिनट तक या जब तक आपकी हृदय गति 120 बीट प्रति मिनट से कम न हो जाए, तब तक इसे करें। ध्यान रखें कि प्रत्येक स्ट्रेच को 10 से 30 सेकंड तक रोकें। अगर आपको लगता है कि आपको इससे आराम मिल रहा है थोड़ी देर इसी और करें। ध्यान रखें कि कोई भी कठो स्ट्रेचिंग न करें, जो कि दर्दनाक न हो। वहीं जब आप स्ट्रेच कर रहे हों तब सांस लें और सांस छोड़ें।

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3.अधिक मछली खाएं

फल, सब्जियां, लीन प्रोटीन, नट्स और फलियां से भरपूर विविध आहार खाने से दिल के स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ समग्र स्वास्थ्य में भी मदद मिल सकती है।  वहीं एंटीऑक्सिडेंट और स्वस्थ वसा में समृद्ध खाद्य पदार्थ और पूरक ब्लड प्रैशर को कम कर सकते हैं और हृदय को पंप करना आसान बनाते हैं। पर इन सबसे अलग आपके दिल को स्वस्थ रखने में मछली से मिलने वाला ओमेगा-3 आपकी ज्यादा मदद कर सकता है। इसलिए अपने मेनू में मछली जोड़ें। इसे नियमित रूप से खाने से आपकी हृदय गति कम हो सकती है।

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कभी-कभी आपके रेसिंग पल्स का कारण हृदय में एक अतिरिक्त विद्युत मार्ग हो सकता है। ऐसी स्थिति में अपने डॉक्टर से बात करें और अपने हार्ट का रेगुलर चेकअप करवाएं। साथ ही हार्ट बीट को हमेशा संतुलित रखने के लिए प्राणायम करें, अच्छी नींद लें और हरियाली वाली जगहों पर घुमने जाएं।

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