स्‍तन कैंसर को रोकेगी नई दवा

स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाली बहुत ही आम व गंभीर समस्या है, लेकिन अब जल्द ही इससे निजात पाया जा सकता है।

 ओन्लीमाईहैल्थ लेखक
लेटेस्टWritten by: ओन्लीमाईहैल्थ लेखकPublished at: Jan 17, 2013
स्‍तन कैंसर को रोकेगी नई दवा

महिलाओं में होने वाले कैंसर में स्‍तन कैंसर सबसे सामान्‍य है। अभी तक इस बीमारी के इलाज पर ही चर्चा की जाती थी, लेकिन अब वैज्ञानिक ऐसी दवा बनाने में कामयाब हुए हैं जो इस बीमारी को होने से रोकने में कारगर साबित होगी।


stan cancer ko rokegi nai dawaस्‍तन कैंसर जैसी भयंकर बीमारी को पनपने से रोकने की दिशा में वैज्ञानिकों को बड़ी कामयाबी मिली है। ब्रिटिश शोधकर्ताओं का दावा है कि उनकी बनाई हुई नई दवा स्‍तन कैंसर के खतरे को कम से कम बीस सालों के लिए दूर कर देगी। स्‍तन कैंसर के लिए संवदेशनशील महिलाओं को भी इस दवा से बड़ी राहत मिलने की उम्‍मीद जताई जा रही है।

 

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स्‍तन कैंसर की बड़ी वजह जीन संबंधी कारक माने जाते हैं। ऐसा प्रमाणित हो चुका है कि जिन महिलाओं में इस बीमारी का पारिवारिक इतिहास रहा है उन्‍हें यह स्‍तन कैंसर होने का अंदेशा अधिक होता है। लेकिन, वैज्ञानिकों की नई खोज इस तरह की महिलाओं को भी बड़ी राहत देगी, ऐसी आशा जताई जा रही है।

ब्रिटिश समाचार पत्र डेली मेल की खबर के मुताबिक ब्रिटेन के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की निगरानी संस्‍था नेशनल इंस्‍टीट्यूट फॉर हेल्‍थ एंड क्‍लीनिकल एक्‍सीलेंस द्वारा नई दवा के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। स्‍तन कैंसर के लिहाज से संवदेशनशील महिलाओं को रजोनिवृति या मीनोपॉज के पांच साल पहले या पांच साल बाद तक इस दवा को इस्‍तेमाल करना होगा। जिसके बाद कम से कम बीस सालों के लिए यह दवा स्‍तन कैंसर के खतरे को दूर रखेगी।

 

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फिलहाल ऐसी महिलाओं को 40 साल की उम्र के बाद हर साल एमआरआई स्‍कैन कराने की सलाह दी जाती है। यहां तक कि कुछ महिलाओं को एहतियाती तौर पर ऑपरेशन की भी राय दी जाती है। इसमें स्‍तन हटाने तक की सर्जरी की जाती है।

संस्‍था के मुताबिक हर आठवीं महिला को स्‍तन कैंसर का खतरा होता है। पारिवारिक इतिहास वाली हर तीसरी महिला को इस बीमारी से प्रभावित होने की आशंका रहती है। ब्रिटेन में हर साल 50 हजार महिलाओं में स्‍तन कैंसर की पहचान की जाती है।

 

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