सेक्स शिक्षा और किशोर गर्भावस्था

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 21, 2012

Sex shiksha aur kishore garbhavastha

बाल विवाह के कारण भारत में किशोर गर्भावस्था का चलन पहले से ही है। सेक्स शिक्षा और किशोर गर्भावस्था दोनों अवधारणाएं एक दूसरे से संबंधित हैं। जब कोई लडकी 20 साल की उम्र से पहली बार मां बनती है तो उसे किशोर गर्भावस्था कहते हैं। अगर किशोरों को सेक्स की शिक्षा दी जाए तो किशोर गर्भावस्था में कमी होगी। क्योंकि सेक्स की शिक्षा से समय से पहले मां बनने से लडकियां बच सकती हैं। किशोर लडकी के प्रेगनेंट होने से नवजात शिशु और मां दोनों के लिए खतरा हो सकता है। भारत में कम उम्र में मां बनने वाली युवतियों की मृत्यु दर दूसरे देशों की तुलना में कहीं ज्यादा है। इसलिए किशोरों को सेक्स की शिक्षा देनी चाहिए ताकि अनचाहे गर्भ और असुरक्षित यौन संबंध न बनें।



सेक्स शिक्षा और किशोर गर्भावस्थां -
किशारों को सेक्स शिक्षा देने के कई फायदे हैं। आइए हम आपको बताते हैं कि किशोर गर्भावस्था को रोकने के लिए सेक्स शिक्षा महत्व पूर्ण क्यों है -



जन्मदर में कमी -
सेक्स शिक्षा की जानकारी देकर जन्म‍दर को कम किया जा सकता है, जिससे बढती हुई जनसंख्या‍ पर नियंत्रण लगेगा। समय से पहले और कम उम्र में शादी हो जाने से कई नुकसान होते हैं। कम उम्र में शादी के बाद कई बच्चे हो जाते हैं। किशोर शिक्षा के अभाव में अपने और बच्चों के हित के बारे में ज्यादा सोच नहीं पाते हैं।

 

गर्भनिरोधक दवाईयों का प्रयोग -
किशोंरों को सेक्स शिक्षा देने से गर्भ निरोधक दवाईयों के प्रयोग को कम किया जा सकता है। इसके अलावा गर्भनिरोधक गोलियों का उचित तरीके से भी प्रयोग किया जा सकता है। सेक्स की शिक्षा के अभाव में किशोर असुरक्षित यौन संबंध बना लेते हैं लेकिन गर्भ के डर के कारण गर्भनिरोधक गोलियों का प्रयोग करते हैं। गर्भ निरोधक गोलियों का दुष्प्रभाव लडकियों पर पडता है और बाद में गर्भधारण के दौरान मां को कई दिक्कतों का सामना करना पडता है।  

 

सेक्सुअल व्यवहार -
सेक्स शिक्षा इस बात को भी निर्धारित करती है कि सेक्स करते वक्त आपका अपने पार्टनर के साथ कैसा व्यवहार होना चाहिए। किशोरों में अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए सेक्स की शिक्षा बहुत जरूरी होती है। कई किशोर लडकियां असुरक्षित तरीके से यौन संबंध बनाती हैं और गर्भवती हो जाती हैं।



मां की मृत्युदर में कमी -
सेक्स शिक्षा नहीं होने से कई लडकियां समय से पहले मां बन जाती हैं। समय से पहले मां बनने के कारण अक्सर मां की मृत्यु होने की अधिक संभावना होती है। किशोर लडकी में गर्भावस्था मौत का सबसे बडा कारण है। किशारों को सेक्स शिक्षा देकर मां की मृत्युदर को कम किया जा सकता है।



परिवार नियोजन -
किशोरों को सेक्स शिक्षा देकर परिवार नियोजन किया जा सकता है। अगर किशोर मां बन जाती है तो सेक्स शिक्षा के द्वारा बच्चों में उचित अंतराल की जानकारी होने से बच्चे की परवरिश अच्छे से हो सकती है। 25 प्रतिशत से ज्यादा किशोर मांएं दो साल के अंदर दूसरे बच्चे को जन्म देती हैं। सेक्स शिक्षा से दो बच्चों के बीच का अंतराल भी मालूम हो जाता है।

 

किशोर गर्भावस्था पर पूरी तरह से ध्यान देकर, किशोर म़ृत्युदर को रोका जा सकता है। किशोर गर्भावस्था को रोकने के लिए सरकार ने भी कई प्रयास किए हैं।

 

 

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