सेहतमंद रहना है तो बीमारियों के बारे में न पढ़ें

सेहतमंद रहना है तो बीमारियों के बारे में न पढ़ें : बीमारियों के बारे में पढ़ने से इनसान पर उसके खयाल हावी होने लगते है। ऐसे में उसके बीमारी के गिरफ्त में आने की संभावना बढ़ जाती है।

एजेंसी
लेटेस्टWritten by: एजेंसीPublished at: May 13, 2013
सेहतमंद रहना है तो बीमारियों के बारे में न पढ़ें

sehtmand rahna hai to bhimariyo ke baare me na padhe

हम सभी को सेहत दुरूस्‍त रखने के लिए उससे जुड़ी खबरें पढ़ना अच्‍छा लगता है और यह अच्‍छा भी है क्‍योंकि इससे हमें बीमारियों के बारे में ज्‍यादा जानने को मिलता है, लेकिन कभी कभी ऐसा करना स्‍वास्‍थ्‍य पर उल्‍टा असर कर सकता है।

जर्मनी स्थित जोहानस गुटेनबर्ग यूनिवर्सिटी के मुताबिक, बीमारियों के बारे में पढ़ने से इनसान पर उसके खयाल हावी होने लगते है। ऐसे में उसके बीमारी के गिरफ्त में आने की संभावना बढ़ जाती है। इसको 'इलेक्‍ट्रो मैगनेटिक हाइपर सेसिटीविटी' कहते है। बीमारियों के बारे में लगातार सोचने से इनसान में बेचैनी और घबराहट घर करने लगती है और उसमें उन बीमारियों के लक्षण नजर आने शुरू हो जाते है।

एक सर्वे में पता चला कि हमारें युवाओं का दिल बड़ा कमजोर होता है। लगभग 25 फीसदी युवा मानते है कि बीमारी के बारे में पढ़ने से उन्‍हें यह चिंता सताती है कि कहीं बुढ़ापे में उन्‍हें दिल का रोग न हो जाए। 24 फीसदी बुढ़ापें में डायबीटीज होने से डरते हैं और 16 फीसदी को कैंसर से डर लगता है।

 


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