सेहत के लिए अच्‍छा नही रिटायर होना

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 18, 2013

sehat ke liye acha nhi retire hona

ब्रिटेन के इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर एंव एज इंडीवर ने वर्क लांगर लीव हेल्दियर नाम के शोध में बताया है कि रिटायरमेंट के बाद थोड़े दिनों के लिए लोगों का स्वास्थ्य अच्छा तो हो जाता है, लेकिन बाद में समय के साथ-साथ उनका स्वास्थ्य गिरने लगता है।

 

एक नए शोध के अनुसार, सेवानिवृत्ति से मानसिक और शारीरिक सेहत पर बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं।

 

हर व्यक्ति की इच्‍छा होती है कि सेवानिवृति के बाद आराम फ़रमाएंगे। खुद को एक कुर्सी पर बैठ, हाथों में अखबार लेकर आराम से चाय की चुस्की लेते देखना चाहता है, लेकिन रिटायरमेंट इतना भी सुखद नहीं होता।

 

रिटायरमेंट के बाद ज्यादातर लोग चैन की सांस लेने के ख्याल से ही खुश हो जाते हैं और सोचते हैं कि घर पर रहकर वे आराम से स्वास्थ्य लाभ उठाएंगे, लेकिन दुर्भाग्य से उनका शरीर और दिमाग उन्हें इस खुशनुमा पल से मरहूम कर देता है।

 

सेवानिवृत्त के बाद लगभग 40 प्रतिशत लोग अवसाद ग्रस्त हो जाते हैं और 60 प्रतिशत लोगों के शारीरिक स्वास्थ्य स्तर में गिरावट आती है जिसकी वजह से रिटायर हुए लोग हीन भावनाओं से ग्रसित हो जाते हैं।

 

रिपोर्ट में सलाह दी गई है कि सरकार को रिटायरमेंट की उम्र में वृद्धि कर देनी चाहिए ताकि लोग ज्यादा उम्र तक काम करें और उनका शारीरिक, मानसिक तथा आर्थिक संतुलन बना रहे।



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