सीजोफ्रेनिया से बढ़ती है आत्‍महत्‍या की प्रवृति

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 24, 2013

schizophrenia se badti hai atmhatya ki pervriti

विभिन्‍न अध्‍ययनों से पता चला है कि सीजोफ्रेनिया अथवा खंडित मानसिकता के मरीजों में आत्‍महत्‍या की प्रवृति अधिक होती है। ऐसे लोगों में दस में से चार खुदकुशी की कोशिश करते हैं।  


सीजोफ्रेनिया के मरीजों की अनदेखी करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि अगर समय पर उनका इलाज नहीं हुआ तो वे अपने ही हाथों अपने जीवन को खत्म कर सकते हैं, ऐसा विश्व सिजोर्फेनिया दिवस के मौके पर मनोचिकित्सकों ने कहा।

 

अनुमान है कि भारत की करीब एक प्रतिशत आबादी इस गंभीर मानसिक बीमारी से ग्रस्त है और हर एक हजार वयस्क लोगों में से करीब सात लोग इस बीमारी से पीडित होते हैं। यह बीमारी 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग के लोगों में सबसे अधिक होती है और इससे महिला और पुरुष, अमीर और गरीब, युवा और बुजुर्ग कोई भी अछूता नहीं है। दुनिया भर में सीजोफ्रेनिया के जितने मरीज हैं, उनमें से करीब 90 प्रतिशत भारत जैसे विकासशील देशो में ही हैं।

 

मनोचिकित्सक और दिल्ली साइकिएट्रिक सेंटर डीपीसी के जानेमाने निदेशक डॉ. सुनील मित्तल ने कहा, कि 'सीजोफ्रेनिया के दस में से चार मरीज खुदकुशी की कोशिश करते हैं और सीजोफ्रेनिया के दस में से एक मरीज खुदकुशी करके अपनी जीवन की लीला समाप्त कर लेते हैं और ऐसे में सिजोर्फेनिया के मरीजों की पहचान एवं उनका उपचार अत्यंत आवश्यक है'।

 

 

 

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