रजोनिवृति के बाद वजन कैसे कम करें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 18, 2012

rajonibrithi ke bad wajan kam kaise kare

मध्यम आयु की महिलाएं अक्सर वजन संबंधी समस्याओं से परेशान रहती है। कई मामलों में आनुवांशिक कारणों से ऐसा होता है, तो कई मामलों में हार्मोनल परिवर्तन के कारण ऐसा होता है। इसके अलावा, रजोनिवृत्ति के साइड इफेक्ट के चलते भी ऐसा होता है, जिसका एक कारण कही ना कही इस दौरान चरम सुस्ती का अहसास होना भी होता है। रजोनिवृत्त के दौरान महिलाएं व्यायाम नहीं करती या कम करती हैं। इस वजह ये उनमें वजन बढ़ने लगता है।
 

रजोनिवृत्ति के दौरान वजन प्रबंध-

यदि आप सोच रही हैं कि रजोनिवृत्ति के दौरान कैसे वजन कम करें, तो आपको बस इतना करना होगा कि आपको अपनी जीवन शैली में स्थायी परिवर्तन लाना होगा और एक स्वस्थ जीवनशैली का पालन करना होगा।

एक सक्रिय जीवनशैली अपनानी होगी। इसके लिए नियमित रूप से एरोबिक एवं योगा जैसी गतिविधियों को अपने रोज के जीवन में शामिल करें। इससे आपके शरीर से अतिरिक्‍त कैलोरी कम होगी।

जब आप रजोनिवृत्ति में की स्थिति से गुजर रही होती है। तो ऐसे में वजन कम करना एक चुनौती की तरह लगता हैं। आप अपने अतिरिक्त वजन को कम करने के लिए कम खाने की कोशिश करती है। उदाहरण के लिए, आपको 50 साल की उम्र में 30 साल की उम्र से 200 कैलोरी मात्रा भोजन ज्‍यादा खाना चाहिए। हालांकि, कम खाने का मतलब ये नहीं की आप अपने भोजन में पोषक तत्वों की कमी करें।

साथ ही, स्वस्थ रहने के लिए ये भी जरूरी समय पर भोजन करें। अपने भोजन में ताजा सब्जियां, फल और साबुत अनाज को जरूर शामिल करें। दुबली महिलाएं प्रोटीन या फैटी चीजें भी खा सकती है इस दौरान। भोजन ना करने का ख्‍याल अपने दिल में बिल्‍कुल ना लाए, क्‍योंकि इस दौरान अच्‍छे आहार ही जरूरत होती है।

लेकिन इस दौरान तेल, मीठा, वसा और परिष्कृत खाद्य पदार्थों के अधिक मात्रा में सेवन से बचे। रजोनिवृत्ति भावनात्मक उथल-पुथल का भी समय होता है। इसलिए, ऐसे में अवसाद वाले भोजन से बचना चाहिए।

जब आप ये नहीं समझ पाती कि रजोनिवृत्ति के दौरान वजन कैसे कम करें, तो आप तरीकों की तलाश करने लगती है। ऐसे में बेहतर होगा की आप अपने आहार को कम करने के बजाए व्यायाम जैसे तरिको पर ध्‍यान दे। साथ ही अपने रोज की गतिविधियों में भी कटोती ना करें।

रजोनिवृत्ति के दौरान वजन बढ़ने से और भी कई स्वास्थ्य जटिलताएं हो सकती है। आम जटिलताओं में कोलेस्ट्रॉल के स्तर का बढ़ना, उच्च रक्तचाप की समस्‍या और टाइप 2 मधुमेह जैसी बीमारियां जो सीधे तौर पर वजन बढ़ने के साथ जुड़े होते हैं। इससे हृदय जटिलताओ का खतरा भी बढ़ सकता है।

इस उम्र में वजन का बढ़ना कोलोरेक्टल और स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं। अपनी जीवन शैली में सकारात्मक परिवर्तन करके आप ऐसी समस्‍याओं से बच सकती हैं।

 

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