पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक गोली जल्‍द

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 18, 2012

pursho ke liye garbhnirodhak goli jaldवैज्ञानिकों ने एक ऐसा मिश्रण खोजने का दावा किया है, जिससे पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक गोली तैयार करना संभव होगा। यानी अब बाजार में बहुत जल्‍दी पुरुषों के लिए भी गर्भनिरोधक गोलियां उपलब्‍ध होंगी। महिलाओं के लिए गर्भनिरोधक दवा तो दशकों से मौजूद है पर ऐसी गोली अब तक नहीं बन पाई थी जो पुरूष इस्तेमाल कर सकें। लेकिन अब यह सुविधा भी बहुत जल्द उपलब्ध हो जाएगी।

 

गोली की खासियत यह होगी कि इसके इस्‍तेमाल का असर यौन क्रियाओं पर नहीं पड़ेगा। लेकिन प्रजनन क्षमता अस्थाई तौर पर खत्म हो जाएगी। रोज या हफ्ते में एक बार यह गोली लेने से परिवार नियोजन में मदद मिलेगी। वैज्ञानिकों का कहना है कि वे पुरुष गर्भनिरोधक गोली बनाने की मुश्किल प्रक्रिया के और करीब पहुंच गए हैं।

 

यूनिवर्सिटी ऑफ शेफील्ड के डॉक्टर ऐलन पेसी ने बताया, ‘अब तक जितने परीक्षण हुए हैं उनमें इंजेक्शन या इम्पलांट के जरिए टेस्टोस्टेरोन हारमोन से छेड़छाड़ की जाती थी ताकि शुक्राणु न बन सकें।लेकिन ये तकनीक रूटीन इस्तेमाल में नहीं आ सकी। इसलिए ऐसी दवा की जरूरत है जो हारमोन पर निर्भर न हो।’

 

इस दवा के चूहों पर किए गए परीक्षण के नतीजे बेहद उत्‍साहवर्धक आए हैं। हालांकि, इंसानों पर अभी इसका प्रयोग किया जाना बाकी है। पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक गोली न होने की वजह से बड़ी संख्या में अनियोजित गर्भधारण के मामले सामने आते हैं।

 

अध्ययन के वरिष्ठ लेखक डाना फार्बर के जेम्स ब्रांडर का कहना है कि निष्कर्षों में पता चला कि जिन चूहों को यह दवा दी गई उनके अंडकोष सिकुड़ने लगे, शुक्राणु बनने की तादाद कम हो गयी और कुछ की प्रजनन क्षमता चली गई। महत्त्‍वपूर्ण यह है कि इस दवा का असर अस्थाई होता है। गोली लेना बंद करने से शुक्राणु निर्माण सामान्य हो जाता है।

 

ब्रांडर का कहना है कि यह दवा शुक्राणु बनने की प्रक्रिया को तेजी से धीमा कर देती है। इस नई दवा का नाम जेक्यू1 है। ये दवा प्रोटीन की एक ऐसी किस्म पर निशाना साधती है जो सिर्फ अंडकोष में ही पाया जाता है और शुक्राणु उत्पादन में अहम भूमिका निभाता है।शोधकर्ताओं का कहना है कि इससे संकेत मिलते हैं कि पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक दवा बनाना संभव है।लेकिन अभी और परीक्षण करने की जरूरत है ताकि ये पता लगाया जा सके कि यह दवा मनुष्यों के लिए सुरक्षित और कारगर है।

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