प्रेशर कूकर से ज्यादा हेल्दी होता है कढ़ाई में खाना पकाना, जानें क्यों

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 19, 2018
Quick Bites

  • प्रेशर कुकर में खाना जल्दी पकता है।
  • ज्यादा दबाव से पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं।
  • जानें खुले बर्तन में भोजन पकाना क्यों अच्छा है?

खाना बनाने के लिए आप अक्सर प्रेशर कुकर का इस्तेमाल करती हैं क्योंकि इसमें खाना जल्दी बनता है और अच्छी तरह पकता है। मगर क्या आपने कभी सोचा है कि खाना बनाने के लिए प्रेशर कुकर का इस्तेमाल कितना सेहतमंद है। भारतीय परंपरा में खाना बनाने को भी एक तरह की कला माना जाता है। तेल और मसालों के अलावा खाना पकाने के तरीके का भी इसके स्वाद और इसके हेल्दीनेस पर प्रभाव पड़ता है। आइए आपको बताते हैं कि खाना बनाने के लिए कुकर का प्रयोग ज्यादा अच्छा है या खुले बर्तन जैसे कड़ाही या पैन का इस्तेमाल।

कैसे काम करता है प्रेशर कुकर

प्रेशर कुकर में खाना जल्दी पकता है क्योंकि खाना पकने के दौरान बनने वाली भाप इसमें बाहर नहीं निकल पाती है। आंच के कारण जैसे-जैसे पानी का क्वथनांक बढ़ता जाता है, वैसे-वैसे कुकर के अंदर का दबाव या प्रेशर भी बढ़ता जाता है। यही भाप धीरे-धीरे कुकर में मौजूद खाद्य पदार्थ पर दबाव बढ़ाती जाती है जिससे वो जल्दी पक जाते हैं। इसी तकनीक के कारण इसका नाम प्रेशर कुकर पड़ा है।

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क्यों कम सेहतमंद है प्रेशर कुकर में पका खाना

प्रेशर कुकर में पका खाना खुले बर्तन में पके हुए खाने से कम सेहतमंद होता है क्योंकि प्रेशर कुकर में खाने पर पड़ने वाले दबाव के कारण खाना जल्दी पक जाता है मगर इसमें मौजूद पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इसके अलावा ये माना जाता है कि धीरे-धीरे और कम आंच में पका हुआ खाना ज्यादा सेहतमंद और स्वादिष्ट होता है। प्रेशर कुकर में गैस का इस्तेमाल भले ही अपेक्षाकृत कम होता है मगर खाना पकने के दौरान अंदर काफी ज्यादा आंच या गर्मी होती है इसलिए खाना कम हेल्दी पकता है।

भोजन पकाने का बर्तन भी सावधानी से चुनें

भोजन पकाते समय बर्तनों का मैटीरियल भी खाने के साथ मिक्‍स हो जाता है। एल्यूमीनियम, तांबा, लोहा, सीसा, स्टेनलेस स्टील, और टेफलोन बर्तन में इस्तेमाल होने वाली आम सामग्री हैं। इनमें से सीसा और कॉपर को बीमारियों के साथ जोड़कर देखा जाता है। बेहतर है कि आप अपने घर के लिए कुकिंग मटेरियल चुनते समय कुछ जरूरी बातों का खयाल रखें।

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खाना हेल्दी और टेस्टी बनाने के अन्य टिप्स

  • किचन को पहले अच्छी तरह साफ कर भोजन पकाने की शुरूआत करें क्योंकि किचन में कई प्रकार के कीटाणु होते हैं जो कि खाने में घुसकर आपको बीमार कर सकते हैं।
  • हरी और पत्तेजदार सब्जियों को काटने से पहले अच्छी तरह धो लें क्योंकि हरी और पत्तेदार सब्जियों में मौजूद विटामिन और मिनरल पानी में घुलनशील होते हैं।
  • खाने में यदि आप नियमित रूप से 3-4 चम्मच कुकिंग आयल का इस्तेमाल करते हैं तो 30 की उम्र के बाद 3 चम्मच और 45 की उम्र के बाद 2 चम्मच इस्तेलमाल करना चाहिए। जैतून और सरसों के तेल का ही प्रयोग करें।
  • वजन नियंत्रण के लिए खाना पकाते वक्त कम घी या तेल का प्रयोग करना चाहिए, ज्यादातर भाप में पकाना चाहिए।
  • आपको कम कैलोरी और अधिक कैल्शियम की जरूरत है तो वसा रहित टोंड दूध का इस्तेमाल कीजिए। सामान्य दूध में 3.5 प्रतिशत वसा, 150 प्रतिशत कैलोरी और 290 मिग्रा कैल्शियम होता है। जबकि टोंड दूध के एक कप में 0.5 प्रतिशत वसा, 90 कैलोरी और 316 मिग्रा कैल्शियम होता है।
  • उचित तापमान का ध्यान रखें, ज्यादा देर तक खाना पकाने से उनके पोषक तत्व समाप्त हो जाते हैं। सब्जियों को बार-बार गर्म नहीं करना चाहिए।
  • तड़का तैयार करते समय प्याज, अदरक और मसालों को बहुत अधिक घी या तेल में देर तक ना भूनें।
  • मसालों का पूरा स्वाद लेने के लिए खाना पकाते वक्त नमक कम डालें।

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