
अपने अगले ट्रेनिंग सेशन पर जाने से पहले, अपने बचपन के उन दिनों को याद कीजिएगा जब आप रबर बैंड के साथ खेला करते थे। याद कीजिये कि कैसे आप रबर को जितना हो सकता था, खींचते थे और ध्यान रखते थे जब वो तेजी से वापस आती थी। रबर की ही तरह, हमारी मांसपेशियां भी फैलाने के लिए बनी हैं और विलक्षण व संकिंद्रिक क्रियाओं के माध्यम से गुज़रती हैं। तो अगर आप स्ट्रेंथ ट्रेनिंग में एक साधारण सा बदलाव करें तो बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। चलिये विस्तार से जानें कैसे -
आप प्रतिदिन जो भी साधारण गतिविधि करते हैं, जैसे सीढ़ियां चढ़ना या उच्च तीव्रता व्यायाम (जैसे ओलंपिक लिफ्ट) तो आपका शरीर विलक्षण व संकिंद्रिक क्रियाओं (eccentric and concentric motions) से गुज़रता है। संकिंद्रिक क्रियाएं अर्थात कॉन्सेंट्रिक मूवमेंट्स वह क्रिया होती है, जो गतिविधी को शुरू करता है, जबकि विलक्षण अर्थात एक्सेंट्रिक मोशन गतिविधी को रोकता है। तो अगर इन दोनों का तालमेल बिठाकर वर्कआउट किया जाए और एक्सेंट्रिक मोशन को भी शामिल किया जाए तो वर्कआउट का फायदा कई गुना बढ़ाया जा सकता है, खासतौर पर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के मामले में।

क्या है एक्सेंट्रिक ट्रेनिंग
एक्सेंट्रिक ट्रेनिंग की पहली खोजों में से एक डॉ. अडोल्फ फिक द्वारा 1882 में की गई भी। इस खोज़ की अवधारणा पूरी तरह साइंस की भाषा में दी गई थी। लेकिन हम आपको इसे आसान भाषा में बताएंगे। एक्सेंट्रिक को 'निगेटिव' के नाम से भी जाना जात है, जोकि कॉन्सेंट्रिक मूवमेंट्स (गतिविधी करने में लगाई गई सबसे अधिक ताकत) के बाद गतिविथी को धीमा करता है। उदाहरण के लिये, स्क्वॉट करते समय तेजी से ऊपर आने से पहले धीरे से नीचे जाने वाला मोशन एक्सेंट्रिक मूवमेंट होता है। बाइसेप कर्ल में हाथ को धीरे-धीरे नीचे ले जाने की प्रक्रिया भी एक्सेंट्रिक मूवमेंट होता है।
एक्सेंट्रिक ट्रेनिंग के फायदे
एक्सेंट्रिक ट्रेनिंग मांसपेशियों द्वारा अधिक से अधिक भार उठाने में सहायक होती है। स्ट्रेंथ कोच बताते हैं कि, कॉन्सेंट्रिक ट्रेनिंग की तुलना में इससे 1.3 गुना अधिक तनाव बढ़ाया जा सकता है। जिससे मांसपेशियों को प्रोत्साहन मिलता है और बेहतर परिणाम आते हैं। इसके अलावा एक्सेंट्रिक ट्रेनिंग के निम्न फायदे भी होते हैं -
- मांसपेशियों में बेहतर समन्वय
- बेहतर संतुलन
- कॉन्सेंट्रिक कार्रवाई की तुलना में कम हृदय तनाव
- मांसपेशियों की शक्ति में वृद्धि और बेहतर खेल प्रदर्शन
- कण्डरा से संबंधित चोटों की जल्द रिकवरी
- प्रत्येक जोड़ के गतिविधी क्षेत्र की शक्ति में इज़ाफा
स्ट्रेंथ ट्रेनिंक में यह बदलाव कर एथलिटिक ट्रेनिंग के दौरान लगने वाली आम चोटों से बचाव होता है और मांसपेशियां व जोड़ मज़बूत बनते हैं। एक्सेंट्रिक ट्रेनिंग करने से ट्रेनिंग के परिणआम भी बेहतर आते हैं।
Read Next
गर्मी में लू से बचने के असरदार उपाय
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
Current Version