ऑस्टियोऑर्थराइटिस के लिए नई दवा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 01, 2012

वैज्ञानिकों ने ऑस्टियोऑर्थराइटिस की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए एक नई दवा खोज ली है। ऑस्टियोऑर्थराइटिस, ऑर्थराइटिस का ही एक सामान्य रुप है। इसकी वजह से जोड़ों में दर्द, सूजन व घुटनों को मोड़ने में समस्या आती है। यह शरीर में कहीं भी जोड़ों में हो सकता है लेकिन आम तौर पर यह हाथों, घुटनों, कूल्हों व रीढ़ की हड्डी में होता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह घुटने के दर्द को आश्चर्यजनक तरीके से कम कर सकता है।

 

गठिया से ग्रस्त लोगों में हमेशा दर्द की समस्या बनी रहती है और इससे छुटकारे के लिए वे हमेशा दर्द-नाशक दवाओं का सहारा लेते हैं। इन दवाओं के लगातार उपयोग से पेट में समस्याएं उत्पन्न होने लगती है।इसके अलावा अभी तक गठिया से छुटकारा पाने का दूसरा उपाय ‘घुटनों का प्रतिरोपण’ कराना ही है।
शोधकर्ताओं ने ‘डुलोक्सेटीन’ नामक दवा बनायी है जिसका एक माह का खर्च 22 पाउंड आता है। इस दवा का गठिया के दर्द पर अच्छा असर हो रहा है।

 

क्यों होती ऑस्टियोऑर्थराइटिस की समस्या

 

ऑस्टियोऑर्थराइटिस में जोड़ों के लिगामेंट  टूट जाते है। लिगामेंट  जोड़ों में पाया जाने वाला एक ऊतक है, जो हड्डियों से ढका रहता है। जब उपास्थि स्वस्थ्य रहता है तो वो जोड़ों की गतिविधियों को सहन कर लेता है लेकिन जब उपास्थि कमोजर होता है तो हड्डियां एक दूसरे से रगड़ खाती हैं। कई बार इस रगड़ से जोड़ों को क्षति पहुंचती है। ऑस्टियोऑर्थराइटिस  के निम्न कारण हैं-

  • ओवरवेट होना।
  • वृद्धावस्था।
  • जोड़ों में चोट।
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