लंग कैंसर और आयु संभाविता

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 20, 2012

Lung cancer aur ayu sambhavita

भारत में हर साल 30 हजार से भी अधिक लोग लंग कैंसर का शिकार हो रहे हैं। लंग कैंसर की शिकायत ज्यादातर 30 से लेकर 74 वर्ष की आयु तक के लोग में होती है। लंग कैंसर की मुख्य वजह है धूम्रपान व तंबाकू का सेवन। विकसित देशों में इस बीमारी से पीड़ित पुरुषों की आबादी तीन से 14 प्रतिशत है, जबकि महिलाओं की आबादी एक फीसदी से नीचे है। साथ ही विकसित देशों में कैंसर से होने वाली मौतों में लंग कैंसर से मरने वालों की संख्या ज्यादा है।

 

लंग कैंसर का सामना कैसे करें

 

लंग कैंसर का पता चलने पर हो सकता है आपको इससे डर लगने लगे और यह डर शारीरिक व भावानत्मक रुप से आप पर हावी होने लगता है। लेकिन आपको डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि लंग कैंसर का ईलाज संभव है और सही समय पर इसका पता चलने पर इसे ठीक किया जा सकता है। इसलिए कैंसर के ईलाज के जरिए आपको अपने डर व चिंता को दूर भगा सकते हैं।

 

ईलाज के तरीके


अगर आपको फेफड़ों का कैंसर है तो निराश होने की जगह इसके ईलाज के बारे में जानें। आजकल नई तकनीक से इसका ईलाज आसानी से किया जा सकता है। सही समय पर डॉक्टर के पास जाने पर वो आपके कैंसर से बचाने के लिए आपके कैंसर के प्रकार व स्टेज के आधार पर चिकित्सा देगा। लंग कैंसर का ईलाज मुख्यत: कीमोथेरेपी, रेडिएशन, सर्जरी, फोटोडायनमिक व लेजर लाइट थेरेपी के जरिए किया जाता है। यह ईलाज काफी प्रभावी होने के साथ इसे रोगी की आयु संभाविता भी बढ़ाई जा सकती है।

 

सांस की समस्या से कैसे बचें

लंग कैंसर में सांस लेने में परेशानी होना एक बड़ी समस्या है। ऐसे में रोगी के लिए काफी परेशानी हो जाती है। उसे यह सीखना होता है कि वह कैसे अपनी नाक से धीरे धीरे सांस लें और मुंह से धीरे धीरे सांस छोड़े।

 

अपनी जरुरतों को जानें

 

आपके शरीर की जरूरतों के बारे में किसी और को पता नहीं होता है ऐसे में आपको अपना ध्यान खुद रखना होता है समय पर खाना खाएं, नींद पूरी लें और अपने डाईट चार्ट पर विशेष ध्यान दें।

 

एक्सरसाइज

 

एक रिसर्च के मुताबिक एक्सरसाइज करने से फेफड़ों को ताकत मिलती है। और अगर आप लंग कैंसर के शिकार हैं तो एक्सरसाइज से आपको काफी लाभ होगा। एक्सरसाइज से छाती पर दबाव पड़ता है और फेफड़ों के आसपास की मांसपेशियों का विकास होता है जिससे फेफड़ों को शक्ति मिलती है। लंग कैंसर में एरोबिक्स करना भी फायदेमंद है जैसे डांसिग, साईक्लिंग, स्विमींग इससे हृदय गति और फेफड़ों की क्रियाशीलता भी बढ़ती है।

 

योगा

 

लंग कैंसर में सांस संबंधी आसन करने से फेफड़ो की क्रियाशीलता बढ़ती है जिससे लंग कैंसर में फायदा होता है। सांस छोड़ने व सांस लेने संबंधी योगा काफी फायदेमंद होते हैं। सही समय पर सही चिकित्सा से फेफड़ों के कैंसर के रोगी भी स्वस्थ्य जीवन जी सकते हैं ।

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