जन्‍म से पूर्व बच्‍चे के सेक्‍स की जानकारी को कहते हैं लिंग निर्धारण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 22, 2012
Quick Bites

  • कई बार लोग लड़के की चाहत में लिंग का निर्धारण करवाते हैं।
  • लिंग निर्धारण में केवल आदमी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
  • शिशु के लिंग निर्धारण का सबसे आसान तरीका है अल्‍ट्रासाउंड।
  • इनवैसिव परीक्षण से 11 हफ्तों के शिशु के बारे में पता चलता है।

भारत प्राचीनकाल से पुरूष प्रधान देश रहा है और लगभग हर घर में एक गर्भवती महिला से यही उम्मीद की जाती है कि वह लड़के को ही जन्म दे। कई बार लोग लड़के की चाहत में लिंग का निर्धारण करवाते हैं।

Sex Determinationचिकित्सा पद्धति में विकास होने के बाद लोगों के लिए लिंग की जांच कराने में बहुत सहायता मिली है। शिक्षा में कमी और लोगों की गलफहमी की वजह से लिंग के निर्धारण का प्रचलन बढा है। लिंग अनुपात में कमी और भ्रूण हत्या में हो रही वृद्धि की वजह से सरकार ने लिंग निर्धारण करने पर रोक लगा दी लेकिन अभी भी कई स्थानों पर चोरी-छुपे लिंग निर्धारण किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा लिंग निर्धारण पर बैन लगाने के बाद इसमें रोक लगी है और अस्पताल इसे करने से मना कर रहे हैं।

कैसे होता है लिंग निर्धारण

औरत के पास तो केवल एक्स–एक्स गुणसूत्र मौजूद होता है जबकि आदमी के पास एक्स और वाई दोनों गुणसूत्र मौजूद होते हैं। अगर आदमी का एक्स और औरत का एक्स गुणसूत्र मिल जाए तो लडका पैदा होता है और अगर महिला का एक्स और आदमी का वाई गुडसूत्र मिल जाएं तो लडकी पैदा होती है। इसलिए प्राकृतिक रूप से सेक्स निर्धारण में केवल आदमी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

 

लिंग निर्धारण करने के उपकरण

 

अल्ट्रासाउंड तकनीक

अल्ट्रासाउंड मशीन से मेडिकल इमेजिन तकनीक का इस्तेमाल मांसपेशियों, आंतरिक अंगों की कल्प‍ना करने के लिए किया जाता है। शिशु के लिंग के निर्धारण का यह सबसे आसान तरीका है। अल्ट्रासाउंड तकनीक से करीब पांच माह के शिशु के लिंग व तिथि का पता लगाया जा सकता है। अल्टासाउंड मशीन लगभग सभी अस्पतालों में उपलब्ध होती है।

 

इनवैसिव परीक्षण

इनवैसिव परीक्षण द्वारा 11 हफ्तों के शिशु के बारे में यह पता लगाया जा सकता है कि वह लडकी है या लडकी।



भारत में भ्रूण हत्या और लिंग अनुपात में लगातार हो रहे असंतुलन की वजह से इस पर प्रतिबंध लग गया है। पंजाब और हरियाण जैसे प्रदेशों में लडके-लडकी के अनुपात में बडा अंतर हुआ है। भ्रूण हत्या को रोकने के लिए भारत के कई राज्यों ने भी कडे कदम उठाए हैं।

 

 

Read More Articles On Pregnency in Hindi

Loading...
Is it Helpful Article?YES121 Votes 76354 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK