किशोर गर्भावस्‍था को रोकने के लिए जरूरी है सामाजिक जागरुकता

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 18, 2012
Quick Bites

  • बच्‍चे के साथ समय बिताएं और गतिविधियों पर नजर रखें।
  • पार्टी के बहाने अपने बच्‍चे के दोस्‍तों से मिलें और उनसे बात करें।
  • बच्‍चा क्‍या देखता है और क्‍या पढ़ता है इस पर भी गौर करना चाहिए।
  • बच्‍चे की दिलचस्‍पी जानकार उसमें भविष्‍य के बारे में विकल्‍प बताएं।

किशोर गर्भावस्‍था का सबसे बड़ा कारण अशिक्षा और जागरुकता की कमी है। सामाजिक जागरुकता से किशोर गर्भावस्‍था को कम किया जा सकता है। किशोरों को इसके साइड-इफेक्ट्स के बारे में खुलकर बताना होगा।

stop-to-early-pregnancy


गांवों में सरकारी योजनाओं के जरिए यह जानकारी पहुंचाई जा सकती है। ऐसे में बच्‍चे के माता-पिता की भूमिका अहम होती है। उन्‍हें अपने बच्‍चों से इस बारे में खुलकर बात करनी चाहिए और उचित जानकारी देनी चाहिए। साथ ही टीवी, रेडियो और इंटरनेट जैसे जनसंचार माध्‍यमों से भी जागरुकता फैलायी जा सकती है।

बच्‍चों के सवालों को टालना नहीं चाहिए, उनके हर सवाल का जवाब देने की हर संभव कोशिश करें। परिवार का ऐसा माहौल तैयार करें जिससे बच्‍चे उनसे हर बात आसानी से शेयर कर सकें। इस लेख के जरिए जानते हैं किशोर गर्भावस्‍था को रोकने के कुछ उपायों के बारे में।

 

किशोर गर्भावस्‍था को कैसे रोकें

किशोर गर्भावस्‍था को पूरी तरह तो नहीं रोका जा सकता, लेकिन कुछ तरीकों से इसमें कमी जरूर की जा सकती है। इसके लिए सबसे पहले बच्‍चे के किशोर होने पर उससे इस बारे में बात करनी चाहिए और उसे सामाजिक मूल्‍यों के बारे में भी समझाना चाहिए। हो सकें तो किशोरों को एक उम्र से पहले सेक्स से दूर रहने के बारे में समझाएं। साथ ही उसे कंडोम आदि के इस्‍तेमाल के बारे में भी जानकारी दें।

 

 

बच्चों के साथ बात करें

बच्‍चे के किशोर होने पर मां-बाप को उससे बात करनी चाहिए। आपको बच्‍चे के साथ खुले रूप से बात करनी होगी। इस दौरान उसकी गतिविधि पर नजर रखें और देखे कि बच्चा सेक्‍स के बारे में क्या समझता है? बच्चों को यह जानकारी होनी चाहिए कि रिश्‍ते क्‍या होते हैं और इन्‍हें कैसे निभाना चाहिए? साथ ही उसे प्यार और सेक्स के बीच के अंतर के बारे में भी बताएं।

 

गतिविधियों पर नजर

किशोर गर्भवस्‍था को रोकने के लिए यह भी जरूरी है कि आप बच्‍चे की गतिविधियों पर नजर रखें। यानी आपको पता होना चाहिए कि बच्चा घर से अलग कहां जाता है, उसके दोस्‍तों के बारे में भी जानकारी रखें। कही वह किसी गलत गतिविधि में तो शामिल नहीं हो रहा। यदि बच्‍चा आपके साथ नहीं रहता तो उसे किसी जिम्मेदार वयस्‍क की निगरानी में रखें। बच्‍चा यदि आप पर तांक-झांक का आरोप लगाता है तो इसकी चिंता किए बिना बच्‍चे के बारे में जानकारी लेती रहें।

 

बच्‍चे के दोस्‍तों से बात करें

किशोरावस्‍था में बच्‍चे पर सा‍थियों का प्रभाव ज्‍यादा पड़ता है। आपको पता होना चाहिए कि आपके बच्‍चे के कौन -कौन मित्र है। संभव हो सकें तो किसी बहाने से घर पर या बाहर छोटी पार्टी का आयोजन कर बच्‍चे के सभी दोस्‍तों को आमंत्रित करें। इस मौके पर आप उनसे बात भी कर सकते हैं। साथ ही अपने बच्‍चे की बातों को भी नजर अंदाज न करें। पहले बच्‍चे के बात सुनें, उसके बाद ही कोई निर्णय लें तो अच्‍छा रहेगा।

 

ग्रुप एक्टिविटी को प्रोत्‍साहित करें

यह भी ध्‍यान रखें कि आपका बच्‍चा किसी से अकेले में तो मिलने नहीं जाता। उसे ग्रुप एक्टिविटी के लिए प्रोत्‍साहित करें। यह भी गौर करें कि वह किसी एक व्‍यक्ति विशेष के निमंत्रण पर विशेष प्रक्रिया तो नहीं देता।

 

भविष्य के लिए अच्‍छे विकल्प

बच्‍चे के साथ भविष्‍य को लेकर बात करें। उनके भविष्‍य के लक्ष्‍य निर्धारित करें, इससे वह अपने लक्ष्‍य को पाने के लिए अभी से कोशिश करेगा। लक्ष्य तक पहुंचने के लिए उन्‍हें क्‍या करना होगा, इस पर बात करें। उन्हें समझाएं कि खाली समय का उपयोग रचनात्मक कार्यो में करें।

 

शिक्षा मूल्‍यों पर जोर दें

बच्‍चे का स्‍कूल में अपने साथियों के बीच और क्‍लॉस में कैसा प्रदर्शन है, इसको लेकर आपकी उम्‍मीदें हमेशा ही ऊंची होनी चाहिए। बच्‍चे की परफारमेंस स्‍कूल में अच्‍छी नहीं है तो आप बच्‍चे के लिए समय निकालें और उस पर ध्‍यान दें। स्कूली विफलता किशोर गर्भावस्‍था के प्रमुख कारणों में है। समय-समय पर बच्‍चे के शिक्षकों से मिलते रहें और बच्‍चे की स्थिति पर बात करें।

 

बच्‍चा क्‍या पढ़ता है और क्‍या देखता है

समय-समय पर यह भी ध्‍यान दें कि आपका बच्‍चा क्‍या पढ़ता है, क्‍या सुनता है और क्‍या देखता है। उसे बताएं कि उसके भविष्‍य के लिए क्‍या पढ़ना और देखना बेहतर रहेगा। यह भी ध्‍यान रखें कि आप अपने विचारों को उस पर जबरदस्‍ती न लादें। बच्‍चे की पसंद का स्‍वागत करें और उसकी उस दिशा में मदद भी करें। कई बार बच्‍चा दबाव में आकर दूसरे कामों की तरफ मुड़ जाता है।

 

 

 

 

Read More Article on Teenage Pregnancy In HIndi

Loading...
Is it Helpful Article?YES26 Votes 48512 Views 1 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK