कैसे काम करता है ग्लूकोज़ मानीटर

ग्लूकोज मानीटर मधुमेह रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद उपकरण है।

Nachiketa Sharma
डायबिटीज़Written by: Nachiketa SharmaPublished at: May 18, 2012
कैसे काम करता है ग्लूकोज़ मानीटर

 

Kaise kaam karta hai glucose monitor
कैसे काम करता है ग्लूकोज़ मानीटर
डायबिटीज की स्थिति को समझने के लिए कई साधन उपलब्ध हैं। खून में ग्लूकोज के स्तर को समझने के लिए ग्लूकोज मॉनीटर का प्रयोग किया जाता है। ग्लूकोज मॉनीटर से आसानी से घर में ही खून में ग्लूकोज मॉनीटर का प्रयोग करके ग्‍लूकोज के स्‍तर का पता किया जा सकता है। यदि हाई ग्लू‍कोज लेवेल होगा तो हाई ब्लड प्रेशर से जुडी समस्याएं जैसे – दिल की बीमारियां, किडनी की समस्याएं और तंत्रिका तंत्र को नुकसान होने लगता है। अगर आपके शरीर में ब्लड ग्लूकोज लेवेल कम होगा, तो भी कई प्रकार की समस्याएं होती हैं। आइए हम आपको ग्लूकोज मानीटर के प्रयोग का आसान तरीका बताते है, जिससे आप ग्लूकोज़ के स्तर के बारे में जान सकें। 


ग्लूकोज मानीटर प्रयोग करने के तरीके – 

ग्‍लूकोज मॉनीटर मशीन बहुत ही उपयोगी है आसानी से इस इलेक्‍ट्रानिक डिवाइस का उपयोग किया जा सकता है।

खून के नमूने को लेकर ग्लूकोज के स्तर को नापा जा सकता है। 

सबसे पहले अपने हाथ और उंगलियों की सफाई अच्छे से कीजिए। 

कांच की पट्टी में खून का नमूना लेने के लिए लैसेट (खून निकालने की सूई) को उंगली में चुभोइए। 

कांच की पट्टी पर ग्लूकोज मानीटर पर रख दीजिए। उसके बाद मॉनीटर की स्क्रीन पर ग्लूकोज का स्तर कुछ ही समय में निकल जाएगा। 

उंगली में लैंसेट चुभोने से अगर ज्यादा खून निकल रहा है तो खून को रोकने के लिए साफ रूई का इस्तेमाल कीजिए। 

ग्लूकोज मानीटर कैसे करता है काम –
 
ग्लू‍कोज मानीटर से ग्लूकोज के स्तर का पता करने के लिए टेस्टिंग स्ट्रिप ( कांच की पट्टी जिसका एक बार प्रयोग हो सकता है) और मानीटर होना चाहिए। 

टेस्टिंग स्ट्रिप, कांच की पट्टी या प्लास्टिक से बनी होती है और इस पर कुछ केमिकल्स लगे होते है, जो कि खून में मौजूद ग्लूकोज के साथ प्रतिक्रिया करते है। 

इस पट्टी में केमिकल्स की तीन परतें मौजूद होती हैं। इसके पहली परत में एंजाइम ग्लूकोज ऑक्सीडेज, दूसरी परत में पोटैशियम फेरीसाइनाइड और तीसरी परत में इलेक्ट्रोड्स होता है। 

जब खून का नमूना इन केमिकल्स के संपर्क में आता है तब ग्लूकोज मानीटर के द्वारा ग्लूकोज के वास्तविक स्तर का पता चलता है। 


ग्लूकोज मानीटर प्रयोग करने के फायदे - 

ग्लूजकोज मॉनीटर का प्रयोग करके हर रोज घर पर ही खून में ग्लूकोज स्तर की जांच आप आसानी से कर सकते हैं। ग्लूकोज मानीटर डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है। हर रोज जांच के लिए डॉक्टर के पास जाया नहीं जा सकता। लेकिन ग्लूकोज मॉनीटर से मधुमेह रोगी अपनी नियमित देखभाल कर सकते हैं। डायबिटीज के मरीजों को नियमित देखभाल से यह फायदा होता है कि वे अपनी दिनचर्या खुद बनाते हैं। 



ग्लूकोज मानीटर मधुमेह रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद उपकरण है। इसका प्रयोग करके मरीजों को हर रोज डॉक्टर के पास जाने से राहत मिलती है। मधुमेह रोगी ग्लूकोज मानीटर का प्रयोग करने से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर ले लें। 

glucose monitorडायबिटीज की स्थिति को समझने के लिए कई साधन उपलब्ध हैं। खून में ग्लूकोज के स्तर को समझने के लिए ग्लूकोज मॉनीटर का प्रयोग किया जाता है। ग्लूकोज मॉनीटर से आसानी से घर में ही ग्लूकोज मॉनीटर का प्रयोग करके ग्‍खून में ग्‍लूकोज के स्‍तर का पता किया जा सकता है। यदि हाई ग्लू‍कोज लेवेल होगा तो हाई ब्लड प्रेशर से जुडी समस्याएं जैसे – दिल की बीमारियां, किडनी की समस्याएं और तंत्रिका तंत्र को नुकसान होने लगता है। अगर आपके शरीर में ब्लड ग्लूकोज लेवेल कम होगा, तो भी कई प्रकार की समस्याएं होती हैं। आइए हम आपको ग्लूकोज मानीटर के प्रयोग का आसान तरीका बताते है, जिससे आप ग्लूकोज़ के स्तर के बारे में जान सकें। 

 

ग्लूकोज मानीटर प्रयोग करने के तरीके – 

 

  • ग्‍लूकोज मॉनीटर मशीन बहुत ही उपयोगी है आसानी से इस इलेक्‍ट्रानिक डिवाइस का उपयोग किया जा सकता है।
  • खून के नमूने को लेकर ग्लूकोज के स्तर को नापा जा सकता है। 
  • सबसे पहले अपने हाथ और उंगलियों की सफाई अच्छे से कीजिए। 
  • कांच की पट्टी में खून का नमूना लेने के लिए लैसेट (खून निकालने की सूई) को उंगली में चुभोइए। 
  • कांच की पट्टी पर ग्लूकोज मानीटर पर रख दीजिए। उसके बाद मॉनीटर की स्क्रीन पर ग्लूकोज का स्तर कुछ ही समय में निकल जाएगा। 
  • उंगली में लैंसेट चुभोने से अगर ज्यादा खून निकल रहा है तो खून को रोकने के लिए साफ रूई का इस्तेमाल कीजिए। 

 

 

ग्लूकोज मानीटर कैसे करता है काम –

 

  • ग्लू‍कोज मानीटर से ग्लूकोज के स्तर का पता करने के लिए टेस्टिंग स्ट्रिप ( कांच की पट्टी जिसका एक बार प्रयोग हो सकता है) और मानीटर होना चाहिए। 
  • टेस्टिंग स्ट्रिप, कांच की पट्टी या प्लास्टिक से बनी होती है और इस पर कुछ केमिकल्स लगे होते है, जो कि खून में मौजूद ग्लूकोज के साथ प्रतिक्रिया करते है। 
  • इस पट्टी में केमिकल्स की तीन परतें मौजूद होती हैं। इसके पहली परत में एंजाइम ग्लूकोज ऑक्सीडेज, दूसरी परत में पोटैशियम फेरीसाइनाइड और तीसरी परत में इलेक्ट्रोड्स होता है। 
  • जब खून का नमूना इन केमिकल्स के संपर्क में आता है तब ग्लूकोज मानीटर के द्वारा ग्लूकोज के वास्तविक स्तर का पता चलता है। 

 

 

ग्लूकोज मानीटर प्रयोग करने के फायदे - 

ग्लूकोज मॉनीटर का प्रयोग करके हर रोज घर पर ही खून में ग्लूकोज स्तर की जांच आप आसानी से कर सकते हैं। ग्लूकोज मानीटर डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है। हर रोज जांच के लिए डॉक्टर के पास जाया नहीं जा सकता। लेकिन ग्लूकोज मॉनीटर से मधुमेह रोगी अपनी नियमित देखभाल कर सकते हैं। डायबिटीज के मरीजों को नियमित देखभाल से यह फायदा होता है कि वे अपनी दिनचर्या खुद बनाते हैं। 

 

 

ग्लूकोज मानीटर मधुमेह रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद उपकरण है। इसका प्रयोग करके मरीजों को हर रोज डॉक्टर के पास जाने से राहत मिलती है। मधुमेह रोगी ग्लूकोज मानीटर का प्रयोग करने से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर ले लें। 

 

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