कैसे जिएं सरवाइकल कैंसर के साथ

यदि किसी कारण से आपको सरवाइकल कैंसर हो जाए, तो आप अपना आत्‍मविश्‍वास ना खोएं, और सही से इलाज करवाएं।

रीता चौधरी
कैंसरWritten by: रीता चौधरी Published at: Nov 28, 2012Updated at: Nov 28, 2012
कैसे जिएं सरवाइकल कैंसर के साथ

kaise jiye carvical cancer ke sath

सरवाइकल कैंसर गांवों में जहां महिलाओं द्वारा अपने जननांग की साफ़-सफाई नहीं करने, अधिक प्रसव और बार-बार गर्भधारण करने की वजह से होता है, वहीं मेट्रो सिटी में यह साफ़-सफाई की अपेक्षा अत्यधिक सेक्स सक्रियता के कारण होता है। कम उम्र में सेक्स संबंध और अधिक पुरुषों के साथ शारीरिक संबंध बनाने वाली महिलाओं में इसके होने की संभावना 40 फीसदी देखी गई है। केवल 10 फीसदी मामलों में इसके आनुवांशिक होने का मामला सामने आता है।

 

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सरवाइकल कैंसर के कारण-
 
गर्भनिरोधक गोली, अल्कोहल व सिगरेट पीना

हाल ही में एक अध्ययन में यह स्पष्ट हुआ है कि सरवाइकल कैंसर के दो प्रतिशत मामले गर्भनिरोधक गोलियों के अधिक इस्तेमाल के कारण होते हैं। वहीं पांच फीसदी मामलों में अत्याधिक शराब व सिगरेट के सेवन की वजह से भी इसका संक्रमण सामने आया है।

कौन से उपाय अपनाएं और कैसे जिएं सरवाइकल कैंसर के साथ-

यदि किसी कारण से आपको सरवाइकल कैंसर हो जाए, तो आप अपना आत्‍मविश्‍वास ना खोएं, और सही से इलाज करवाएं। अपने पहले स्टेज में यह बीमारी अगर पकड़ में आती है तो इसके ठीक होने की संभावना ज्यादा रहती है। कई मामलों में तो ये पूरी तरह से ठीक हो जाती है। लेकिन समस्या तब आती है जब बीमारी ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में इसके ठीक होने की संभावना बहुत कम रहती है। लेकिन अगर आप कुछ बातों का ध्यान रखें तो इस बीमारी से आसानी से पार पा सकते है।

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कुछ बातों का ध्यान रखें-

दवाएं

सरवाइकल कैंसर होने पर इसके कारक हृयुमन पैपीलोमा वायरस से बचाव के लिए हृयुमन पैपीलोमा वैक्सीन जरूर ले। वायरस के 13 और 18 स्ट्रेन से बचने लिए एचपीवी टीकाकरण करवाएं, जबकि वैक्सीनेशन के साथ ही बीमारी की स्क्रीनिंग भी करावाए।

टीकाकरण

सरवाइकल कैंसर के संक्रमण से बचने के लिए एचपीवी टीकाकरण जरूर करवाए। 10 साल की लड़कियों से लेकर 40 साल तक की महिलाएं यह टीकाकरण करवा सकती है। एचपीवी तीन चरणों में होने वाला टीकाकरण है, जिसे पहली एक महीने, फिर दूसरी और तीसरी डोज छठे महीने में दी जाती है।

 

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इसके अलावा इन बातों का भी ध्यान रखें और इस बीमारी के होने से बचे-

•    कम उम्र में सेक्स करने से करें बचे।

•    एक से अधिक साथी से यौन संबंध न बनाएं।

•    असुरक्षित यौन संबंध न बनाएं, कंडोम का उपयोग जरूर करें।
 
•    बार-बार गर्भवती होने से बचें।

•    गर्भनिरोधक गोली का उपयोग पांच साल से अधिक समय के लिए न करें।

•    अल्कोहल व तंबाकू का उपयोग किसी भी रूप में न करें।

•    जननांग की साफ़-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

 

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