रोज करें सिर्फ ये 4 काम, कभी नहीं निकलेगा पेट

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 08, 2018
Quick Bites

  • रोजाना ये चार काम करने से नहीं निकलता है पेट।
  • बढ़ते पेट की समस्या को हमेशा दूर करती हैं ये टिप्स।
  • स्वस्थ जीवन का आधार है योग औ एक्सरसाइज।

हमारी जिंदगी में भागदौड़ कुछ ज्य़ादा ही हो रही है। या तो हम अतीत में रहते हैं या भविष्य में रहते हैं। वर्तमान में हमें लौटाने में मदद करती हैं ब्रीदिंग एक्सरसाइज। शरीर, मन और आत्मा को कैसे शांत करें आइए जानते है फिटनेस एक्सपर्ट मनीष कुमार से। वजन घटाने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते। शरीर को सुंदर व स्वस्थ बनाने के लिए हम घंटों जिम में पसीना बहाते हैं। अगर दिन में रोज 5 मिनट की डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज कर लें तो शरीर को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखा जा सकता है। ये शरीर को फिट बनाने के साथ ही कई तरह की बीमारियों से भी बचा सकती हैं। आइए जानते हैं, ऐसी ही कुछ एक्सरसाइज के बारे में।

5 तरीके स्वस्थ रहने के लिए

स्वस्थ रहना हो और वजन घटाना हो तो ब्रीदिंग टेकनीक्स से बहुत मदद मिल सकती है। हम जब भी सांस लेते हैं, शरीर के अंदर पहुंचने वाली ऑक्सीजन खून के माध्यम से शरीर की कोशिकाओं को पोषण देने का काम करती है। इन ब्रीदिंग एक्सरसाइज से शरीर को कई तरह से फायदा मिलता है। इनसे मन शांत होता है, मस्तिष्क को आराम मिलता है, साथ ही कई और समस्याओं से भी निजात मिलती है।

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कपालभाति

कपालभाति प्राणायाम में सिद्घासन, वज्रासन और पद्मासन में बैठा जाता है। इसमें सांस को बाहर छोड़ने की क्रिया होती है। सांस बाहर छोड़ते समय पेट को अंदर की ओर करने का प्रयास करें। इस योग क्रिया में सांस खुद ही भीतर चली जाती है। इस प्राणायाम को आप रोज 5-10 मिनट तक करेंगे तो पेट नहीं निकलेगा और दिन पर शरीर स्वस्थ भी रहता है। इससे चेहरे की झुर्रियां कम होती हैं, डार्क सर्कल्स नहीं पड़ते, साथ ही दांतों और बालों की समस्याओं में भी यह क्रिया लाभकारी है। इससे मन में सकारात्मक विचार आते हैं। पाचन संबंधी समस्याओं में भी यह योग बहुत फायदेमंद साबित होता है। इसे किसी कुशल योग गुरु से ही सीखें।

अनुलोम-विलोम

सुबह-सुबह ताजी हवा में बैठकर अनुलोम-विलोम करना बेहद असरदार होता है। इस प्राणायाम में सांस लेने और छोडऩे की प्रक्रिया को बार-बार दोहराया जाता है। इसे रोजाना करने से शरीर की नाडिय़ां स्वस्थ व निरोग रहती हैं। किसी भी उम्र में अनुलोम-विलोम को किया जा सकता है। इस प्राणायाम को करने के लिए जमीन पर योग मैट बिछा लें और सुविधानुसार किसी भी मुद्रा में बैठ जाएं। अब दायें हाथ के अगूंठे से दायीं नाक के छिद्र को बंद करें और नाक के बायें छिद्र से सांस को अंदर भरें। अब बायीं नासिका को अंगूठे की बगल वाली दो उंगलियों से दबा लें। बाद में दायीं नाक के अंगूठे को हटा दें और सांस बाहर छोड़ें। इसके बाद दायीं नासिका से ही सांस अंदर लें और फिर इसे बंद कर बायीं नासिका खोलकर 8 तक गिनती करते हुए सांस बाहर छोड़ें। शुरुआत में इसे 3 मिनट करें और फिर इसे बढ़ाते हुए 10 मिनट तक रोजाना करें।

भस्त्रिका प्राणायाम

भस्त्रिका प्राणायाम में पद्मासन में बैठ कर दोनों हाथों से घुटनों को दबाकर रखें। इससे शरीर एकदम सीधा बना रहता है। सांस छोड़ते समय झटके के साथ नाभि पर थोड़ा दबाव पड़ता है। थकान लगने तक इस प्राणायाम को करते रहना चाहिए। इसके बाद दायें हाथ से बायें नाक के छिद्रों को बंद कर दायीं नासिका से ज्यादा से ज्यादा सांस भीतर भरें और फिर इसे धीरे-धीरे छोड़ें। दिल के मरीजों को यह प्राणायाम नहीं करना चाहिए।

सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार करने से शरीर के सभी हिस्सों की एक्सरसाइज हो जाती है इसलिए इसे पूर्ण व्यायाम भी कहा जाता है। सूर्य उगते समय उसकी ओर मुंह करके सूर्य नमस्कार से लाभ होता है। ऊर्जा के साथ ही इसे करने से विटमिन डी मिलता है। वजन और मोटापा कम करने में यह काफी असरदार साबित होता है। इसके 12 आसनों से शरीर में अलग-अलग तरह का प्रभाव पड़ता है।

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