जल्‍द आएगा काला जार का टीका

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 16, 2013

मलेरिया के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा मौतें कालाजार (काला बुखार) से होती हैं। लेकिन, वैज्ञानिक इस महामारी का टीका विकसित करने के करीब पहुंच गए हैं।

jald aayega kala jaar ka teekaवैज्ञानिकों ने भारत और ब्राजील में इसके मरीजों के जीनोम का परीक्षण किया है। इसी आधार पर निकट भविष्य में टीका विकसित करने का दावा किया गया है। टेलीथॉन इंस्टीट्यूट फॉर चाइल्ड हेल्थ रिसर्च में प्रोफेसर जेनीफर ब्लैकवेल ने उम्‍मीद जताई कि वैज्ञानिक जल्‍द ही इस बीमारी पर काबू पाने में कामयाब हो जाएंगे। बताते चलें कि काला जार मलेरिया के बाद सबसे ज्‍यादा जानलेवा बीमारी है।

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कालाजार धीरे-धीरे फैलता है। सैंडफ्लाइ मक्खियां इस घातक परजीवी की वाहक होती हैं। इसे जीनस लिस्मैनिएसिस भी कहा जाता है। काला बुखार का परजीवी शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित करता है। इसका सबसे ज्यादा असर लिवर, प्लीहा और मेरू रज्जा पर पड़ता है और यदि समय रहते इसका इलाज नहीं किया गया तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।

 

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नेचर जेनेटिक्स पत्रिका के मुताबिक, सबसे ज्यादा भारत, बांग्लादेश, नेपाल, सूडान, दक्षिणी सूडान, इथोपिया और ब्राजील के लोग इसकी चपेट में आते हैं। अनुमान है कि हर साल करीब एक करोड़ 20 लाख लोग कालाजार का शिकार बनते हैं और हर साल करीब 15 लाख नए लोग इसकी चपेट में आते हैं।

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