क्या दूध और पालक साथ में खाना हो सकता है नुकसानदायक? जानें सच और झूठ

एक धारणा है कि आपको दूध उत्पादों के साथ पालक नहीं खाना चाहिए। जानें डॉ. स्वाती बाथवाल, इंटरनैशनल स्पोर्ट्स डायटीशियन से  इस मिथक का सच।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Feb 19, 2020
क्या दूध और पालक साथ में खाना हो सकता है नुकसानदायक? जानें सच और झूठ

दूध के साथ पालक का कॉम्बिनेशन किसी को भी अजीब लग सकता है। दरअसल भारत में इसे लेकर एक अजीब ही सोच है कि पालक या किसी भी पत्तेदार चीजों के साथ दूध और दही वाली चीजें नहीं खानी चीहिए। यही नहीं दहूी और कुछ और पत्तेदार सब्जियों का भी कॉम्बिनेशन स्वास्थ्य के लिए कई मायनों में नुकसानदेह हो सकता है। आइए जानते हैं डॉ. स्वाती बाथवाल, इंटरनैशनल स्पोर्ट्स डायटीशियन से इस मिथक के पीछे की सच्चाई। 

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दूध उत्पादों के साथ पालक वाली चीजें क्यों नहीं खाना चाहिए?

ऐसा कहा जाता है कि पालक में दूध और ऑक्सालिक एसिड में मौजूद कैल्शियम का संयोजन कैल्शियम ऑक्सालेट क्रिस्टल का निर्माण कर सकता है, जो गुर्दे (किडनी) या मूत्र पथ के रुकावट का कारण बन सकता है। इसका मतलब है कि यह उन सभी खाद्य संयोजनों पर लागू होता है, जिनमें उच्च ऑक्सालिक एसिड सामग्री और कैल्शियम होता है।

ये सिर्फ पालक और दूध उत्पादों के लिए ही नहीं है, बल्कि पत्तेदार सब्जियों और दूध वाली चीजों का। आइए देखते हैं दोनों के गुण और अवगुण और फिर तय करेंगे कि ये दोनों क्यों और किस तरह का प्रभाव हम पर छोड़ते हैं।

पालक

पालक के पोषक तत्व का प्रोफाइल देखें, तो ये हर तरह से स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं। हालाँकि, आप इस तथ्य से अवगत नहीं हो सकते हैं कि भले ही पालक कैल्शियम में समृद्ध है, लेकिन यह शरीर द्वारा अच्छी तरह से अवशोषित हो जाता है। एंटी न्यूट्रिएंट ऑक्सालिक एसिड शरीर द्वारा 95% कैल्शियम को अवशोषित होने से रोकता है। इस प्रकार, पालक में कैल्शियम का केवल 5% ही अवशोषित होता है।

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ऑक्सालिक एसिड क्या है?

यह एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला रसायन है, जो उच्च स्तर पर एक खतरनाक जहर हो सकता है। हालांकि, आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि ये हमारे भोजन में मौजूद नहीं होते हैं, लेकिन ब्लीच और एंटी-रस्टिंग जैसे उत्पादों में होते हैं। वहीं पत्तेदार साग में भी ऑक्सालिक एसिड पाया जाता है। शरीर में संसाधित होने पर यह कैल्शियम जैसे खनिजों के साथ मिलकर कैल्शियम ऑक्सालेट बनाता है। फिर ये छोटे क्रिस्टल गुर्दे और मूत्राशय की पथरी बनाने में योगदान कर सकते हैं। ऐसा होने में कुछ साल लगते हैं और यह तत्काल प्रभाव नहीं डालते हैं। पर ये पूरी प्रक्रिया शरीर में लगतार होती रहती है।  धीरे-धीरे ये गॉलब्लैडर में पथरी का भी कारण बन सकती है। 

दूध

दूसरी तरफ दूध है, जिसमें कैल्शियन की अच्छी मात्रा पाई जाती है। 1 लीटर दूध में लगभग 1100 एमजी से लेकर 1300 एमजी तक कैल्शियम पाया जाता है। कैल्शियम हमारे हड्डियों, मसल कंट्रेक्शन, हार्मोन सीक्रेट और सेंट्रल नर्वस सिस्टम को ठीक रखने में मदद करते हैं। 

क्या दूध के साथ पालक खाना हानिकारक है?

आपको यह जानकर खुशी होगी कि यह एक मिथक के अलावा कुछ नहीं है। तथ्य ये है कि डायटरी ऑक्सालेट के कण ऑक्सलेट के कणों को बनाने में काफी की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं लेकिन उच्च ऑक्सालिक एसिड वाले खाद्य पदार्थों के साथ उच्च कैल्शियम खाद्य पदार्थों का सेवन करने से वास्तव में गुर्दे की पथरी के गठन का खतरा कम हो जाता है।

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डॉ. स्वाती बाथवाल, इंटरनैशनल स्पोर्ट्स डायटीशियन  इस संबंध में कहती हैं कि कई प्रयोग किए गए हैं और इस धारणा को मिथक कहा गया है। कैल्शियम वास्तव में सुरक्षात्मक है क्योंकि यह पेट में ऑक्सालेट और फास्फोरस को बांधता है, अवशोषण को रोकता है और मूत्र के ऑक्सालेट और मूत्र फॉस्फोरस को कम करता है, जो गुर्दे की पथरी के निर्माण में योगदान करते हैं। इन क्रिस्टल को शरीर मल के रूप में बाहर निकाल देता है। अगर आप कैल्शियम की कम मात्रा का सेवन करते हैं, तो अधिक ऑक्सालेट शरीर में अवशोषित हो जाता है, जिससे मूत्र के माध्यम से ऑक्सालेट का अधिक उत्सर्जन होता है। इसका मतलब है कि जब आप उच्च ऑक्सालिक एसिड खाद्य पदार्थों के साथ उच्च कैल्शियम खाद्य पदार्थों का उपभोग करते हैं, तो गुर्दे की पथरी के गठन की संभावना कम होती है। दूसरी ओर, अगर आप कम कैल्शियम आहार के साथ उच्च ऑक्सालिक एसिड वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, तो आपके गुर्दे की पथरी होने की संभावना बढ़ जाती है।

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