खतरनाक हो सकता है हाइपोथायरायडिज्म रोग? जानें इसके लक्षण और इलाज

हाइपोथायरायडिज्म लोगों में होने वाली एक आम समस्या है, लेकिन इसका इलाज कराना बहुत जरूरी होता है नहीं तो ये आपको काफी नुकसान पहुंचा सकता है। 

Vishal Singh
अन्य़ बीमारियांWritten by: Vishal SinghPublished at: Nov 01, 2012
खतरनाक हो सकता है हाइपोथायरायडिज्म रोग? जानें इसके लक्षण और इलाज

हाइपोथायरायडिज्म(Hypothyroidism) लोगों में होने वाली एक आम समस्या है, जिसमें थायराइड ग्लैंड थायराइड हार्मोन का सही मात्रा में उत्पादन नहीं कर पाता। वैसे तो हाइपोथायरायडिज्म का मुख्य कारण आयोडीन होता है, शरीर में सही मात्रा में आयोडीन की पूर्ति न होने के कारण हाइपोथायरायडिज्म की समस्या पैदा होती है। ये उन समस्याओं में से भी एक है जिसमें महिला को बच्चे को जन्म देने के बाद हो सकती है। बच्चे के जन्म के बाद उसकी मां को इसका खतरा लगभग एक साल तक होता है। हाइपोथायरायडिज्म की समस्या जिसे भी होती है उसके शरीर का विकास काफी धीमा हो जाता है और चयापचय को भी कम कर देता है। हम इस लेख के जरिए हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण, इलाज और खतरे के बारे में बात कर रहे हैं। 

Hypothyroidism

हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण

हाइपोथायरायडिज्म(Hypothyroidism) के लक्षण हर किसी को एक तरह के नहीं हो सकते, ये हर शख्स को अलग-अलग भी हो सकते हैं। हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण एक बार में या कुछ दिनों में पता नहीं चलता, इस रोग के लक्षण महीनों और कई बार कुछ सालों में सामने आते हैं। इसका कारण ये है कि इसके लक्षण बहुत ही धीरे-धीरे विकसित होते हैं। 

  • डिप्रेशन। 
  • बालों हद से ज्यादा झड़ना। 
  • चेहरे पर पीलापन रहना। 
  • त्‍वचा में सूखापन और खुजली होना।
  • लगातार वजन बढ़ना। 
  • प्यास ज्यादा लगाना।
  • कब्ज की समस्या। 
  • जल्द थकावट होना।
  • मांसपेशियों में थकावट महसूस होना।
  • जोड़ों में दर्द रहना।
  • गले में सूजन पैदा होना। 
  • हकलाहट या आवाज में अचानक भारीपन होना।
  • महिलाओं में असामान्य मासिक चक्र।
  • कुछ भी निगलने में परेशानी होना।

Hypothyroidism

किन लोगों को होता है हाइपोथायरायडिज्म का खतरा? 

  • वैसे तो ये एक ऐसी समस्या या रोग है जिसका शिकार कोई भी हो सकता है और किसी भी उम्र के लोग हो सकते हैं। लेकिन ज्यादा खतरा कुछ लोगों को होता है जिसका हम जिक्र करने जा रहे हैं। 
  • बुजुर्ग लोगों में इसका खतरा बढ़ जाता है। 
  • महिलाओं में पुरुषों की तुलना में हाइपोथायरायडिज्म(Hypothyroidism) का खतरा ज्यादा रहता है। 
  • डायबिटीज के रोगी, पर्नियस एनीमिया, रूमेटोइड गठिया, एडिसन रोग आदि जैसे रोगियों को भी इसका खतरा काफी होता है। 
  • मनोवैज्ञानिक स्थितियों वाले लोग हमेशा इसकी चपेट के आने के खतरे में रहते हैं। 
  • जिन लोगों के इम्यून सिस्टम में हमेशा समस्या रहती हो। 

इसे भी पढ़ें: हाइपर-थाइरॉइडिस्म है तो भूल कर भी ना खाएं ये खाना

हाइपोथायरायडिज्म से निजात पाने का सही तरीका

प्रोटीन की कमी को दूर करें

प्रोटीन एक ऐसा न्यूट्रीएंट्स है जो हमे स्वस्थ रखने का काम करता है, इसके साथ ही प्रोटीन हमारे सभी हिस्सों में थायराइड हार्मोन का संचार करने का काम करता है। आप अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ा कर अपने आपको जल्द स्वस्थ कर सकते हैं। 

कैफीन और शुगर का सेवन करें कम

हाइपोथायरायडिज्म(Hypothyroidism) रोग से छुटकारा पाने के लिए आपको कैफीन और शुगर की मात्रा को कम करने की जरूरत होती है। इसके साथ ही आप आटा जैसे रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का सेवन भी कम कर दें। हाइपोथायराइडिज्‍म की समस्या में शरीर में शुगर की मात्रा कम होनी चाहिए तभी आप इस रोग से जल्द छुटकारा पा सकते हैं। 

इसे भी पढ़ें: आपको पता है क्यों होता है थाइराइड रोग?जानें इसका कारण और इससे बचाव के तरीके

आयोडीन का ज्यादा सेवन करें

ज्यादातर लोग जानते हैं कि थायराइड की समस्‍या का मुख्य कारण होता है आयोडीन की कमी। इस रोग में भी आयोडीन की एक अहम भूमिका मानी जाती है। आप अपने शरीर में आयोडीन की मात्रा को पूरा करें। अंडे, शतावरी, मशरूम, पालक और लहसुन से भी आयोडीन की कमी को दूर कर सकते हैं। 

इन सबके साथ आपके लिए जरूरी है कि आप डॉक्टर की सलाह जरूर लें। 

Read More Articles On Other Diseases In Hindi

Disclaimer