हायपरथायराइडिज्‍म में आहार-योजना

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 06, 2012

हायपरथायराइडिज्‍म वह स्थिति होती है जिसमे थायराइड ग्रंथि ओवर एक्टिव हो जाती है। इसके कारण हार्मोन का स्राव अधिक होता है। इसका असर मेटाबॉलिज्‍म के स्‍तर पर पड़ता है। इसमें थायरॉक्सिन हार्मोन ज्‍यादा बनने के कारण वजन कम होने लगता है। शरीर का तापमान सामान्‍य से अधिक हो जाता है, अनिद्रा, उत्‍तेजना, घबराहट और चि‍ड़चिड़ापन जैसे समस्‍यायें शुरू हो जाती हैं। हाइपरथायराइडिज्‍म में मधुमेह होने की संभावना भी बढ़ जाती है। हाइपरथायराइडिज्‍म (ओवरएक्टिव थायराइड ग्‍लैंड) को सामान्‍य बनाने में खान-पान का बहुत रोल होता है। आइए हम आपको बताते हैं कि हायपरथायराइडिज्‍म में आपकी आहार योजना कैसी हो।

 

[इसे भी पढ़ें : थायराइड फंक्‍शन में वृद्धि के लिए आहार]

हायपरथायराइडिज्‍म में आहार-योजना –

कम आयोडीन युक्‍त आहार – जब शरीर में आयोडीन की मात्रा ज्‍यादा होती है तब थायराइड ग्रंथि ओवरएक्टिव होता है और हायपरथायराइडिज्‍म की स्थिति पैदा होती है। आयोडीन का सबसे अच्‍छा स्रोत खाद्य-पदार्थ होता है। इसलिए हायपरथायराइडिज्‍म में ज्‍यादा आयोडीन वाले खाने को खाने से बचें। समुद्री मछली, समुद्र के आसपास उगे पौधों को खाने से बचें, क्‍योंकि इनमें आयोडीन की मात्रा बहुत ज्‍यादा होती है। इसलिए खाते वक्‍त यह सुनिश्चित कर लीजिए कि जो आप खा रहे हैं उसमें आयोडीन की मात्रा ज्‍यादा तो नहीं।

 

इन खाद्य-पदार्थां से बचें – हायपरथायराइडिज्‍म में थायराइड ग्रंथि से ओवर एक्टिव हो जाती है हार्मोन का निर्माण ज्‍यादा मात्रा में होता है। ऐसे में कुछ खाद्य-पदार्थ ऐसे भी हैं जो थायराइड हार्मोन के उत्‍पादन को प्रभावित करते हैं। ऐसे खाद्य-पदार्थों को खाने से बचिए। गोभी, फूलगोभी, स्‍प्राउट, सरसों का साग, आड़ू, सोयाबीन, पालक और शलजम थायराइड हार्मोन के उत्‍पादन को रोकते हैं। इसलिए इनको बिलकुल मत खाइए। इसके अलावा रिफाइंड शूगर, कॉफी, कोल्‍ड ड्रिंक, जैसे पेय जिनमें कैफीन की मात्रा हो, उनको भी खाने से परहेज करना चाहिए।

 

[इसे भी पढ़ें : क्‍यों होता है हायपरथायराइडिज्‍म]

ऐसे खाद्य-पदार्थ जिनको अक्‍सर खाया जा सकता है –

हायपरथायराइडिज्‍म में ऐसे खाद्य-पदार्थ जो आसानी से पच जाते हों उनको खा सकते हैं। ऐसा भोजन जो खाने के बाद तीन घंटे में पच जाता है उनको खाइए, इन खाद्य-पदार्थों से मेटाबॉलिज्‍म का स्‍तर बढ़ता है। ठंडे पानी की मछली और मछली का तेल (जिसमें ईपीए और डीएचए की मात्रा 1 से 2 ग्राम मौजूद होती है जो थायराइड फंक्‍शन के लिए फायदेमंद होते हैं) थायराइड फंक्‍शन के लिए फायदेमंद होता है।

 

साबुत खाद्य-पदार्थ खाइए – हायपरथायराइडिज्‍म की समस्‍या तभी होती है जब शरीर में आवश्‍यक और पोषक तत्‍वों की कमी होती है। कभी-कभी आप ऐसे फूड्स खाते हैं लेकिन उनकी पोषण क्षमता समाप्‍त हो जाती है। इसलिए साबुत अनाजों को खाइए। साबुत अनाज जैसे – ब्राउन राइस, गेहूं, चना आदि खाइए। साबुत अनाज में भरपूर मात्रा में कैल्सियम और आयरन होता है हडि़डयां मजबूत होती हैं। चूंकि थायराइड हार्मोन जब ज्‍यादा बनता है तो उसका असर हड्डियों पर ज्‍यादा होता है।

 

पोषणयुक्‍त आहार सभी के लिए जरूरी होता है, लेकिन हायपरथायराइड की समस्‍या के मरीज डाइट चार्ट बनाते वक्‍त एक बार चिकित्‍सक से संपर्क अवश्‍य कीजिए।

 

Read More Articles on Hyperthyroidism in Hindi.

Loading...
Is it Helpful Article?YES4 Votes 12215 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK