शिशुओं में बंद नाक के लिए नेजल ड्रॉप (नाक में डालने वाले ड्रॉप) का इस्तेमाल करें, तो बरतें ये सावधानी

शिशुओं को नेजल ड्रॉप्स देते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखें। ताकि आप उन्हें इसके दुष्प्रभाव से सुरक्षित रख सकें। 

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraUpdated at: Aug 30, 2021 12:30 IST
शिशुओं में बंद नाक के लिए नेजल ड्रॉप (नाक में डालने वाले ड्रॉप) का इस्तेमाल करें, तो बरतें ये सावधानी

बदलते मौसम में छोटे बच्चों को सर्दी-जुकाम की समस्या काफी ज्यादा होने लगती है। ऐसे में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सर्दी-जुकाम के कारण नाक में जब काफी ज्यादा बलगम जमा हो जाता है, तो शिशुओं को सांस लेने में काफी ज्यादा तकलीफ होने लगती है। इस स्थिति में अधिकतर माता-पिता अपने बच्चे को नेजल ड्रॉप्स देना सुरक्षित समझते हैं। नेजल ड्रॉप्स के इस्तेमाल से बंद नाक की समस्या दूर की जा सकती है। लेकिन क्या बच्चों को नेजल ड्रॉप देना सुरक्षित है? अगर आपके मन में भी यह सवाल है, तो आज इस लेख से हम इस बारे में जानेंगे। साथ ही नेजल ड्रॉप देते समय बरती जानें वाली सावधानियों के बारे में भी हम आपको बताएंगे। तो चलिए जानते हैं इस बारे में-

क्या शिशुओं को नेजल ड्रॉप देना है सुरक्षित? 

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफोर्मेशन (NCBI) पर छपे रिसर्च के मुताबिक, शिशुओं को बंद नाक की समस्या से राहत दिलाने में सेलाइन ड्रॉप्स एक प्रभावी और सुरक्षित तरीका है। इतना ही नहीं इस रिसर्च में यह भी कहा गया है कि नेजल ड्रॉप्स के इस्तेमाल से शिशुओं को बंद नाक की समस्या से राहत मिलने के साथ-साथ कमजोरी और नींद की परेशानी से भी राहत मिलता है। 

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शिशुओं को कैसे दें नेजल ड्रॉप्स?

शिशुओं को नेजल ड्रॉप्स देते समय कुछ विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। चलिए जानते हैं इस बारे में-

  • शिशु को नेजल ड्रॉप्स देते समय सबसे पहले अपने हाथों को अच्छी तरह से धोएं। ताकि आपके हाथों में लगी गंदगी से शिशु को कोई नुकसान न हो। 
  • डॉक्टर की सलाहनुसार ड्रॉपर या सिरिंच में सही मात्रा में डोज लें।
  • इसके बाद शिशु को अपने गोद में आराम से लिटाएं। 
  • फिर अपने एक हाथ से उनके मुंह को पकड़ें, ताकि वह अपना मुंह ज्यादा न हिला सके।
  • इसके बाद दूसरे हाथ की मदद से उनके नाक में ड्रॉप डालें। 
  • अगर आपको शिशु के नाक में ज्यादा बलगम दिख रहा है, तो सबसे पहले बलगम को साफ करें उसके बाद ही ड्रॉप डालें। 
  • नाक में ड्रॉप डालते समय ड्रॉपर को शिशु के नाक के अंदर न ले जाएं। ड्रॉप को आपको नाक के छिद्रों के बाहर छोड़ना है, यह खुद-ब-खुद अंदर चला जाएगा।
  • जब तक ड्रॉप नाक के अंदर पूरी तरह से न जाए, तब तक शिशु के मुंह को पकड़कर रखें। 

शिशुओं को नेजल ड्रॉप्स से होने वाले फायदे

शिशुओं को बंद नाक की समस्या से राहत दिलाने में नेजल ड्रॉप्स कारगर साबित होता है। साथ ही इसके कई अन्य फायदे भी हैं। चलिए जानते हैं इस बारे में -

  • बैक्टीरिया, वायरस और एलर्जी की वजह से नाक में होने वाले सूजन से राहत दिलाने में नेजल ड्रॉप्स फायदेमंद हो सकता है। 
  • सांस लेने की परेशानी से राहत दिलाने में नेजल ड्रॉप्स असरदार है। 
  • नेजल ड्रॉप्स के इस्तेमाल से नाक में जमा बलगम पतला होता है, जिससे बंद नाक की परेशानी दूर होती है।
  • छोटे बच्चों को सर्दी-जुकाम की परेशानी से राहत दिलाने में नेजल ड्रॉप्स फायदेमंद है। 

शिशुओं को नेजल ड्रॉप्स से होने वाले नुकसान

शिशुओं के लिए नेजल ड्रॉप्स बिल्कुल सुरक्षित माना जाता है। लेकिन इसके कुछ संभावित साइड-इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। जैसे-

  • नाक के अंदर चुभन महसूस होना।
  • नाक में सूखापन होना।
  • कुछ बच्चों को नाक के अंदर खुजली महसूस होती है। 
  • सिरदर्द की समस्या काफी ज्यादा होना।
  • छींक आना
  • गले में दर्द होना।

ध्यान रखें कि नेजल ड्रॉप्स बच्चों के लिए सुरक्षित होते हैं। लेकिन बिना एक्सपर्ट की राय के शिशुओं को नेजल ड्रॉप्स देने से बचें। नेजल ड्रॉप्स की सही मात्रा जानने के लिए डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है। 

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