अर्थराइटिस के दर्द से तुरंत छुटकारा दिलाएंगी ये 2 थेरेपी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 25, 2018
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Quick Bites

  • अर्थरा‍इटिस में मददगार है हीट एंड कोल्‍ड थेरेपी।
  • इसमें मरीज को ठंडी या गर्म सिंकाई करनी होती है।
  • गर्म सिंकाई से अकड़न दूर करने में मिलती है मदद।

अर्थराइटिस के दर्द से छुटकारा पाने का सबसे आसान और किफायती तरीका है गर्म और ठंडा इलाज। इस थेरेपी के कई प्रकार होते हैं। आपको दर्द से राहत पाने के लिए अपने लिए सबसे मुफीद तरीका चुनना चाहिये। हमने कई रोगों से सुना है कि हॉट एंड कोल्‍ड थेरेपी दर्द को कम करने में मदद करती है। और इसलिए अर्थराइटिस को दूर करने में भी इसे उपयोगी माना जाता है। कई डॉक्‍टर गर्म और ठंडे दोनों इलाज को अर्थराइटिस के कारण होने वाले दर्द, सूजन और अकड़न को कम करने का जरिया मानते हैं।

शुरुआत में आप इस तरीके को आजमाने से हिचक सकते हैं। हो सकता है कि आप कुछ गलतियां भी कर दें। लेकिन एक बार जब आप इस पद्धति को अच्‍छे से करने लगेंगे तो आपको इसके काफी फायदे भी होंगे। तो, अपने डॉक्‍टर से बात कर आप हॉट एंड कोल्‍ड थेरेपी का सही संतुलन चुन सकते हैं। इससे आपको अर्थराइटिस के दर्द से राहत मिल सकती है। आइये इस इलाज के सही संतुलन के बारे में जानें।

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कैसे काम करती है यह थेरेपी

हीट एंट कोल्‍ड थेरेपी वास्‍तव में शरीर की अपनी हीलिंग पावर को उत्‍तेजित करता है। गर्मी से रक्‍तवाहिनियां चौड़ी हो जाती हैं, जिससे रक्‍त संचार बढ़ जाता है। इससे मांसपेशियों में ऐंठन कम होती है। इसके अलावा गर्मी से आपके दर्द का अनुभव भी कम हो जाता है। रक्‍त संचार की समस्‍या से जूझ रहा व्‍यक्ति या तो ड्रॉय या नमी वाली हीट किसी का भी इस्‍तेमाल कर सकता है। ड्राय हीट या सूखी गर्मी में आप आप हीटिंग पैड का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। वहीं माइस्‍ट हीट में गर्म पानी में भीगे गर्म कपड़ों से सिंकाई शामिल होती है। वहीं कोल्‍ड थेरेपी में आपकी रक्‍तवाहिनियां सिकुड़ जाती हैं। शुरुआत में इससे आपको काफी परेशानी हो सकती है, लेकिन आखिर में इससे आपको काफी आराम होता है।

इसे भी पढ़ें: जानिये क्या हैं सोरियाटिक अर्थराइटिस के लक्षण और कैसे करें इससे बचाव

प्रक्रिया कैसे अपनायी जाती है

1# मॉइस्‍ट थेरेपी

नमी वाली थेरेपी इस्‍तेमाल करते समय इस बात का ध्‍यान रखें कि तापमान बहुत अधिक न हो। अन्‍यथा इससे आपकी त्‍वचा जल भी सकती है। ऐसे में जरूरी है कि आप गर्मी का सही तापमान रखें। फिर चाहे आप नहा रहे हों, स्‍पा में हों या फिर गर्म पानी का प्रयोग कर रहे हों।

अगर आप व्‍यायाम करते हैं तो इस तरह के हीट थेरेपी को व्‍यायाम से 15 मिनट पहले इस्तेमाल करना चाहिये। और कसरत के बाद एक बार फिर इस थेरेपी का इस्‍तेमाल करें। वैसे दर्द से राहत पाने के लिए गर्म पानी की सिंकाई कभी भी की जा सकती है।

इसे भी पढ़ें: अर्थराइटिस को बढ़ाते हैं ये 5 फूड्स, गलती से भी ना करें सेवन

2# कोल्‍ड थेरेपी

इस थेरेपी में आप बर्फ को एक तौलिये अथवा बैग में लपेटकर इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा आप दवा की दुकान से जैल से भरा कोल्‍ड पैक भी खरीद सकते हैं। इसे दर्द वाले हिस्‍से पर दस मिनट तक लगाइये। इसके अलावा आप फ्रोजन सब्जियों को तौलिये में लपेटकर उससे भी सिंकाई कर सकते हैं।

अर्थराइटिस से पीडि़त लोगों को दर्द और अकड़न से निजात पाने के लिए आमतौर पर हॉट बॉथ और स्‍पा आदि का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। इससे मांसपेशियां खुलती हैं और शरीर में रक्‍त संचार सुधरता है। इससे दर्द में राहत मिलती है। लेकिन, अगर आप गर्भवती हैं और आपको उच्‍च रक्‍तचाप अथवा हृदय रोग है तो आपको हॉट ट्यूब और स्‍पा का इस्‍तेमाल नहीं करना चाहिये।

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