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गर्मी में पित्त बढ़ने से होती है पेट में जलन और एसिडिटी की परेशानी, जानें पित्त दोष को संतुलित करने के 6 उपाय

Pitta Dosha in Hindi: गर्मी में पित्त बढ़ने पर आप कुछ आसान उपायों को अपना सकते हैं। इससे पेट की जलन और एसिडिटी में भी आराम मिलेगा।

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Apr 26, 2022Updated at: Apr 26, 2022
गर्मी में पित्त बढ़ने से होती है पेट में जलन और एसिडिटी की परेशानी, जानें पित्त दोष को संतुलित करने के 6 उपाय

How to Balance Pitta Dosha in Summer: आयुर्वेद के अनुसार स्वस्थ रहने के लिए शरीर में पित्त, कफ और वात का संतुलन में रहना बहुत जरूरी होता है। जब इनमें से कोई भी प्रकृति असंतुलित होती है, तो तरह-तरह क रोग पैदा होने लगते हैं। आज हम बात कर रहे हैं गर्मी में पित्त दोष को कैसे शांत किया जा सकता है। इस समय मौसम में गर्मी बढ़ी है, इसके चलते शरीर में भी गर्मी बढ़ने लगती है। इसके चलते आपको पेट में जलन, एसिडिटी की समस्या हो सकती है। इससे शरीर में पित्त दोष पैदा हो जाता है। शरीर में पित्त बढ़ने पर मुंह में छाले, गले में सूजन, अधिक थकान, बहुत ज्यादा गुस्सा आना, ठंडी चीजें खाने की इच्छा होना जैसे लक्षण (Pitta Increase Symptoms) दिखाई देते हैं। रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा से जानें गर्मियों में पित्त दोष को शांत करने के लिए कौन-कौन से उपाय अपनाने चाहिए। 

1. गर्मी में खुद को हाइड्रेट रखें

पित्त को शांत रखने के लिए खुद को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी होता है। इसके लिए आप दिनभर में 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं। साथ ही अपनी डाइट में नारियल पानी, तरबूज का रस भी पिएं। खीरा, ककड़ी, गुलाब का शरबत भी गर्मी में आपको हाइड्रेट रखने में मदद करता है। हाइड्रेट रखने के लिए आप नींबू पानी भी पी सकते हैं। इससे शरीर को ठंडक मिलेगी, पेट की गर्मी शांत रहेगी।

2. गर्मियों में मसालेदार भोजन खाने से बचें

गर्मियों में आपको मसालेदार, मिर्च और नमकीन चीजों से परहेज करना चाहिए। क्योंकि ये सभी चीजें शरीर में पित्त को असंतुलित करते हैं। इसके अलावा रेड वाइन, रेड मीट भी शरीर में गर्मी बढ़ाते हैं। इसलिए गर्म तासीर की चीजों से आपको पूरी तरह से परहेज करना चाहिए। गर्मी में गर्म भोजन खाने से भी बचें। थोड़ा ठंडा होने के बाद ही कोई भी खाना खाएं।

3. मीठा और कसैला खाना खाएं

गर्म, खट्टा खाना पित्त को बढ़ाता है। वही मीठा, ठंडा और कसैला भोजन पित्त को शांत करने में मदद करते हैं। इसके लिए आप अपनी डाइट में दूध, दही, घी, खीरा, सेब, नाशपाती, तरबूज आदि शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा शतावरी, ब्रोकोली भी गर्मियों में खाना फायदेमंद होता है। पित्त को शांत करने के लिए लंच में आप पत्तेदार साग खा सकते हैं। गर्मी में पित्त को शांत रखने के लिए अधिक मात्रा में फलों, सब्जियों को शामिल करें।

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4. 10 बजे से 3 बजे तक धूप के संपर्क में आने से बचें

धूप हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है, इससे हमें पर्याप्त विडामिन डी मिलता है। लेकिन गर्मियों में दोपहर की धूप शरीर में पित्त को बढ़ा सकती है। इसलिए गर्मियों में 10 बजे से लेकर 3 बजे तक धूप के संपर्क में आने से बचना चाहिए। गर्मी में घर से बाहर निकलने पर सूती कपड़े पहनें। इससे त्वचा सांस ले पाएगी। साथ ही हल्के रंग के कपड़े पहनें, जैसे-सफेद, नीला, हरा या ग्रे। साथ ही अपने सिर को भी टोपी से ढकें।

5. शाम को टहलने जरूर जाएं

गर्मियों की धूप पित्त को बढ़ाती है, इसलिए आपको शाम के समय टहलने जाना चाहिए। पित्त को संतुलित करने के लिए आप शाम को समुद्र तट या ठंडी हरी घास पर टहलने जा सकते हैं। चंद्रमा की ठंडी किरणों को लें, इससे पित्त दोष शांत होता है।

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6. प्राणायाम करें

गर्मी में हैवी एक्सरसाइज, योगासन करने से बचना चाहिए। क्योंकि इससे शरीर में पित्त दोष बढ़ सकता है। पित्त को शांत करने के लिए आप गर्मी के मौसम में प्राणायाम कर सकते हैं। गर्मियों में आप शीतली प्राणायाम, कपालभाति कर सकते हैं। इसके अलावा कोबरा पोज भी आप कर सकते हैं। इससे शरीर में पित्त संतुलन में रहेगा। 

गर्मी में पित्त को संतुलन में रखने के लिए आपको अधिक मसालेदार भोजन, गर्म तासीर के खाद्य पदार्थों जैसे अदरक, लहसुन खाने से बचना चाहिए। इसके बजाय आपको ठंडी तासीर के खाद्य पदार्थों, लिक्विड डाइट को अधिक मात्रा में लेना चाहिए।

 
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