बीमारी को न्योता देना है बेसमय खाना

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 22, 2016
Quick Bites

  • कभी भी कुछ भी खाने से पेट खराब रहता है।
  • कभी भी कुछ भी खाने से बाडी क्लाक बिगड़ता है।
  • कभी भी कुछ भी खाने से मोटापा बढ़ता है।

क्या देर रात काम करने के कारण आपने कभी अपना डिनर छोड़ा है या फिर सुबह देर से उठने के कारण आपने अपना नाश्ता छोड़ा हो। ऐसा अकसर होता है। मौजूद प्रतिस्पधी जीवनशैली में यह जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बन गया है। कभी नाश्ता छोड़ना होता है तो कभी डिनर। संभवतः इससे कोई फर्क भी नहीं पड़ता। है न? नहीं। ऐसा बिल्कुल नहीं है। अगर आपमें कभी भी कुछ भी खाने की आदत है तो आपको बता दें कि यह शरीर के लिए हानिकारक है। ऐसी आदत हमारे शरीर को अंदर तक खोखला कर देती है। प्रोसीडिंग्स आफ दी न्यूट्रीशन सोसाइटी के मुताबिक ऐसी जीवनशैली से हम कई बीमारियों को दावत दे रहे होते हैं। इनमें सबसे सामान्य है मोटापा। इसके और भी नकारात्मक प्रभाव हैं। आइये इनके बारे में जानें।

 

नाश्ता मोटापा घटाता है

अगर आप नाश्ता छोड़ते हैं और इसके बजाय किसी अन्य समय खाने को तरजीह देते हैं तो यह मोटापा बढ़ना है। दरअसल समूचे विश्व में इस बात को नोटिस किया गया है कि जो लोग नाश्ता करते हैं, वे कम मोटे होते हैं। उनका स्वास्थ्य बेहतर रहता है। इतना ही नहीं उन्हें कोई गंभीर बीमारी भी नहीं होती। दरअसल नाश्ता इसलिए सही समय पर करना जरूरी है क्योंकि इसके बात हमारा शरीर सक्रिय रहता है। हम घर से दफ्तर या कालेज पहुंचने के लिए सजग रहते हैं। मतलब यह कि हम मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से सक्रिय रहते हैं। ऐसे में सही समय पर नाश्ता कर निकलें तो यह स्वास्थ्य को ऊर्जावान बनाए रखता और अगले भोजन तक शरीर में किसी चीज की कमी नहीं होने देता।

 

कुछ भी खाना

जब हम समय अनुसार खाना नहीं खाते तो कुछ भी खाने को तरजीह दे देते हैं। आपको बताते चलें कि जब हम कुछ भी खाते हैं, तो उससे न सिर्फ कैलोरी बढ़ती है बल्कि ऐसे में हम अस्वस्थ आहार चुनते हैं। यह हमारे शरीर को सकारात्मक नहीं बल्कि नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। असल में कुछ भी खाने का मतलब है हम ऐसे आहार का चयन करते हैं जो तुरत फुरत खाया जा सके या फिर पैक्ड हो जिसे चलते हुए भी खाया जा सके। कुछ लोग ऐसे में चिप्स जैसी चीजों को चुनते हैं। ये हमारे शरीर में न तो ऊर्जा भरते हैं और न किसी तरह लाभ पहुंचाते हैं। इसके उलट हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। इसे कई त्वचा सम्बंधी बीमारी हमें आ दबोचती है।

 

कोलेस्ट्रोल बढ़ना

सही समय पर न खाना या फिर गलत आहार लेने से शरीर में कोलेस्ट्रोल का स्तर बढ़ जाता है। आपको बता दें कि इसका हमारे हृदय पर बुरा प्रभाव पड़ता है। अध्ययनों की मानें तो जो लोग नियमित 6 बार अलग अलग समय आहार लेते हैं, वे बेहतर जीवन व्यतीत करते हैं। जबकि जो लोग खाने के सम्बंध में समय के पाबंद नहीं होते या फिर कुछ भी कभी खाने को महत्व देते हैं, वे कोलेस्ट्रोले, हृदय सम्बंधी बीमारी से दो चार रहते हैं।

 

बाडी क्लाक बिगड़ना

हमारा शरीर समय का पाबंद होता है। हमारी रोजमर्रा की जीवनशैली से चलने का मतलब है कि हमारा शरीर उस निश्चित समय और वस्तु का बाध्य है। यदि जैसा रोजाना होता है, वैसा न हो तो शरीर को गड़बड़ी का एहसास होता है। बाडी क्लाक का बिगड़ना इसका ही रिज़ल्ट है। दरअसल हम सही समय पर पाबंद न हों तो इससे शरीर समझ नहीं पाता कि उसके साथ किस समय क्या होना है और उसे किस समय क्या करना है। ऐसे में वह हमेशा गड़बड़ रहता है। परिणामस्वरू बीमारियां हमें आ दबोचती हैं।

 

आलस

सही समय पर न खाने से हम थकन भी महसूस करते हैं। यही नहीं हर समय पेट खाली होने का एहसास बना रहता है। नतीजनत आलस और थकन हमें बुरी तरह जकड़ लेते हैं। असल में यह किसी बीमारी से कम नहीं है। सही समय पर खाना और सही चीज खाना हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। लेकिन इन्हीं चीजों की अदेखी करने का मतलब है कि हम हर समय अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। आलस, थकन, बोझिल जिंदगी से निदान चाहिए तो बेहतर है समय के पाबंद बनें और कुछ भी खाने से बचें। स्वस्थवर्धक आहार ही लें।

 

पेट खराब रहना

असमय खाने से पेट खराब रहने की समस्या भी निरंतर बनी रहती है। असल में जब हम सही समय पर खाते नहीं है, सही समय पर सोते नहीं है तो इससे पेट खराब होना लाजिमी है। ऐसे में यह जरूरी है कि खाने, सही खाने और समय पर सोने का नियम बांधें। सही समय पर हर चीज करने से पेट सही रहता है। आपको बता दें कि पेट साफ तो आप स्वस्थ। यदि पेट से जुड़ी छुटपुट समस्या भी बनी रहती है तो यह बुरे संकेत हैं। कोई गंभीर बीमारी भी आपके दरवाजे दस्तक दे सकती है।

 

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