गर्भावस्‍था में हार्मोन्‍स में बदलाव के कारण बढ़ जाती है खाने की इच्‍छा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 31, 2013
Quick Bites

  • खास खाने की इच्‍छा को फूड क्रेविंग कहते हैं यह हार्मोंस की वजह से होता है। 
  • ब्रिस्टल विवि के शोध के मुताबिक 60-80 पर्सेंट लोगों में फूड क्रेविंग होती है।
  • यदि महिला जरूरत से ज्‍यादा खाये तो वह हमेशा के लिए मोटी हो सकती है।
  • मोटापे का असर बच्‍चे के विकास पर पड़ता है और प्रसव में समस्‍या होती है।

गर्भावस्‍था के दौरान हार्मोन्‍स में बदलाव के कारण खाने की इच्‍छा होती है। गर्भवती होने के बाद महिला खुद का ज्‍यादा ध्‍यान रखने लगती हैं, ऐसे में वे खाने-पीने पर ज्‍यादा ध्‍यान देती हैं जिसके कारण खाने की इच्‍छा बढ़ती है। गर्भावस्‍था के दौरान फूड क्रेविंग विटामिंस और मिनरल्‍स की कमी के कारण होती है।

किचन में सेब के साथ महिला पुराने समय में जब किसी महिला की इच्‍छा खट्टा खाने की होती तो उसके गर्भवती होने का अंदाजा लगाया जाता था। प्रेग्‍नेंसी के दौरान महिला को कुछ खास खाने की इच्‍छा होती है। गर्भावस्‍था के दौरान खाने की इच्‍छा को सामान्‍य समझा जाता है और उनको खाने से रोका नही जाता है। लेकिन इस दौरान ज्‍यादा खाने से ओवरवेट का खतरा बढ़ जाता है जो मां और बच्‍चे दोनों के लिए खतरनाक है।

गर्भावस्‍था के दौरान जब पानी की पूर्ति ठीक ढंग से नही हो पाती है जिसके कारण डिहाइड्रेशन होता है तब और भूख लगती है। आइए हम आपको बताते हैं कि गर्भावस्‍था के दौरान खाने की इच्‍छा क्‍यों बढ़ती है और इसके नुकसान क्‍या हैं।

फूड क्रेविंग क्‍या है

खास खाने की इच्‍छा को फूड क्रेविंग कहते हैं। किसी खास खाने की इच्‍छा होना सामान्‍य बात है लेकिन गर्भावस्‍था के दौरान हार्मोंस में परिवर्तन के कारण फूड क्रेविंग होती है। ब्रिस्टल युनिवसिर्टी द्वारा की गई एक रिसर्च के मुताबिक 60-80 पर्सेंट लोगों में फूड क्रेविंग होना पाया गया है। इस रिसर्च में कई दिलचस्प बातें भी पता चलीं। मसलन पुरुष तब क्रेव महसूस करते हैं, जब उन्हें जबर्दस्त भूख लगी हो, जबकि महिलाओं को किसी खास डिश की इच्छा तब होती है, जब वे गर्भवती हों या फिर तनाव में हों।  

ब्रिस्टल युनिवर्सिटी के एक्सपेरिमेंटल साइंटिस्ट डॉ. पीटर रोजर्स के मुताबिक, 'गर्भावस्‍था के दौरान महिलाओं को वही चीजें भाती हैं, जिनकी मनाही होती है जैसे कि चिप्स, तला हुआ या पेस्ट्री। हम जितना ज्यादा ऐसी चीजों से बचने का प्रयास करते हैं, उन्हें खाने की इच्छा उतनी ही तीव्र होती जाती है।'

ज्‍यादा खाना हो सकता है हानिकारक

  • प्रेग्‍नेंसी के दौरान यदि महिला जरूरत से ज्‍यादा खाना खाती है तो वह जिंदगीभर के लिए मोटी हो सकती है।
  • गर्भावस्‍था के दौरान मोटापे का असर बच्‍चे के विकास पर पड़ता है और डिलीवरी के दौरान भी परेशानी होती है।
  • गर्भवस्‍था के दौरान शुरूआती छ: महीने में बच्‍चे को ज्‍यादा वसा की जरूरत नही होती है।


क्रेविंग से बचने के तरीके

  • प्रेग्‍नेंसी के दौरान क्रेविंग से बचने के लिए खालीपन से बचें। किताब पढें, टीवी देखें या पसंदीदा काम करें। क्रेविंग होने पर चिप्स का पैकेट उठाने के बजाय न्यूजपेपर उठाएं।
  • प्रेग्‍नेंसी में नियमित व्यायाम से स्ट्रेस हॉर्मोस जैसे कॉर्टिसोल का स्तर कम होता है। साथ ही इससे मूड बूस्टिंग हार्मोन्‍स जैसे एंडोर्फिस में वृद्धि होती है। एंडोर्फिस वे केमिकल्स हैं, जिनसे फील गुड की भावना पैदा होती है। व्यायाम से खुशी बढ़ाने वाले हार्मोंस जैसे - सेरोटोनिन, डोपेमाइन और एड्रेनालाइन के स्तर में भी इजाफा होता है।
  • जब भी क्रेविंग हो, एक ग्लास पानी पिएं। गर्भावस्‍था में कई बार डिहाइड्रेशन के कारण भी खाने की इच्‍छा होती है। इसलिए प्रेग्‍नेंसी में ज्‍यादा पानी पीने की सलाह दी जाती है। कुछ-कुछ समय के अंतराल पर पानी पीते रहें।
  • गर्भावस्‍था के दौरान फूड क्रेविंग को पूरी तरह नियंत्रित कर पाना मुश्किल काम है। खुद को पूरी तरह न रोकें।
  • प्रोसेस्ड फूड खाने से बचें। रेडी मील्स में नमक, फैट, शुगर और केमिकल्स की अधिक मात्रा होती है।



गर्भावस्‍था के दौरान यदि फूड क्रेविंग की समस्‍या लगातार बनी रहे तो कंपलीट मल्टीविटामिन और मिनरल सप्लीमेंट्स के लिए अपने डॉक्टर की सलाह अवश्‍य लीजिए।

 

 

Read More Articles on Pregnancy Care In Hindi

Loading...
Is it Helpful Article?YES10 Votes 5973 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK