इस तरह करें गर्भधारण, होगा फायदा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 09, 2017
Quick Bites

  • गर्भधारण करने में दिक्‍कत हो रही है तो पति-पत्‍नी दोनों को टेस्‍ट कराना चाहिए।
  • ओवूलेशन पीरियड को समझें, यह 12वें से 16वें दिन के बीच का हो सकता है।
  • पर्याप्त भोजन और फल खायें, विटामिन की सही मात्रा लें इससे प्रजनन दर बढती है।

मां बनने के लिए महिलाएं कई प्रकार के प्रयोग करती हैं, कुछ तो आसानी से मां बन जाती हैं लेकिन कुछ के लिए मां बनना एक सपना हो जाता है। गर्भधारण करने में अगर दिक्‍कत हो रही है तो पति-पत्‍नी दोनों को टेस्‍ट कराना चाहिए। नियमित चेकअप भी करवायें और संयम रखें। कुछ महिलाओं को मां बनने में दिक्‍कत नहीं आती, जबकि कुछ को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।अगर आपको भी गर्भवती होने में किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो आप इन टिप्स पर ध्यान दे सकती हैं। गर्भधारण के टिप्‍स (tips to get pregnant in Hindi) के माध्यम से आप इसे विषय से संबंधित सामान्य बातों को समझ सकती हैं

 

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गर्भधारण के लिए चिकित्सकीय जांच

आज लोग ज्यादा उम्र में विवाह‍ कर रहे हैं और कई बार अपने करियर के लिए महिलाएं जल्‍दी मां नहीं बनना चाहतीं। ऐसे में अगर आप अभी मातृत्‍व सुख प्राप्‍त करना नहीं भी करना चाहती हैं, तो भी चिकित्सकीय जांच करा लें। अगर आपको सेक्स संबंधी किसी प्रकार की बीमारी है, तो भी आपको इसका पता चल जायेगा। चिकित्सकीय जांच से आप आने वाले दिनों में होने वाली किसी सेक्स समस्या से बच सकेंगी। हो सकता है आप आज से तीन या चार साल बाद मां बनना चाहें। आप चिकित्सक से गर्भधारण के अन्‍य पहलुओं पर भी बातचीत कर सकती हैं।

ओवुलेशन पीरियड में सेक्‍स करें

हर महिला का ओवुलेशन पीरियड उसके मासिक-धर्म के अनुसार हो सकता है। लेकिन सामान्यत: मासिक-धर्म के 16वें और 12वें दिनों का समय ओवुलेशन पीरियड हो सकता है । इस समय सेक्स‍ करने से गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है। जैसे अगर आपके मासिक-धर्म  की शुरुआत 30 तारीख को होनी है तो 14 से 18 तारिख का समय ओवुलेशन का समय होगा।

 

स्वस्थ‍ जीवनशैली अपनाएं

स्वस्थ्य-जीवनशैली का पालन करें। खाने–पीने में पर्याप्त भोजन और फल की मात्रा रखें। विटामिन की सही मात्रा लें क्‍योंकि इससे पुरुष-स्त्री दोनों की प्रजनन दर बढती है। रोजाना व्यायाम करने से भी फायदा होता है।

 

तनाव-मुक्त रहने का प्रयास करें

ज्‍यादातर समय तनाव में रहना भी गर्भधारण ना कर पाने का कारण हो सकता है। तनाव से कामेक्षा कम हो सकती है, और बहुत ज्‍यादा तनाव महिलाओं की मासिक धर्म की प्रक्रिया को भी रोक सकता है। एक शांत मन आपके शरीर पर अच्छा प्रभाव डालता है और आपकी गर्भधारण की सम्भावना को बढ़ता है। इसलिए जितना हो सके तनावमुक्‍त होने का प्रयास करें।

 

सेक्स के बाद थोड़ी देर आराम करें

सेक्स के बाद कुछ देर आप उसी अवस्था में लेटे रहे यानि खड़े न हो एवं अपनी योनी को साफ न करें ताकि आपके पति के शुक्राणु सही जगह पहुंच सकें। इसलिए सेक्स के बाद 15-20 मिनट लेटे रहना ठीक रहता है।

अंडकोष को ज्यादा हीट से बचाएं

यदि शुक्राणु ज्यादा तापमान में आ जायें तो वो मृत हो सकते हैं। इसीलिए बहुत ज्यादा गरम पानी से इस अंग को ना धोएं। वैसे आम तौर पर इतनी अधिक सावधानी लेने की ज़रुरत नहीं है पर जो लोग आग की भट्टी या किसी गरम स्थान पर देर तक काम करते हैं उन्हें सावधान रहने की ज़रुरत है।

 

 

किसी तरह का नशा ना करे

सेक्स के दौरान किसी भी प्रकार का नशा ना करें। साथ ही महिलाओं का अत्यधिक धू्म्रपान करना, मादक पदार्थों का सेवन हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है, और गर्भधारण में बाधक बन सकता है।

 

ल्यूब्रिकेंट्स का प्रयोग न करें

योनि को ल्यूब्रिकेंट्स में प्रयोग होने वाले कुछ ज़ेल्स, तरल पदार्थ, इत्यादि का प्रयोग डाक्टर से बिना पूछे ना करें। वैसे किसी कृत्रिम ल्यूब्रिकेंट्स  का प्रयोग करने की आवश्यकता ही नहीं है, क्योंकि ओगाज़्म के दौरान शरीर खुद ही पर्याप्त मात्रा में तरल द्रव उपज करता है जो शुक्राणु और  ओवा दोनों के लिए स्वस्थ होता है।

 

कई दवाइयां आपकी गर्भधारण की क्षमता पर बुरा प्रभाव डाल सकती हैं। इसलिए दवाओं का उपयोग कम से कम करें। बेहतर होगा कि आप किसी भी दावा को लेने या छोड़ने से पहले डॉक्टर से सलाह ले लें। खुद अपना इलाज करना घातक हो सकता है।

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